पलट जाना

अयोहस्का पेय

ओवरसाइट बोर्ड ने Meta के उस फ़ैसले को बदल दिया है जिसमें उसने अयोहस्का नाम के वानस्पतिक पेय की चर्चा से जुड़ी पोस्ट को हटा दिया था.

निर्णय का प्रकार

मानक

नीतियां और विषय

विषय
धर्म, सांस्कृतिक समारोह, स्वास्थ्य
सामुदायिक मानक
नियंत्रित सामान

क्षेत्र/देश

जगह
ब्राज़ील

प्लैटफ़ॉर्म

प्लैटफ़ॉर्म
Instagram

केस का सारांश

नोट: 28 अक्टूबर 2021 को Facebook ने घोषणा की थी कि वह अपनी कंपनी का नाम बदलकर Meta कर रहा है. इस टेक्स्ट में, पूरी कंपनी को Meta कहा गया है और Facebook नाम का उपयोग अब भी Facebook ऐप से जुड़े प्रोडक्ट और पॉलिसी के लिए किया गया है.

ओवरसाइट बोर्ड ने Meta के उस फ़ैसले को बदल दिया है जिसमें उसने अयोहस्का नाम के वानस्पतिक पेय की चर्चा से जुड़ी पोस्ट को हटा दिया था. बोर्ड ने पाया कि पोस्ट में Instagram की कम्युनिटी गाइडलाइन का उल्लंघन नहीं हुआ था क्योंकि उन्हें उसी समय जोड़ा गया था. Meta की मानवाधिकारों से जुड़ी ज़िम्मेदारियों के अनुसार भी कंटेंट को रीस्टोर करना सही था. बोर्ड ने सुझाव दिया कि Meta अपने नियमों में बदलाव करे ताकि यूज़र्स गैर-चिकित्सीय दवाओं के पारंपरिक या धार्मिक उपयोगों पर सकारात्मक तौर पर चर्चा कर सकें.

केस की जानकारी

जुलाई 2021 में ब्राज़ील की एक आध्यात्मिक संस्था के Instagram अकाउंट से गहरे भूरे रंग के तरल पदार्थ से भरे जार और दो बॉटल की फ़ोटो पोस्ट की गई, जिसके साथ पुर्तगाली भाषा में लिखे टेक्स्ट में उस पदार्थ को अयोहस्का बताया गया था. अयोहस्का, साइकोएक्टिव गुणों वाला एक वानस्पतिक पेय है, जिसका उपयोग दक्षिण अमेरिका के मूल निवासी समूहों के बीच और आध्यात्मिक तथा धार्मिक अनुष्ठानों में किया जाता है. टेक्स्ट में कहा गया है कि “AYAHUASCA IS FOR THOSE WHO HAVE THE COURAGE TO FACE THEMSELVES” (अयोहस्का उनके लिए है जो खुद का सामना करने का साहस रखते हैं) और इसमें ये कथन शामिल हैं कि अयोहस्का उनके लिए है जो “correct themselves,” (खुद को सुधारना) “enlighten,” (अपनी समझ को बढ़ाना) “overcome fear” (अपने डर पर काबू पाना) और “break free.” (मुक्त होना) चाहते हैं.

इस पोस्ट को Meta के ऑटोमेटेड सिस्टम ने रिव्यू के लिए फ़्लैग किया था क्योंकि इसे लगभग 4,000 बार देखा गया था और यह "चर्चा में" थी. इसके बाद ह्यूमन मॉडरेटर ने इसका रिव्यू करके इसे हटा दिया था.

मुख्य निष्कर्ष

Meta ने बोर्ड को बताया कि उसने पोस्ट को इसलिए हटा दिया था क्योंकि इसमें अयोहस्का के उपयोग को बढ़ावा दिया गया था, जो एक गैर-चिकित्सीय दवा है. कंपनी का कहना था कि "यूज़र ने अयोहस्का का दिल वाले इमोजी के साथ वर्णन किया, इसे एक 'दवा' बताया और कहा कि इससे 'आपको मदद मिल सकती है.'"

बोर्ड ने पाया कि हालाँकि उस कंटेंट से Facebook के विनियमित सामान से जुड़े उस कम्युनिटी स्टैंडर्ड का उल्लंघन हुआ था, जो गैर-चिकित्सीय दवाओं के उपयोग को सही बताने वाले कंटेंट पर रोक लगाता है, लेकिन उससे Instagram की कम्युनिटी गाइडलाइन का उल्लंघन नहीं हुआ था, जिनमें उस समय केवल गैर-कानूनी या डॉक्टर की सलाह पर ली जाने वाली दवाओं की बिक्री और खरीदारी ही शामिल थी.

Meta की अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों से जुड़ी ज़िम्मेदारियों के अनुसार बोर्ड का उस कंटेंट को रीस्टोर करने का फ़ैसला सही है. बोर्ड इस बात से चिंतित है कि कंपनी अब भी Facebook के कम्युनिटी स्टैंडर्ड Instagram पर लागू कर रही है, लेकिन इसके बारे में यूज़र्स को साफ़ तौर पर नहीं बताती है. यह बात बोर्ड की समझ से बाहर है कि Meta यूज़र्स को इस बारे में बताने के लिए Instagram की कम्युनिटी गाइलाइन की भाषा को तुरंत अपडेट क्यों नहीं कर पा रहा है. Meta ने इस केस में संबंधित यूज़र को यह भी नहीं बताया कि उन्होंने इसके नियमों के किस हिस्से का उल्लंघन किया था.

बोर्ड Meta के इस दावे से भी सहमत नहीं है कि इस केस में लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए अयोहस्का के समर्थन में किए गए कमेंट पर रोक लगाना ज़रूरी था. मुख्य रूप से धार्मिक संदर्भ में अयोहस्का के उपयोग पर चर्चा करने वाली इस पोस्ट से कोई नुकसान होने की बहुत ज़्यादा संभावना नहीं थी. यूज़र ने अयोहस्का का उपयोग करने के निर्देश या इसकी उपलब्धता की जानकारी पोस्ट नहीं की थी.

कई प्रकार की पारंपरिक और धार्मिक प्रथाओं का सम्मान करने के लिए बोर्ड ने सुझाव दिया कि Meta विनियमित सामान से जुड़े अपने नियमों में बदलाव करे, ताकि ऐसी गैर-चिकित्सीय दवाओं के पारंपरिक या धार्मिक उपयोगों के बारे में सकारात्मक तौर पर चर्चा हो सके, जिनका एक मान्य पारंपरिक या धार्मिक उपयोग है.

ओवरसाइट बोर्ड का फ़ैसला

बोर्ड ने Meta के कंटेंट को हटाने के फ़ैसले को बदल दिया और वह पोस्ट रीस्टोर करने को कहा.

