ओवरसाइट बोर्ड ने दो केस की सुनवाई करने की घोषणा की है: राष्ट्रपति बाइडेन के वीडियो के साथ छेड़छाड़ और सूडान के संघर्ष से जुड़ी हथियारों वाली पोस्ट

आज बोर्ड दो नए केस की सुनवाई करने की घोषणा करने जा रहा है. इसके तहत हम लोगों और संगठनों को पब्लिक कमेंट सबमिट करने के लिए आमंत्रित कर रहे हैं.

केस का चयन

चूँकि हम सभी अपीलों पर सुनवाई नहीं कर सकते, इसलिए बोर्ड उन केस को प्राथमिकता देता है, जिनका असर दुनिया भर के यूज़र्स पर पड़ सकता है और जो सार्वजनिक विचार-विमर्श के लिए बेहद ज़रूरी होते हैं या जो Meta की पॉलिसी पर बड़े सवाल खड़े करते हैं.

आज हम इन केस की सुनवाई करने की घोषणा करने जा रहे हैं:

राष्ट्रपति बाइडेन के वीडियो के साथ की छेड़छाड़

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कंटेंट को Facebook से हटाने के लिए यूज़र की अपील

पब्लिक कमेंट यहाँ से सबमिट करें, जिन्हें अनाम रूप से भी दर्ज करवाया जा सकता है.

29 अक्टूबर, 2022 को अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन 2022 के मध्यावधि चुनाव में आम मतदान से पहले अपना वोट डालने गए थे. उनके साथ उनकी पोती भी मौजूद थीं, जो 18 वर्ष की उम्र पूरी होने पर अपना पहला वोट डालने पहुँची थीं. वोट डालने के बाद, उन्होंने एक-दूसरे को “I Voted” (मैंने वोट डाला) स्टिकर लगाया. राष्ट्रपति बाइडेन ने अपनी पोती के कहे मुताबिक उनकी टी-शर्ट पर सीने के ऊपर स्टिकर चिपकाया और उन्हें गाल पर चूमते हुए दुलार किया. यह पल कैमरे में कैद किया गया.

मई 2023 में एक Facebook यूज़र ने इसी वीडियो की सात सेकंड की एक छोटी-सी क्लिप पोस्ट की, जिसे मूल वीडियो के साथ छेड़छाड़ करके बनाया गया था. इस वीडियो फ़ुटेज के साथ छेड़छाड़ इसलिए की गई, ताकि वह लूप में चले और उस पल को बार-बार दिखाए, जब राष्ट्रपति बाइडेन का हाथ उनकी पोती के सीने पर था. छेड़छाड़ करके बनाए गए इस वीडियो में अमेरिकी रैपर फ़ैरो मॉन्च के गाने “Simon Says” (साइमन कहता है) का एक छोटा-सा हिस्सा शामिल किया गया है, जिसके बोल हैं “Girls rub on your titties” (लड़कियों अपने स्तन मसलो). वीडियो के कैप्शन में यह कहा गया कि जिस तरह राष्ट्रपति बाइडेन अपनी पोती के सीने को छू रहे हैं उससे लगता है कि वे “a sick pedophile” (पीडोफ़ाइल हैं) (बच्चों के प्रति कामुकता का भाव रखने के विकार से ग्रस्त व्यक्ति) हैं. इसमें यह कहते हुए कि वे “mentally unwell” (मानसिक रूप से अस्वस्थ) हैं, उन लोगों पर भी सवाल खड़े किए गए जिन्होंने उन्हें वोट दिया था.

एक यूज़र ने Meta से इस कंटेंट की रिपोर्ट की, लेकिन कंपनी ने उस पोस्ट को नहीं हटाया. रिपोर्ट करने वाले यूज़र ने अपील की और एक ह्यूमन रिव्यूअर ने कंटेंट को नहीं हटाने के फ़ैसले को कायम रखा. सितंबर 2023 की शुरुआत तक, पोस्ट को 30 से कम बार देखा गया था और इसे किसी ने फिर से शेयर नहीं किया. इसके बाद, उसी यूज़र ने ओवरसाइट बोर्ड से अपील की और बताया कि वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई थी.

