ओवरसाइट बोर्ड ने Facebook के फ़ैसले को बदला: केस 2021-013-IG-UA

28 अक्टूबर 2021 को Facebook ने घोषणा की कि वह अपनी कंपनी का नाम बदलकर Meta कर रहा है. इस टेक्स्ट में, पूरी कंपनी को Meta कहा गया है और Facebook नाम का उपयोग अब भी Facebook ऐप से जुड़े प्रोडक्ट और पॉलिसी के लिए किया गया है.

ओवरसाइट बोर्ड ने Meta के उस फ़ैसले को बदल दिया है, जिसमें उसने अयोहस्का नाम के वानस्पतिक पेय की चर्चा से जुड़ी पोस्ट को हटा दिया था. बोर्ड ने पाया कि उस पोस्ट में Instagram की कम्युनिटी गाइडलाइन का उल्लंघन नहीं हुआ था, जैसा कि उस समय समझा गया था. Meta की मानवाधिकारों से जुड़ी ज़िम्मेदारियों के अनुसार भी कंटेंट को रीस्टोर करना सही था. बोर्ड ने सुझाव दिया कि Meta, Facebook और Instagram के नियमों में बदलाव करे, ताकि यूज़र्स गैर-चिकित्सीय दवाओं के पारंपरिक या धार्मिक उपयोगों के बारे में सकारात्मक तौर पर चर्चा कर सकें.

केस की जानकारी

जुलाई 2021 में ब्राज़ील की एक आध्यात्मिक संस्था के Instagram अकाउंट से गहरे भूरे रंग के तरल पदार्थ से भरे जार और दो बॉटल की फ़ोटो पोस्ट की गई, जिसके साथ पुर्तगाली भाषा में लिखे टेक्स्ट में उस पदार्थ को अयोहस्का बताया गया था. अयोहस्का, साइकोएक्टिव गुणों वाला एक वानस्पतिक पेय होता है, जिसका उपयोग दक्षिण अमेरिका के मूल निवासी समूहों सहित कई समूह धार्मिक अनुष्ठानों और उत्सवों में करते हैं. टेक्स्ट में कहा गया है कि “AYAHUASCA IS FOR THOSE WHO HAVE THE COURAGE TO FACE THEMSELVES” (अयोहस्का उनके लिए है जो खुद का सामना करने का साहस रखते हैं) और इसमें ये कथन शामिल हैं कि अयोहस्का उनके लिए है जो “correct themselves,” (खुद को सुधारना) “enlighten,” (अपनी समझ को बढ़ाना) “overcome fear” (अपने डर पर काबू पाना) और “break free.” (मुक्त होना) चाहते हैं.

इस पोस्ट को Meta के ऑटोमेटेड सिस्टम ने रिव्यू के लिए फ़्लैग किया था, क्योंकि इसे लगभग 4,000 बार देखा गया था और यह “चर्चा में” थी. इसके बाद ह्यूमन मॉडरेटर ने इसका रिव्यू करके इसे हटा दिया था.

मुख्य निष्कर्ष

Meta ने बोर्ड को बताया कि उसने पोस्ट को इसलिए हटा दिया था, क्योंकि उसमें अयोहस्का के उपयोग को बढ़ावा दिया गया था, जो एक गैर-चिकित्सीय दवा है. कंपनी का कहना था कि “यूज़र ने अयोहस्का के बारे में दिल वाले इमोजी के साथ जानकारी दी, इसे एक ‘दवा’ बताया और कहा कि इससे ‘can help you’ (आपको मदद मिल सकती है).”

बोर्ड ने पाया कि हालाँकि उस कंटेंट से Facebook के विनियमित सामान से जुड़े उस कम्युनिटी स्टैंडर्ड का उल्लंघन हुआ था, जो गैर-चिकित्सीय दवाओं के उपयोग को सही बताने वाले कंटेंट पर रोक लगाता है, लेकिन उससे Instagram की कम्युनिटी गाइडलाइन का उल्लंघन नहीं हुआ था, जिनके अनुसार उस समय केवल गैर-कानूनी या डॉक्टर की सलाह पर ही ली जाने वाली दवाओं की बिक्री और खरीदारी पर ही रोक थी.