पॉलिसी से जुड़े सुझाव देते हुए बोर्ड ने कहा कि Meta:

  • कई विशेष अपवादों की जानकारी देने के साथ-साथ यूज़र्स को बताए कि वह Instagram पर Facebook के कम्युनिटी स्टैंडर्ड लागू करता है. Meta को 90 दिनों के भीतर Instagram की कम्युनिटी गाइडलाइन की भूमिका को अपडेट करना चाहिए, ताकि यूज़र्स को यह जानकारी दी जा सके कि अगर किसी कंटेंट को Facebook पर उल्लंघन करने वाला माना गया, तो उसे Instagram पर भी उल्लंघन करने वाला माना जाएगा.
  • यूज़र्स को ठीक से बताए कि उनसे कंटेंट पॉलिसी के किस नियम का उल्लंघन हुआ है.
  • Instagram की कम्युनिटी गाइडलाइन और Facebook के विनियमित सामान से जुड़े कम्युनिटी स्टैंडर्ड में बदलाव करे, ताकि वहाँ गैर-चिकित्सीय दवाओं के पारंपरिक या धार्मिक उपयोगों के बारे में सकारात्मक तौर पर चर्चा हो सके, जहाँ इस तरह के उपयोग के ऐतिहासिक प्रमाण मिलते हैं. Meta को मौजूदा अनुमतियों के साथ-साथ सभी अनुमतियों को भी सार्वजनिक करना चाहिए.

*केस के सारांश से केस का ओवरव्यू पता चलता है और आगे के किसी फ़ैसले के लिए इसको आधार नहीं बनाया जा सकता है.

केस का पूरा फ़ैसला

1. फ़ैसले का सारांश

ओवरसाइट बोर्ड ने Meta के उस फ़ैसले को बदल दिया जिसमें उसने धार्मिक या पारंपरिक उपयोग के संदर्भ में अयोहस्का की चर्चा से जुड़ी Instagram पोस्ट को हटा दिया था. बोर्ड इस निष्कर्ष पर पहुँचा कि कंटेंट से Facebook के कम्युनिटी स्टैंडर्ड और Instagram की अपडेट की गई कम्युनिटी गाइडलाइन का उल्लंघन तो हुआ था, लेकिन प्लेटफ़ॉर्म के निर्धारित मूल्यों और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सिद्धांतों के अनुसार कंटेंट को रीस्टोर करना सही होगा. बोर्ड ने यह सुझाव भी दिया कि Instagram और Facebook संबंधित पॉलिसी में बदलाव करें, ताकि वहाँ गैर-चिकित्सीय दवाओं के धार्मिक या पारंपरिक उपयोगों के बारे में सकारात्मक तौर पर चर्चा करने की अनुमति मिल सके, जहाँ इस तरह के उपयोग के ऐतिहासिक प्रमाण मिलते हैं.

2. केस का विवरण

जुलाई 2021 में ब्राज़ील की एक आध्यात्मिक संस्था के Instagram अकाउंट से गहरे भूरे रंग के तरल पदार्थ से भरे जार और दो बॉटल की फ़ोटो पोस्ट की गई, जिसके साथ पुर्तगाली भाषा में लिखे टेक्स्ट में उस पदार्थ को अयोहस्का बताया गया था. अयोहस्का, साइकोएक्टिव गुणों वाला एक वानस्पतिक पेय है, जो कुछ दक्षिण अमेरिकी देशों के मूल निवासियों और अन्य समूहों तथा दूसरे स्थानों पर उनसे संबंधित समुदायों के बीच आध्यात्मिक और धार्मिक अनुष्ठानों में मुख्य तौर पर उपयोग किया जाता है. अयोहस्का में ऐसी वनस्पतियाँ होती हैं जो डाइमिथाइलट्रिप्टामिन (DMT) की स्रोत होती हैं, जो एक ऐसा पदार्थ है जिस पर मादक पदार्थों के बारे में 1971 के UN कन्वेंशन के शेड्यूल I और कई देशों के कानूनों के तहत रोक लगा दी गई है, हालाँकि अयोहस्का जैसे DMT युक्त पदार्थों के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत संबंधित अपवाद मौजूद हैं, और धार्मिक व मूल निवासियों द्वारा उपयोग जैसे अन्य उपयोगों के लिए ब्राज़ील के कानून सहित कुछ राष्ट्रीय कानूनों के तहत अपवाद मौजूद हैं.

टेक्स्ट में कहा गया है कि “AYAHUASCA IS FOR THOSE WHO HAVE THE COURAGE TO FACE THEMSELVES” (अयोहस्का उनके लिए है जो खुद का सामना करने का साहस रखते हैं) और इसमें ये कथन शामिल हैं कि अयोहस्का उनके लिए है जो “correct themselves,” (खुद को सुधारना) “enlighten,” (अपनी समझ को बढ़ाना) “overcome fear” (अपने डर पर काबू पाना) और “break free.” (मुक्त होना) चाहते हैं. उसमें आगे बताया गया कि अयोहस्का एक “remedy” (औषधि) है और अगर आपके दिल में विनम्रता और सम्मान है, तो यह “can help you” (आपकी मदद कर सकता है). इस टेक्स्ट के अंत में कहा गया कि “Ayahuasca, Ayahuasca!/Gratitude, Queen of the Forest!” (अयोहस्का, अयोहस्का!/जंगल की रानी को धन्यवाद!)

इस कंटेंट को 15,500 से भी ज़्यादा बार देखा गया और किसी भी यूज़र ने इसकी रिपोर्ट नहीं की. इस पोस्ट को Meta के ऑटोमेटेड सिस्टम ने रिव्यू के लिए फ़्लैग किया था क्योंकि इसे लगभग 4,000 बार देखा गया था और यह "चर्चा में" थी. Meta ने साफ़ तौर पर बताया कि ऑटोमेटिक रिव्यू फ़ोटो या टेक्स्ट के कारण ट्रिगर नहीं हुआ था. बाद में ह्यूमन मॉडरेटर ने पोस्ट का रिव्यू करके उसे हटा दिया था. Meta ने बोर्ड को बताया कि इसे Facebook के विनियमित सामान से जुड़े कम्युनिटी स्टैंडर्ड का उल्लंघन करने के कारण हटा दिया गया था, लेकिन बाद में कहा कि उसने कंटेंट को इसलिए हटा दिया क्योंकि "उसमें Instagram की कम्युनिटी गाइडलाइन का उल्लंघन हुआ था, जिसमें उसने विनियमित सामान को लेकर बनाए गए Facebook के कम्युनिटी स्टैंडर्ड का लिंक भी दिया." Meta ने यूज़र को सूचना दी कि संबंधित पोस्ट Instagram की कम्युनिटी गाइडलाइन के विरुद्ध थी और कहा कि "गैर-कानूनी या विनियमित सामान की बिक्री के कारण पोस्ट को हटा दिया गया." मैसेजिंग में यह भी बताया गया कि Meta "नशीली दवाओं के उपयोग को बढ़ावा देने वाली पोस्ट" को हटा देता है.