बोर्ड द्वारा इस केस को चुनने के बाद Meta ने कन्फ़र्म किया कि कंटेंट को प्लेटफ़ॉर्म से नहीं हटाने का उसका फ़ैसला सही था. Meta के मूल्यांकन के अनुसार, मीडिया फ़ाइल में छेड़छाड़ से जुड़े कम्युनिटी स्टैंडर्ड के तहत इस कंटेंट को हटाने का अधिकार इसलिए नहीं है, क्योंकि यह स्टैंडर्ड सिर्फ़ आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके बनाए गए वीडियो या फिर उन वीडियो पर ही लागू होता है, जिनमें किसी व्यक्ति को ऐसे शब्द कहते हुए दिखाया जाता है जो उन्होंने नहीं कहे थे. Meta ने स्पष्ट करते हुए बताया कि इस केस में गलत जानकारी या धमकी और उत्पीड़न से जुड़े कम्युनिटी स्टैंडर्ड भी लागू नहीं होते हैं. इसके अलावा, Meta के फ़ैक्ट-चेकिंग प्रोग्राम के तहत निष्पक्ष फ़ैक्ट-चेकर्स ने कंटेंट का रिव्यू नहीं किया है, हालाँकि Meta ने माना कि उपलब्ध न्यूज़ कवरेज से पता चलता है कि वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है.

बोर्ड ने यह पता लगाने के लिए इस केस को चुना कि क्या Meta की पॉलिसी के तहत छेड़छाड़ करके बनाए गए उन वीडियो को सही तरीके से कवर किया जाता है, जिनसे लोग भ्रमित होकर राजनेताओं के उन कामों को सही मान सकते हैं, जो उन्होंने नहीं किए हैं. यह केस बोर्ड की चुनावों और नागरिक सहभागिता तथा पॉलिसी के ऑटोमेटेड एन्फ़ोर्समेंट और कंटेंट के क्यूरेशन से जुड़ी प्राथमिकताओं के अंतर्गत आता है.

बोर्ड ऐसे पब्लिक कमेंट की सराहना करता है, जिनसे इस बारे में जानकारी मिले:

  • ख़ास तौर पर अमेरिका में राजनैतिक हस्तियों से जुड़ी धारणा बदलने के लिए कंटेंट में फेरबदल या छेड़छाड़ करके तैयार किए गए वीडियो का उपयोग करने के ऑनलाइन ट्रेंड से जुड़ी रिसर्च.
  • ख़ास तौर से चुनावों के संदर्भ में, मीडिया फ़ाइल में छेड़छाड़ के मामले समेत इससे जुड़ी मौजूदा और आगे आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए Meta की गलत जानकारी से जुड़ी पॉलिसी की उपयुक्तता.
  • ऐसे वीडियो कंटेंट के मामले में Meta की मानवाधिकारों से जुड़ी ज़िम्मेदारियाँ, जिस कंटेंट में किसी राजनैतिक हस्ती के बारे में गलत धारणा बनाने के लिए फेरबदल किया गया हो. साथ ही, जेनरेटिव आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस के डेवलपमेंट को ध्यान में रखते हुए उन ज़िम्मेदारियों को समझने का तरीका.
  • ऑटोमेशन का उपयोग करते हुए, बड़े पैमाने पर वीडियो कंटेंट को वेरिफ़ाई करने में आने वाली चुनौतियाँ और ऐसा करने के जाने-माने तरीके.
  • राजनैतिक दुष्प्रचार या गलत जानकारी के खिलाफ़ कंटेंट हटाने के अलावा की जाने वाली वैकल्पिक कार्रवाइयों के असर पर की गई रिसर्च, जैसे कि फ़ैक्ट-चेकिंग प्रोग्राम या लेबलिंग (जिसे “इन्फ़ॉर्म ट्रीटमेंट” भी कहा जाता है). इसके अलावा, ऐसी कार्रवाइयों में पूर्वाग्रह से बचने से जुड़ी रिसर्च.

अपने फ़ैसलों के तहत, बोर्ड की ओर से Meta को पॉलिसी से जुड़े सुझाव दिए जा सकते हैं. ये सुझाव बाध्यकारी नहीं होते हैं, लेकिन Meta को 60 दिनों के अंदर इन सुझावों पर अपनी राय रखनी होती है. वैसे, बोर्ड इस केस के लिए प्रासंगिक सुझाव देने वाले पब्लिक कमेंट का स्वागत करता है.