Meta की अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों से जुड़ी ज़िम्मेदारियों के अनुसार बोर्ड का उस कंटेंट को रीस्टोर करने का फ़ैसला सही है. बोर्ड इस बात से चिंतित है कि कंपनी अब भी Facebook के कम्युनिटी स्टैंडर्ड Instagram पर लागू कर रही है, लेकिन इसके बारे में यूज़र्स को साफ़ तौर पर नहीं बताती है. यह बात बोर्ड की समझ से बाहर है कि Meta यूज़र्स को इस बारे में बताने के लिए Instagram की कम्युनिटी गाइलाइन की भाषा को तुरंत अपडेट क्यों नहीं कर पा रहा है. Meta ने इस केस में संबंधित यूज़र को यह भी नहीं बताया कि उन्होंने इसके नियमों के किस हिस्से का उल्लंघन किया था.

बोर्ड Meta के इस दावे से भी सहमत नहीं है कि इस केस में लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए अयोहस्का के समर्थन में किए गए कमेंट पर रोक लगाना ज़रूरी था. मुख्य रूप से धार्मिक संदर्भ में अयोहस्का के उपयोग पर चर्चा करने वाली इस पोस्ट से कोई नुकसान होने की बहुत ज़्यादा संभावना नहीं थी. यूज़र ने अयोहस्का का उपयोग करने के निर्देश या इसकी उपलब्धता की जानकारी पोस्ट नहीं की थी.

कई प्रकार की पारंपरिक और धार्मिक प्रथाओं का सम्मान करने के लिए बोर्ड ने सुझाव दिया कि Meta विनियमित सामान से जुड़े अपने नियमों में बदलाव करे, ताकि ऐसी गैर-चिकित्सीय दवाओं के पारंपरिक या धार्मिक उपयोगों के बारे में सकारात्मक तौर पर चर्चा हो सके, जिनका एक मान्य पारंपरिक या धार्मिक उपयोग है.

ओवरसाइट बोर्ड का फ़ैसला

बोर्ड ने Meta के कंटेंट को हटाने के फ़ैसले को बदल दिया और वह पोस्ट रीस्टोर करने को कहा.

पॉलिसी से जुड़े सुझाव देते हुए बोर्ड ने कहा कि Meta:

  • कई विशेष अपवादों की जानकारी देने के साथ-साथ यूज़र्स को बताए कि वह Instagram पर Facebook के कम्युनिटी स्टैंडर्ड लागू करता है. Meta को 90 दिनों के भीतर Instagram की कम्युनिटी गाइडलाइन की भूमिका को अपडेट करना चाहिए, ताकि यूज़र्स को यह जानकारी दी जा सके कि अगर किसी कंटेंट को Facebook पर उल्लंघन करने वाला माना गया, तो उसे Instagram पर भी उल्लंघन करने वाला माना जाएगा.
  • यूज़र्स को ठीक से बताए कि उनसे कंटेंट पॉलिसी के किस नियम का उल्लंघन हुआ है.
  • Instagram की कम्युनिटी गाइडलाइन और Facebook के विनियमित सामान से जुड़े कम्युनिटी स्टैंडर्ड में बदलाव करे, ताकि उन संदर्भों में गैर-चिकित्सीय दवाओं के पारंपरिक या धार्मिक उपयोगों के बारे में सकारात्मक तौर पर चर्चा हो सके, जहाँ इस तरह के उपयोग के ऐतिहासिक प्रमाण मिलते हैं. Meta को मौजूदा अनुमतियों के साथ-साथ इन पॉलिसी से जुड़ी सभी अनुमतियों को भी सार्वजनिक करना चाहिए.

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