कंटेंट का एक और ह्यूमन रिव्यू किए जाने के बाद Meta ने कंटेंट को हटाने के अपने शुरुआती फ़ैसले को कायम रखा. Meta ने यूज़र को अपने फ़ैसले के बारे में सूचना दी और बाद में यूज़र ने ओवरसाइट बोर्ड में इसकी अपील की.

3. प्राधिकार और दायरा

अपने चार्टर के अनुसार, ओवरसाइट बोर्ड एक स्वतंत्र संस्था है, जिसे कुछ महत्वपूर्ण कंटेंट के बारे में सैद्धांतिक और निष्पक्ष फ़ैसले लेकर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सुरक्षित रखने के लिए बनाया गया है. यह गैर-पक्षपाती धारणा रखकर और निष्पक्ष तौर पर फ़ैसले करके पारदर्शी रूप से काम करता है. बोर्ड को उस यूज़र के अपील करने के बाद Meta के फ़ैसले का रिव्यू करने का अधिकार है, जिसकी पोस्ट हटा दी गई थी (चार्टर अनुच्छेद 2, सेक्शन 1; उपनियम अनुच्छेद 3, सेक्शन 1). बोर्ड उस फ़ैसले को कायम रख सकता है या उसे बदल सकता है और उसके फ़ैसले Meta पर बाध्यकारी होते हैं (चार्टर का अनुच्छेद 4).

बोर्ड के फ़ैसलों में पॉलिसी से जुड़ी सलाह के कथनों के साथ सुझाव भी शामिल हो सकते हैं. ये सुझाव बाध्यकारी नहीं होते हैं, लेकिन Meta को उन पर प्रतिक्रिया देनी होती है (चार्टर का अनुच्छेद 3, सेक्शन 4).

4. प्रासंगिक स्टैंडर्ड

ओवरसाइट बोर्ड ने इन स्टैंडर्ड पर विचार करते हुए अपना फ़ैसला दिया है:

I. Meta की कंटेंट पॉलिसी

इस केस में Instagram की कम्युनिटी गाइडलाइन और Facebook के कम्युनिटी स्टैंडर्ड शामिल हैं. Meta के ट्रांसपेरेंसी सेंटर में बताया गया है कि "Facebook और Instagram की कंटेंट पॉलिसी एक जैसी हैं. इसका मतलब यह है कि अगर कंटेंट को Facebook पर उल्लंघन करने वाला माना जाता है, तो उसे Instagram पर भी उल्लंघन करने वाला माना जाएगा."

जिस समय इस कंटेंट को पोस्ट किया गया और हटाया गया, तब Instagram की कम्युनिटी गाइ़डलाइन के अनुसार "कानून का पालन करें" सब-हेडिंग के तहत "गैर-कानूनी या डॉक्टर की सलाह पर ली जाने वाली दवाओं को खरीदना या बेचना (भले ही आपके क्षेत्र में ऐसा करना वैध हो)" निषिद्ध था. यूज़र्स को निर्देश दिया जाता है कि “अन्य विनियमित सामान खरीदने या बेचने का प्रस्ताव देते समय हमेशा कानून का पालन करें.” "विनियमित सामान" वाक्यांश Facebook के विनियमित सामान से संबंधित कम्युनिटी स्टैंडर्ड से जुड़ा है. 26 अक्टूबर 2021 को Meta ने बोर्ड के पिछले सुझावों (नीचे सेक्शन 8.3 देखें) की प्रतिक्रिया के तौर पर और बोर्ड के इस केस का रिव्यू करने के फ़ैसले से प्रेरित होकर Instagram की कम्युनिटी गाइडलाइन के इस सेक्शन को अपडेट किया. "कानून का पालन करें" सब-हेडिंग के तहत Meta ने "गैर-कानूनी या डॉक्टर की सलाह पर ली जाने वाली दवाएँ" नाम को "गैर-चिकित्सीय या औषधीय दवाएँ" नाम से बदल दिया, तथा "गैर-चिकित्सीय या औषधीय दवाओं की खरीद या बिक्री पर रोक लगाने [और] ऐसे कंटेंट को हटाने के लिए निर्देश जोड़े, जिसमें गैर-चिकित्सीय दवाओं का व्यापार करने, व्यापार करने में मदद करने, दान करने, उपहार देने या इन्हें माँगने के प्रयास किए जाते हैं, जिसमें वह कंटेंट भी शामिल है जो गैर-चिकित्सीय दवाओं के निजी उपयोग को स्वीकार करता है (बीमारी के इलाज के संदर्भ को छोड़कर) या इनके उपयोग में मदद करता या उसे बढ़ावा देता है."

Facebook के विनियमित सामान से जुड़े कम्युनिटी स्टैंडर्ड में गैर-चिकित्सीय दवाओं से संबंधित सेक्शन है, जो ऐसे कंटेंट पर रोक लगाता है जिसमें “गैर-चिकित्सीय दवाओं से संबंधित [म]दद दी जाती है या इन्हें बढ़ावा दिया जाता है (जिससे हमारा मतलब है इनके उपयोग को सही बताना, इनके उपयोग को बढ़ावा देना या इन्हें उपयोग करने या बनाने के निर्देश देना).

II. Meta के मूल्य

Meta के मूल्यों के बारे में Facebook के कम्युनिटी स्टैंडर्ड के परिचय सेक्शन में बताया गया है. “अभिव्यक्ति” के महत्व को “सर्वोपरि” बताया गया है:

हमारे कम्युनिटी स्टैंडर्ड का लक्ष्य हमेशा एक ऐसा प्लेटफ़ॉर्म बनाना रहा है, जहाँ लोग अपनी बात रख सकें और अपनी भावनाओं को व्यक्त कर सकें. […] हम चाहते हैं कि लोग अपने लिए महत्व रखने वाले मुद्दों पर खुलकर बातें कर सकें, भले ही कुछ लोग उन बातों पर असहमति जताएँ या उन्हें वे बातें आपत्तिजनक लगें.

Meta चार मूल्यों का सम्मान करने के लिए "अभिव्यक्ति" को सीमित कर देता है, जिनमें से इस केस में प्रासंगिक मूल्य “सुरक्षा” और “गरिमा” हैं:

“सुरक्षा”: हम Facebook को एक सुरक्षित जगह बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. लोगों को धमकाने वाले कंटेंट से लोगों में डर, अलगाव या चुप रहने की भावना आ सकती है और इसलिए Facebook पर ऐसा कंटेंट पोस्ट करने की अनुमति नहीं है.