सूडान के संघर्ष से जुड़ी हथियारों वाली पोस्ट

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Facebook पर कंटेंट को रीस्टोर करने के लिए यूज़र की अपील

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इस घोषणा को अरबी भाषा में पढ़ने के लिए, यहाँ क्लिक करें.

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जून 2023 में, एक Facebook यूज़र ने बुलेट (बंदूक की गोली) की फ़ोटो पोस्ट की, जिसमें अरबी भाषा में बुलेट के अलग-अलग हिस्सों के बारे में बताने वाली जानकारी भी शामिल की गई थी. इस पोस्ट का कैप्शन भी अरबी भाषा में था, जिसमें किसी बंदूक की कार्ट्रिज को खाली करके सभी बुलेट निकालने और उसकी सामग्री का उपयोग करके पेट्रोल बम जैसा हथियार बनाने का तरीका बताया गया था, जिसे आम तौर पर आग लगाने के लिए बनाया जाता है, यह बड़ी ही आसानी से बनाया जा सकता है. इसमें एक और नोट लिखा था, जिसमें इस हथियार को सुरक्षित ढंग से फेंकने का तरीका बताया गया था और कैप्शन में यह भी लिखा था कि यह “victory for the Sudanese people” (सूडान के लोगों की जय) और “armed people forces” (सूडान की सेना की जय) है. Meta ने जब इस कंटेंट का हटाया, तब इसे बहुत कम बार देखा गया था.

यह कंटेंट सूडान में यूज़र की जन्मभूमि के बारे में बताता है. अप्रैल 2023 में सूडान की राजधानी खार्तूम में सूडान की सेना और वहाँ के अर्धसैनिक बल 'रैपिड सपोर्ट फ़ोर्स' (RSF) के बीच संघर्ष शुरू हुआ. तब से अन्य समूह भी इस सशस्त्र संघर्ष में कूद पड़े, जिसकी वजह से हज़ारों लोगों की मौत हुई और 40 लाख से भी ज़्यादा लोगों को अपना घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा.

जिस दिन कंटेंट पोस्ट किया गया था, उसी दिन “आक्रामक बातों से जुड़े क्लासिफ़ायर” ने नफ़रत फैलाने वाली भाषा, हिंसा और उकसावे तथा धमकी और उत्पीड़न से जुड़े Facebook के तीन कम्युनिटी स्टैंडर्ड के तहत यह फ़ैसला लिया कि इस कंटेंट से किसी एक कम्युनिटी स्टैंडर्ड का उल्लंघन हुआ है. Meta ने इस पोस्ट को Facebook के हिंसा और उकसावे से जुड़े कम्युनिटी स्टैंडर्ड का उल्लंघन करने की वजह से हटा दिया. कंटेंट हटाने के बाद, Meta ने कंटेंट क्रिएटर की प्रोफ़ाइल पर स्टैंडर्ड स्ट्राइक लागू की और तीन दिन के लिए उनके फ़ीचर सीमित कर दिए, जिसकी वजह से उन पर ग्रुप में इंटरैक्शन करने और कोई messenger रूम बनाने या उसमें शामिल होने पर रोक लगा दी गई. उस यूज़र ने Meta के फ़ैसले के खिलाफ़ तुरंत अपील की. इस कारण से एक ह्यूमन रिव्यूअर ने उस पोस्ट का रिव्यू किया. Meta ने कन्फ़र्म किया कि कंटेंट को हटाने का उसका शुरुआती फ़ैसला सही था, लेकिन इस बार उसने प्रतिबंधित सामान और सेवाओं से जुड़ी पॉलिसी के उल्लंघन को इसकी वजह बताया. इसके बाद उस यूज़र ने बोर्ड को इस फ़ैसले के खिलाफ़ अपील की.

