इस केस की घोषणा: 2020-007-FB-FBR

इस सप्ताह ओवरसाइट बोर्ड ने अपने उन शुरुआती केस और उनके लिए पब्लिक कमेंट प्रोसेस शुरू करने की घोषणा की है, जिन पर वह विचार-विमर्श करके फ़ैसले लेगा.

आज बोर्ड ने विचार-विमर्श के लिए एक और केस चुना है:

2020-007-FB-FBR

Facebook द्वारा रेफ़र किया गया केस

एक यूज़र ने Facebook ग्रुप पर एक फ़ोटो पोस्ट की, जिसमें चमड़े का कवच पहने एक व्यक्ति को दिखाया गया, जिसके दाएँ हाथ में म्यान वाली तलवार थी. उस फ़ोटो पर मौजूद टेक्स्ट में हिंदी में लिखा था कि पैगंबर की आलोचना करने वाले “काफ़िरों” को जवाब देने के लिए म्यान से तलवार निकाल ली है. उस फ़ोटो में एक लोगो भी था, जिसमें अंग्रज़ी में लिखा था “Indian Muslims” (भारतीय मुसलमान). उसके साथ जो टेक्स्ट था वह भी अंग्रेज़ी में था, जिसमें फ़्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को “the devil” (शैतान) बताने वाले और फ़्रांसीसी प्रोडक्ट का बहिष्कार करने की अपील करने वाले हैशटेग शामिल थे.

Facebook ने हिंसा और उकसावे से संबंधित अपनी पॉलिसी का उल्लंघन करने के लिए उस कंटेंट को हटा दिया. अपने रेफ़रल में Facebook ने कहा कि उन्होंने इस केस को इसलिए गंभीर माना है, क्योंकि इस कंटेंट में विशेष तौर पर एक व्यक्ति, राष्ट्रपति मैक्रों का उल्लेख करते हुए उनके लिए “अप्रत्यक्ष रूप से ख़तरा” पैदा करने की कोशिश की गई है. Facebook ने उल्लेख किया कि यह कंटेंट संबंधित यूज़र ने तब पोस्ट किया, जब फ़्रांस में तनाव चरम पर था.

Facebook ने आगे बताया कि हालाँकि उनकी पॉलिसी उन्हें असल ज़िंदगी से जुड़ी हिंसा की आशंका का निर्धारण करने और उस निर्धारण की तुलना किसी यूज़र की धार्मिक आस्था को व्यक्त करने की क्षमता से करने देती हैं, लेकिन इस केस में किसी एक मत पर पहुँचाना बेहद मुश्किल था.

पब्लिक कमेंट यहाँ सबमिट करें

आज इस केस की घोषणा एक अन्य केस 2020-001-FB-UA की जगह पर की गई है, जो संबंधित यूज़र के एक्शन के चलते अब बोर्ड के रिव्यू के लिए उपलब्ध नहीं है. यह केस किसी पोस्ट पर किए गए कमेंट को लेकर था, जिसमें कमेंट करने वाले यूज़र ने Facebook द्वारा उस कमेंट को हटाने के फ़ैसले के खिलाफ़ अपील की है.

हालाँकि जिस यूज़र ने यह पोस्ट की थी, उस ने बाद में खुद ही प्लेटफ़ॉर्म से इस पोस्ट को डिलीट कर दिया था. इस कारण पोस्ट और उस पर किया गया कमेंट, दोनों ही प्लेटफ़ॉर्म से हटा दिए गए हैं.

Facebook के यूज़र्स को उनका कंटेंट डिलीट करने का अधिकार है. हमारा अनुमान है कि ऐसी घटनाएँ समय-समय पर होती रहेंगी, ख़ास तौर पर प्लेटफ़ॉर्म से कंटेंट हटाने की यूज़र्स की अपील पर आने वाले महीनों में बोर्ड द्वारा विचार-विमर्श शुरू किए जाने के बाद. जिस भी केस में यूज़र के एक्शन के चलते केस वापस लिया जाता है, उसके बारे में बोर्ड तुरंत घोषणा करेगा.

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