“गरिमा”: हमारा मानना है कि सभी लोगों को एक जैसा सम्मान और एक जैसे अधिकार मिलने चाहिए.

III. मानवाधिकार स्टैंडर्ड

  • बिज़नेस और मानवाधिकारों के बारे में संयुक्त राष्ट्र संघ के मार्गदर्शक सिद्धांत (UNGP), जिन्हें 2011 में संयुक्त राष्ट्र संघ की मानवाधिकार समिति ने स्वीकृति दी है, वे प्राइवेट बिज़नेस की मानवाधिकार से जुड़ी ज़िम्मेदारियों का स्वैच्छिक ढांचा तैयार करते हैं. इस केस में बोर्ड ने Meta की मानवाधिकार से जुड़ी ज़िम्मेदारियों का विश्लेषण इन मानवाधिकार मानकों को ध्यान में रखते हुए किया. 16 मार्च 2021 को घोषित Meta की कॉर्पोरेट मानवाधिकार पॉलिसी, UNGP में बताए अनुसार अधिकारों का सम्मान करने के लिए कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाती है.
  • विचार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार: अनुच्छेद 19, नागरिक और राजनीतिक अधिकार पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिज्ञापत्र ( ICCPR); सामान्य टिप्पणी संख्या 34, मानवाधिकार समिति 2011; विचार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बारे में संयुक्त राष्ट्र संघ के ख़ास रैपर्टर की रिपोर्ट: A/HRC/17/27 (2011).
  • सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने का अधिकार: सभी को सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने का अधिकार होने से संबंधित सामान्य टिप्पणी सं. 21, E/C.12/GC/21, 21 दिसंबर 2009; सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों की विविधता को सुरक्षित रखने और बढ़ावा देने के संबंध में UNESCO 2005 कन्वेंशन.
  • धर्म और आस्था की स्वतंत्रता का अधिकार: अनुच्छेद 18, ICCPR; सामान्य टिप्पणी सं. 22, मानवाधिकार समिति, 1993.

यह फ़ैसला लेते समय ध्यान में रखे गए अंतरराष्ट्रीय कानून के अन्य स्रोतों में ये शामिल हैं:

  • अनुच्छेद 14, पैरा. 2, नशीली दवाओं और मादक पदार्थों की अवैध तस्करी के विरुद्ध UN कन्वेंशन, 1988;
  • अनुच्छेद 1 और शेड्यूल I, मादक पदार्थों के बारे में 1971 का यूनाइटेड नेशंस कन्वेंशन; मादक पदार्थों के कन्वेंशन के संबंध में टिप्पणी, 1971; इंटरनेशनल नार्कोटिक्स कंट्रोल बोर्ड की रिपोर्ट, 2010.

5. यूज़र का कथन

उस यूज़र ने अपनी अपील में बताया कि उन्हें पूरा भरोसा है कि वह पोस्ट Instagram की कम्युनिटी गाइडलाइन का उल्लंघन नहीं करती है, क्योंकि उनका पेज लोगों की जानकारी बढ़ाता है और कभी भी ऐसे किसी प्रोडक्ट को खरीदने या बेचने के लिए लोगों को प्रोत्साहित नहीं करता है या ऐसे किसी प्रोडक्ट की सिफ़ारिश नहीं करता है, जिस पर कम्युनिटी गाइडलाइन ने रोक लगा रखी है. उन्होंने कहा कि उन्होंने वह फ़ोटो अपने ऐसे अनुष्ठानों में से किसी एक अनुष्ठान में ली थी, जिन्हें विनियमित और कानून-सम्मत तरीके से आयोजित किया जाता है. उस यूज़र के अनुसार, उस अकाउंट का उद्देश्य पवित्र अयोहस्का पेय के बारे में लोगों की समझ बढ़ाना है. उन्होंने कहा कि अयोहस्का के बारे में लोगों में जानकारी का बहुत ज़्यादा अभाव है. उस यूज़र ने कहा कि यह लोगों को आध्यात्मिक सुख देता है, साथ ही उनके अनुष्ठानों से समाज का भला हो सकता है. वे आगे कहते हैं कि उन्होंने इसी तरह का कंटेंट अपने अकाउंट पर पहले भी पोस्ट किया था और वह पोस्ट अभी भी ऑनलाइन है.

6. Meta के फ़ैसले का स्पष्टीकरण

अपने फ़ैसले के स्पष्टीकरण में Meta ने बताया कि उसने इस कंटेंट को इसलिए हटा दिया क्योंकि इसमें अयोहस्का के उपयोग को बढ़ावा दिया गया था, जो एक गैर-चिकित्सीय दवा है. Meta के अनुसार उसका फ़ैसला Facebook के कम्युनिटी स्टैंडर्ड, Meta के मूल्यों और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सिद्धांतों के अनुरूप है.

Meta ने कहा कि उस कंटेंट से Facebook के कम्युनिटी स्टैंडर्ड का उल्लंघन हुआ था क्योंकि "यूज़र ने अयोहस्का का दिल वाले इमोजी के साथ वर्णन किया, इसे एक 'दवा' बताया और कहा कि इससे 'आपको मदद मिल सकती है.'" बोर्ड के एक सवाल के बाद कि क्या कंटेंट को Instagram की कम्युनिटी गाइडलाइन या फिर Facebook के कम्युनिटी स्टैंडर्ड का उल्लंघन करने के कारण हटा दिया गया था, Meta ने यह जवाब दिया कि कंटेंट को "Instagram की कम्युनिटी गाइडलाइन का उल्लंघन करने के कारण हटा दिया गया था, जिसमें उसने विनियमित सामान को लेकर बनाए गए Facebook के कम्युनिटी स्टैंडर्ड का लिंक भी दिया." ख़ास तौर पर, यूज़र ने "गैर-कानूनी या डॉक्टर की सलाह पर ली जाने वाली दवाओं को खरीदने या बेचने (भले ही आपके क्षेत्र में ऐसा करना वैध हो)" से संबंधित कंटेंट पर Instagram की ओर से लगाई गई रोक का उल्लंघन किया. Meta ने कम्युनिटी गाइडलाइन की एक और लाइन का भी ज़िक्र किया, जो विनियमित सामान से संबंधित कम्युनिटी स्टैंडर्ड से जुड़ी है, जिससे "साफ़ तौर पर पता चलता है कि Facebook ऐसे कंटेंट पर रोक लगाता है जिसमें 'गैर-चिकित्सीय दवाओं से संबंधित [म]दद दी जाती है या इन्हें बढ़ावा दिया जाता है (जिससे हमारा मतलब है इनके उपयोग को सही बताना [...] .’"