जब बोर्ड ने इस केस के बारे में Meta से बातचीत की तब कंपनी ने यह स्पष्ट किया कि हिंसा और उकसावे से जुड़े कम्युनिटी स्टैंडर्ड के तहत संबंधित कंटेंट को हटाने का उसका शुरुआती फ़ैसला ही सही था. इस पॉलिसी के तहत, Meta ऐसा कंटेंट हटा देता है, जिसमें “विस्फोटक बनाने या उपयोग करने का तरीका” या “हथियार बनाने या उपयोग करने का तरीका” बताया गया हो और अगर ऐसा कोई सबूत मिले, जिससे यह पता चले कि लोगों को गंभीर रूप से घायल करने या मारने के उद्देश्य से वह कंटेंट बनाया गया है.

बोर्ड ने हथियारों से संबंधित कंटेंट के लिए बनी Meta की सभी पॉलिसी और संघर्ष के संदर्भ में कंपनी के एन्फ़ोर्समेंट करने के तरीकों का आंकलन करने के लिए इस केस को चुना. यह केस बोर्ड की रणनीति संबंधी सात प्राथमिकताओं, और ख़ास तौर पर “संकट और संघर्ष की स्थितियों” से जुड़ी प्राथमिकता के अंतर्गत आता है.

बोर्ड ऐसे पब्लिक कमेंट की सराहना करता है, जिनसे इस बारे में जानकारी मिले:

  • सूडान के सामाजिक-राजनैतिक संदर्भ और सूडानी प्रवासी समुदायों के साथ-साथ देश में जारी संघर्ष और इस केस से संबंधित कंटेंट के जैसे अन्य कंटेंट से होने वाले ऑफ़लाइन नुकसान की संभावना के बारे में इनसाइट.
  • सशस्त्र संघर्ष के संदर्भ में हथियारों से संबंधित कंटेंट को मॉडरेट करने के मामले में Meta की ज़िम्मेदारियाँ तय करने के लिए अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून (जिसे सशस्त्र संघर्ष का कानून भी कहा जाता है) का उपयोग कैसे किया जाना चाहिए.
  • सूडान के हालात के बारे में अरबी भाषा में कही गई बातों पर Meta द्वारा अपनी कंटेंट पॉलिसी के तहत की गई कार्रवाई. साथ ही, कंपनी के नियमों को लागू करने के लिए ऑटोमेशन के उपयोग से जुड़ी जानकारी.
  • यूज़र्स की सूडान या दुनिया भर में कहीं भी होने वाले सशस्त्र संघर्ष से जुड़ी ऑनलाइन चर्चा में शामिल होने की क्षमताओं पर कंटेंट मॉडरेशन का असर और इस संदर्भ में Meta की मानवाधिकारों से जुड़ी ज़िम्मेदारियाँ.

अपने फ़ैसलों के तहत, बोर्ड की ओर से Meta को पॉलिसी से जुड़े सुझाव दिए जा सकते हैं. ये सुझाव बाध्यकारी नहीं होते हैं, लेकिन Meta को 60 दिनों के अंदर इन सुझावों पर अपनी राय रखनी होती है. वैसे, बोर्ड इस केस के लिए प्रासंगिक सुझाव देने वाले पब्लिक कमेंट का स्वागत करता है.

पब्लिक कमेंट

अगर आपको या आपके संगठन को लगता है कि आज घोषित किए गए इन केस के बारे में आप हमें ऐसी अहम जानकारी दे सकते हैं, जिससे हमें फ़ैसला लेने में मदद मिलेगी, तो आप ऊपर दिए गए लिंक के ज़रिए अपनी राय हमें भेज सकते हैं. कृपया ध्यान रखें कि पब्लिक कमेंट अनाम रूप से भी दर्ज करवाए जा सकते हैं. पब्लिक कमेंट की विंडो 14 दिनों तक खुली रहेगी, जो मंगलवार, 24 अक्टूबर को आपके स्थानीय समयानुसार रात 11:59 बजे बंद हो जाएगी.

इसके बाद क्या होगा

अगले कुछ हफ़्तों में बोर्ड के मेंबर इन केस पर विचार-विमर्श करेंगे. जब वे अपने आखिरी फ़ैसले ले लेंगे, तब हम उन फ़ैसलों को ओवरसाइट बोर्ड की वेबसाइट पर पोस्ट कर देंगे. यहाँ साइन अप करें, ताकि जब बोर्ड नए केस की सुनवाई की घोषणा करे या अपने फ़ैसले प्रकाशित करे, तो उनके अपडेट आपको मिल जाएँ.

संलग्नक

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