Meta के मूल्यों के बारे में बताते हुए कंपनी ने कहा कि "सुरक्षा" ने "अभिव्यक्ति" का स्थान ले लिया. Meta ने बताया कि यूज़र्स को गैर-चिकित्सीय दवाओं को वैध बनाने का समर्थन करने और गैर-चिकित्सीय दवाओं के चिकित्सा व विज्ञान संबंधी फ़ायदों पर चर्चा करने की अनुमति है, लेकिन धार्मिक या पारंपरिक उपयोग के संबंध में कोई अनुमति नहीं दी गई है. Meta ने तर्क दिया कि यह नियम "अभिव्यक्ति" और "सुरक्षा" के बीच सही सामंजस्य बनाए रखता है.

Meta ने यह भी कहा कि इस कंटेंट पर रोक मानवाधिकार के सिद्धांतों को ध्यान में रखकर लगाई गई है. उसने कहा कि उसने ICCPR के अनुच्छेद 19 के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार और ICCPR के अनुच्छेद 18 के तहत धर्म या आस्था के अधिकार पर विचार किया था और यह तर्क दिया कि उसके फ़ैसले में इन अधिकारों को सीमित करने के लिए आवश्यक शर्तों को पूरा किया गया था.

Meta के अनुसार, Facebook के कम्युनिटी स्टैंडर्ड आसानी से उपलब्ध हैं और गैर-चिकित्सीय दवा की "एक ऐसा पदार्थ जिससे 'चेतना में साफ़ तौर पर बदलाव' दिखाई देता है" के रूप में इसकी गैर-सार्वजनिक परिभाषा स्पष्ट है. उसने आगे तर्क देते हुए कहा कि यह फ़ैसला लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया था. उसने मादक पदार्थों के बारे में 1971 के यूनाइटेड नेशंस कन्वेंशन का ज़िक्र करते हुए कहा कि अयोहस्का में मौजूद डाइमिथाइलट्रिप्टामिन (DMT), जो मतिभ्रम पैदा करने वाले सक्रिय पदार्थों में से एक है, सुरक्षा का बड़ा जोखिम पैदा करता है.

Meta ने नीदरलैंड के सर्वोच्च न्यायालय (ECLI:NL:HR:2019:1456 (केस सं. 18/01356, नीदरलैंड का सर्वोच्च न्यायालय, 1 अक्टूबर 2019)) और यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय (Franklin-Beentjes और Ceflu-Luz da Floresta बनाम नीदरलैंड (केस सं. 28167/07, यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय, 6 मई 2014 (dec.))) के अदालती फ़ैसलों का हवाला दिया, जिसमें पाया गया कि अयोहस्का के उपयोग पर प्रतिबंध लगाना धर्म की स्वतंत्रता के अधिकार के संबंध में एक आवश्यक और यथोचित प्रतिबंध था. उसने यह तर्क दिया कि "चूँकि अयोहस्का के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाना मानवाधिकार सिद्धांतों के तहत आवश्यक और यथोचित है," इसलिए, "इसके प्रचार पर रोक लगाते हुए देश के बाहर के किसी व्यक्ति पर कम प्रतिबंध लगाना उसी तरह उचित है."

Meta ने इस केस में अपनाई गई प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी दी. अपने जवाब में Meta ने किसी फ़ैसले पर "अपील" करने की क्षमता और "किसी फ़ैसले से असहमत होने" की क्षमता के बीच के अंतर को समझाया. Meta ने समझाया कि जहाँ लोगों को "किसी फ़ैसले से असहमत होने" का विकल्प दिया जाता है, वहाँ फ़ैसले के रिव्यू की कोई गारंटी नहीं होती है, लेकिन अगर रिव्यूअर उपलब्ध होंगे, तो Meta इसका रिव्यू करवा सकता है. Meta ने कहा कि वह वैश्विक महामारी के दौरान रिव्यूअर की कमी के कारण "लोगों को हमेशा अपील करने का विकल्प नहीं दे सकता", लेकिन उसने उन फ़ैसलों का रिव्यू करवाया, जिनसे लोग असहमत थे, "जब ऐसा करने के लिए ह्यूमन रिव्यू करवाने की गुंजाइश थी." Meta ने बोर्ड को बताया कि यूज़र ने कंटेंट को हटाने के फ़ैसले के विरुद्ध अपील की थी. हालाँकि, बोर्ड ने Instagram की पॉलिसी को लागू करने से जुड़ी Meta की पारदर्शिता रिपोर्ट देखकर पाया कि 2020 के मध्य से विनियमित सामान की पॉलिसी का उल्लंघन करने वाला ऐसा कोई भी कंटेंट रिपोर्ट नहीं किया गया था, जिसके लिए अपील की गई हो. बोर्ड द्वारा इस बारे में पूछे जाने पर Meta ने कहा कि गलती से "यूज़र को अपील का पुराना मैसेज मिला था." Meta ने बताया कि यूज़र को यह बताने वाला मैसेज मिलना चाहिए था कि वे "फ़ैसले पर असहमति" जता सकते हैं और वह फ़िलहाल इस बात की जाँच कर रहा है कि उन्हें गलत मैसेज क्यों मिला था.

7. थर्ड पार्टी सबमिशन

बोर्ड को इस केस में सात पब्लिक कमेंट मिले. एक कमेंट लैटिन अमेरिका और कैरिबियन से तथा छह कमेंट अमेरिका और कनाडा से किए गए थे.

सबमिशन में ये थीम शामिल थीं: अयोहस्का की पारंपरिक प्रथा और धार्मिक उपयोगों के बारे में जानने का महत्व; समाज और कानून से संबंधित स्थानीय संदर्भ को ध्यान में रखकर कंटेंट मॉडरेशन की ज़रूरत; जब प्लेटफ़ॉर्म के बाहर होने वाले नुकसान के बारे में बताकर कम्युनिटी स्टैंडर्ड को सही ठहराया गया हो तब स्थानीय संदर्भ का महत्व; मतिभ्रम कराने वाली दवा के नुकसान और उपचार के फ़ायदों से जुड़े शैक्षणिक अध्ययन और इनके वास्तविक प्रमाण; और Facebook के कम्युनिटी स्टैंडर्ड को समान रूप से लागू करने की ज़रूरत.

इस केस को लेकर लोगों की ओर से सबमिट किए गए कमेंट देखने के लिए कृपया यहाँ पर क्लिक करें.

8. ओवरसाइट बोर्ड का विश्लेषण

बोर्ड ने इस सवाल पर ध्यान दिया कि क्या इन तीन दृष्टिकोणों से कंटेंट को रीस्टोर कर दिया जाना चाहिए: Facebook के कम्युनिटी स्टैंडर्ड और Instagram की कम्युनिटी गाइडलाइन; Meta के सार्वजनिक तौर पर बताए गए मूल्य; और मानवाधिकारों से जुड़ी इसकी ज़िम्मेदारियाँ. बोर्ड इस निष्कर्ष पर पहुँचा कि कंटेंट से अपडेट की गई कम्युनिटी गाइडलाइन और कम्युनिटी स्टैंडर्ड का उल्लंघन तो हुआ है, लेकिन Meta के मूल्यों और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार सिद्धांतों के अनुसार कंटेंट को रीस्टोर करना सही होगा. बोर्ड का सुझाव है कि Meta की कंटेंट पॉलिसी में बदलाव किए जाएँ, ताकि यूज़र्स वहाँ गैर-चिकित्सीय दवाओं के पारंपरिक या धार्मिक उपयोगों के समर्थन के बारे में बात कर सकें, जहाँ इस तरह के उपयोग के ऐतिहासिक प्रमाण मिलते हैं.

8.1 Meta की कंटेंट पॉलिसी का अनुपालन

बोर्ड Meta की इस बात से सहमत है कि इस कंटेंट से Instagram की अपडेट की गई कम्युनिटी गाइडलाइन और Facebook के कम्युनिटी स्टैंडर्ड का उल्लंघन होता है. हालाँकि, नीचे की गई चर्चा के अनुसार, बोर्ड अब भी इसी निष्कर्ष पर पहुँचा है कि कंटेंट को रीस्टोर कर दिया जाना चाहिए और पॉलिसी से जुड़ा यह सुझाव देता है कि Meta के इस मामले से संबंधित स्टैंडर्ड में बदलाव होने चाहिए.

I. Instagram की कम्युनिटी गाइडलाइन

जिस समय इस कंटेंट को पोस्ट किया गया, तब Instagram की कम्युनिटी गाइ़डलाइन के अनुसार "गैर-कानूनी या डॉक्टर की सलाह पर ली जाने वाली दवाओं को "खरीदना या बेचना" (भले ही आपके क्षेत्र में ऐसा करना वैध हो)" निषिद्ध था और इनमें यूज़र्स को "अन्य विनियमित सामान खरीदते या बेचते समय हमेशा कानून का पालन करने" के निर्देश दिए गए थे. बोर्ड ने ध्यान दिया कि "गैर-कानूनी दवाओं," "भले ही आपके क्षेत्र में ऐसा करना वैध हो" का संदर्भ देने से भ्रम पैदा होता है और यह विरोधाभासी होता है.

यूज़र की पोस्ट में अयोहस्का की बिक्री या खरीदारी का कोई संदर्भ मौजूद नहीं था. Instagram की गाइडलाइन में अवैधानिकता और कानून का पालन करने के बारे में भी बताया गया है. यूज़र ब्राज़ील का रहने वाला है, जहाँ धार्मिक अनुष्ठानों के लिए और मूल निवासी समुदायों को अयोहस्का का उपयोग करने की अनुमति है (ब्राज़ील की नेशनल एंटी-ड्रग काउंसिल (CONAD) का 2010 रिज़ॉल्यूशन देखें). अयोहस्का को अमेरिका में संघीय कानून के तहत कुछ धार्मिक उद्देश्यों के लिए अनुमति दी गई है, जहाँ Meta निगमित है (अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय का Gonzales v. O Centro Espirita Beneficente Uniao Do Vegetal, 546 U.S. 418 (2006) केस देखें). इस संबंध में ऐसा कोई संकेत नहीं मिलता है कि यूज़र ने कानून का पालन नहीं किया था. इसलिए, किसी धार्मिक प्रथा के रूप में अयोहस्का के उपयोग के बारे में सकारात्मक तौर पर चर्चा करने से जुड़ा कंटेंट, जिसे यूज़र वैध मानता है, उससे Instagram की कम्युनिटी गाइडलाइन का उल्लंघन नहीं हुआ था, जैसा कि लोगों को बताया गया.

बोर्ड ने इस बारे में सवाल किए कि इस कंटेंट से Instagram के नियमों का उल्लंघन कैसे हुआ, जिनके जवाब में Meta ने कहा कि "गैर-कानूनी दवाओं" और "कानून का पालन करने" के बारे में बताने वाले नियम के टेक्स्ट के होते हुए भी गाइडलाइन को लागू करने से "न तो संबंधित पदार्थ और न ही उसके चाहे गए उपयोग की प्रकृति वैध हो जाती है." Meta ने कहा है कि Instagram पर मौजूद कंटेंट पर Instagram की कम्युनिटी गाइडलाइन के अलावा Facebook के कम्युनिटी स्टैंडर्ड भी लागू होते हैं. बोर्ड ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि यूज़र्स को इस कनेक्शन के बारे में अभी भी स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया है, ख़ास तौर पर जब दो अलग-अलग नियम भिन्न दिखाई देते हों, जैसा कि उस समय हुआ था.

जिस समय इस कंटेंट को पोस्ट किया गया, तब इससे Instagram की कम्युनिटी गाइ़डलाइन का उल्लंघन नहीं हुआ था क्योंकि उन्हें उसी समय जोड़ा गया था, जो बिक्री या खरीद से जुड़े कंटेंट तक ही सीमित थीं, लेकिन फिर भी कंटेंट से Facebook के संबंधित कम्युनिटी स्टैंडर्ड का उल्लंघन हुआ था. जैसा कि ऊपर बताया गया है, Meta ने "गैर-कानूनी या डॉक्टर की सलाह पर ली जाने वाली दवाएँ" नाम को "गैर-चिकित्सीय या औषधीय दवाएँ" नाम से बदलने के लिए 26 अक्टूबर 2021 को Instagram की कम्युनिटी गाइडलाइन को अपडेट किया, और ऐसे कंटेंट पर स्पष्ट रूप से रोक लगा दी "जिसमें या तो गैर-चिकित्सीय दवाओं के निजी उपयोग को स्वीकार किया जाता है (बीमारी के इलाज के संदर्भ को छोड़कर) या फिर जो इनके उपयोग में मदद करता या उसे बढ़ावा देता है", जो Facebook के विनियमित सामान से जुड़े कम्युनिटी स्टैंडर्ड की भाषा को दर्शाता है.

II. Facebook के कम्युनिटी स्टैंडर्ड

Instagram की संबंधित कम्युनिटी गाइडलाइन के एक हिस्से में Facebook के विनियमित सामान से जुड़े कम्युनिटी स्टैंडर्ड का लिंक है, जिसमें कहा गया है कि "अन्य विनियमित सामान खरीदते या बेचते समय हमेशा कानून का पालन करें" - बोर्ड ने ध्यान दिया कि इससे यूज़र्स को यह स्पष्ट नहीं होता है कि Instagram पर मौजूद सारे कंटेंट पर विनियमित सामान से जुड़ा पूरा कम्युनिटी स्टैंडर्ड लागू होता है. विनियमित सामान से जुड़ा कम्युनिटी स्टैंडर्ड गैर-चिकित्सीय दवाओं के उपयोग को "सही बताने" या "बढ़ावा देने" पर रोक लगाता है. 26 अक्टूबर से पहले की Instagram गाइडलाइन के विपरीत यह स्टैंडर्ड गैर-कानूनी दवाओं तक सीमित नहीं है. Meta ने गैर-चिकित्सीय दवाओं की सार्वजनिक परिभाषा उपलब्ध नहीं करवाई है, लेकिन उसने बोर्ड को बताया है कि इसमें ऐसे पदार्थ शामिल हैं जिनका उपयोग "गंभीर या अलग तरह की मानसिक स्थिति" में पहुँचने के लिए किया जा सकता है.

Meta ने कहा है कि वह किसी "आध्यात्मिक या धार्मिक प्रथा" की प्रक्रिया के तौर पर "अलग तरह की मानसिक स्थिति" में पहुँचने के लिए उपयोग की जाने वाली गैर-चिकित्सीय दवाओं को सही बताने वाले कंटेंट को ऐसे अन्य कंटेंट की तरह ही देखता है, जिसमें अलग तरह की मानसिक स्थिति में पहुँचने के लिए उपयोग की जाने वाली गैर-चिकित्सीय दवाओं को सही बताया जाता है. Meta के आंतरिक कार्यान्वयन से जुड़े स्टैंडर्ड में "गैर-चिकित्सीय दवाओं के चिकित्सा व विज्ञान संबंधी गुणों" की चर्चा करने की परमिशन दी गई है. पोस्ट में अयोहस्का के सामान्य उपचार गुणों के बारे में कुछ जानकारी, और पारंपरिक व धार्मिक प्रथाओं पर आधारित अन्य जानकारी शामिल है. सभी पहलुओं पर विचार करने पर बोर्ड ने पाया कि दूसरे भाग का प्रभाव अधिक है और यहाँ हुई चर्चा को उन प्रथाओं के वर्णन के रूप में समझा जाना चाहिए. बोर्ड ने जिन विशेषज्ञों से विचार-विमर्श किया, उन्होंने कहा कि इस पोस्ट का टेक्स्ट जानी-मानी प्रार्थनाओं और अनुष्ठानों का हिस्सा है और "जंगल की रानी" का संदर्भ इन परंपराओं के अंतर्गत वर्जिन मैरी का संदर्भ है.

बोर्ड कंपनी की इस बात से सहमत है कि कंटेंट से Facebook के विनियमित सामान से जुड़े कम्युनिटी स्टैंडर्ड का उल्लंघन होता है, जैसा कि Instagram की गाइडलाइन में दिए गए संदर्भ के अनुसार शामिल किया गया है. अयोहस्का को एक अलग तरह की मानसिक स्थिति में पहुँचने के लिए उपयोग किया जा सकता है, कंटेंट में इसके उपयोग को सही बताया गया है और कोई अनुमति नहीं दी गई है.

बोर्ड इस निष्कर्ष पर पहुँचा कि भले ही कंटेंट से विनियमित सामान से जुड़े कम्युनिटी स्टैंडर्ड का उल्लंघन हुआ है लेकिन Meta के मूल्यों और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों के अनुसार बोर्ड का कंटेंट को रीस्टोर करने का फ़ैसला सही है, जैसा कि नीचे सेक्शन 8.2 और 8.3 में विश्लेषण किया गया है. बोर्ड ने पॉलिसी से जुड़ा यह सुझाव भी दिया है कि कम्युनिटी स्टैंडर्ड को Meta के मूल्यों और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार मानकों के अनुकूल बनाया जाए.

8.2 Meta के मूल्यों का अनुपालन

बोर्ड इस निष्कर्ष पर पहुँचा कि Meta का कंटेंट को हटाने का फ़ैसला कंपनी के मूल्यों के अनुरूप नहीं था. अन्य कई केसों की तरह इस केस में भी Meta के "अभिव्यक्ति," "सुरक्षा," और "गरिमा" के मूल्य अलग-अलग दिशाओं की ओर इशारा करते हैं. Meta के पोस्ट को हटाने के फ़ैसले में "अभिव्यक्ति" से ज़्यादा "सुरक्षा" को महत्व दिया गया. बोर्ड इन मूल्यों को अलग तरह से संतुलित करेगा, उसका मानना है कि “सुरक्षा” के प्रति चिंता सही तो थी, लेकिन इस संदर्भ में उसके प्रति ज़्यादा आग्रह नहीं होने पर भी, “अभिव्यक्ति” और उन लोगों की "गरिमा" से ज़्यादा महत्व दिया गया, जो वहाँ पारंपरिक या धार्मिक उपयोगों में शामिल थे, जहाँ मूल निवासी और धार्मिक समुदायों के उपयोग सहित इस तरह के उपयोग के ऐतिहासिक प्रमाण मिलते हैं. वैज्ञानिक शोध से पता चलता है कि पारंपरिक और धार्मिक अनुष्ठानों में नियंत्रित संदर्भ में अयोहस्का के उपयोग से किसी नुकसान का गंभीर जोखिम नहीं होता है. Meta ने अयोहस्का के उपयोग से जुड़े जोखिमों के बारे में समझाने के लिए यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय के Franklin-Beentjes और Ceflu-Luz da Floresta बनाम नीदरलैंड केस (केस सं. 28167/07, यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय, 6 मई 2014) का ज़िक्र किया. हालाँकि, अन्य न्यायालय किसी और निष्कर्ष पर पहुँचे हैं - जैसे कि अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय ने अयोहस्का आधारित धर्म के सदस्यों द्वारा "होस्का के सीमित और पवित्र उपयोग" से होने वाले नुकसान के जोखिम पर विचार करते हुए यह पाया कि सरकार ने इन परिस्थितियों में लगाई गई रोक को सही ठहराने के लिए धार्मिक उपयोग से होने वाले नुकसान के पर्याप्त सबूत सामने नहीं रखे, जो उसे करना चाहिए था. ऐसा लगता है कि Meta के तर्क में अयोहस्का के उन नियंत्रित उपयोगों पर ध्यान नहीं दिया गया है, जिनका उद्देश्य स्वास्थ्य से जुड़े जोखिमों को कम करना होता है. वैज्ञानिक शोध को ध्यान में रखते हुए Meta के तर्क में इस पोस्ट से “सुरक्षा” के मूल्य पर होने वाले खतरे के बारे में उस हद तक नहीं बताया गया है, जो पोस्ट को हटाने के फ़ैसले को सही ठहराने की सीमा तक “अभिव्यक्ति” और “गरिमा” को प्रतिस्थापित करने के लिए पर्याप्त हो. इन हितों के बारे में नीचे सेक्शन 8.3.III में और चर्चा की गई है.

8.3 Meta की मानवाधिकारों से जुड़ी ज़िम्मेदारियों का अनुपालन

बोर्ड ने पाया कि मानवाधिकार मानक पोस्ट को Instagram पर रीस्टोर करने की ओर इशारा करते हैं. Meta, बिज़नेस और मानवाधिकारों के बारे में संयुक्त राष्ट्र के मार्गदर्शक सिद्धांतों (UNGP) के तहत मानवाधिकारों का सम्मान करने के लिए प्रतिबद्ध है. इसकी कॉर्पोरेट मानवाधिकार पॉलिसी में बताया गया है कि इस प्रतिबद्धता में नागरिक और राजनैतिक अधिकारों से संबंधित अंतरराष्ट्रीय प्रतिज्ञापत्र (ICCPR) शामिल है.

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता

ICCPR के अनुच्छेद 19 में अभिव्यक्ति की विस्तृत सुरक्षा का प्रावधान है. मानवाधिकार समिति ने कहा है कि “अन्य सभी अधिकारों [धर्म और आस्था की स्वतंत्रता सहित] का उपयोग करने के लिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता भी अनिवार्य है” (A/HRC/40/58, पैरा. 5). अभिव्यक्ति अन्य अधिकारों की "'शुरुआत' की तरह काम करती है, जिसमें [...] सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने का अधिकार शामिल है" ( A/HRC/17/27 पैरा 22, सामान्य टिप्पणी 21, पैरा. 13-19, 37, 43 भी देखें). अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों की विविधता को बढ़ावा देना आसान हो जाता है ( UNESCO 2005 कन्वेंशन).

जैसा कि ऊपर उल्लेख किया गया है, इस केस में संबंधित पोस्ट में उस क्षेत्र की पारंपरिक या धार्मिक प्रथा के संदर्भ में अयोहस्का के उपयोग पर चर्चा की गई थी, जिस क्षेत्र में यह पोस्ट की गई थी. भले ही अयोहस्का का उपयोग हाल ही में एक बड़ी आबादी में फैल गया है, लेकिन यह लैटिन अमेरिका के कुछ मूल निवासी और धार्मिक समूहों तथा लैटिन अमेरिकी प्रवासियों की औपचारिक प्रथाओं का एक मुख्य हिस्सा है.

अनुच्छेद 19 के अनुसार जहाँ राज्य अभिव्यक्ति पर प्रतिबंध लागू करता है, वहाँ प्रतिबंधों को वैधानिकता, वैधानिक लक्ष्य और आवश्यकता तथा अनुपात की शर्तों को पूरा करना ज़रूरी होता है (अनुच्छेद 19, पैरा. 3, ICCPR). जैसा कि ऊपर कहा गया है, Meta स्वेच्छा से मानवाधिकार मानकों का सम्मान करने के लिए प्रतिबद्ध है.

I. वैधानिकता (नियमों की स्पष्टता और सुलभता)

टेस्ट के पहले भाग में अभिव्यक्ति को सीमित करने वाले नियम स्पष्ट और सुलभ होने चाहिए, ताकि प्रभावित हुए लोगों को नियमों की जानकारी हो और वे उनका पालन कर सकें (सामान्य टिप्पणी सं. 34, पैरा 24-25). अगर Meta की बात करें, तो इसके प्लेटफ़ॉर्म पर मौजूद यूज़र्स को यह समझ में आना चाहिए कि क्या करने की अनुमति है और किस चीज़ पर रोक लगाई गई है. इस केस में बोर्ड इस निष्कर्ष पर पहुँचा कि Meta उस ज़िम्मेदारी को पूरा करने से चूक गया.

बोर्ड ने Instagram यूज़र्स के लिए इस बारे में स्पष्टता की कमी की ओर बार-बार ध्यान खींचा है कि उनके कंटेंट पर कौन-सी पॉलिसी लागू होती हैं. ब्राज़ील में स्तन कैंसर जागरूकता के बारे में 2020-004-IG-UA केस का फ़ैसला और ओजलान के कारावास से संबंधित टिप्पणी के बारे में 2021-006-IG-UA केस का फ़ैसला पढ़ें. इन नियमों में बदलाव किए जाने के बावजूद, बोर्ड ने यहाँ उस चिंता को दोहराया.

Instagram की कम्युनिटी गाइडलाइन में यूज़र्स को इस बारे में स्पष्ट रूप से जानकारी नहीं दी गई है कि वहाँ Facebook के कम्युनिटी स्टैंडर्ड भी लागू होते हैं. हालाँकि गाइडलाइन के कुछ सेक्शन कम्युनिटी स्टैंडर्ड से जुड़े हैं, लेकिन Meta के तर्क के अनुसार यूज़र ने जिन गाइडलाइन का उल्लंघन किया ("गैर-कानूनी या डॉक्टर की सलाह पर ली जाने वाली दवाओं की खरीदारी या बिक्री") उनके सेक्शन में Facebook के कम्युनिटी स्टैंडर्ड का कोई हाइपरलिंक नहीं है. यूज़र्स को उस नियम को ढूँढने के लिए ट्रांसपेरेंसी सेंटर की रिपोर्ट देखनी होंगी, जिसमें बताया गया है कि "Facebook और Instagram की कंटेंट पॉलिसी एक दूसरे पर लागू होती हैं. इसका मतलब यह है कि अगर कंटेंट को Facebook पर उल्लंघन करने वाला माना जाता है, तो उसे Instagram पर भी उल्लंघन करने वाला माना जाएगा." बोर्ड ने ध्यान दिया कि एक जैसी पॉलिसी के अपवाद हैं - बोर्ड के 2021-006-IG-UA केस में गाइडलाइन और स्टैंडर्ड के बीच कनेक्शन को स्पष्ट रूप से बताने के पिछले सुझाव के जवाब में Meta ने यह कहा है कि जैसे कि Instagram पर मौजूद लोगों के अलग-अलग उद्देश्यों के हिसाब से कई अकाउंट हो सकते हैं, जबकि Facebook पर मौजूद लोग अपनी "प्रामाणिक पहचान" का उपयोग करके केवल एक अकाउंट ही बना सकते हैं.

Meta यूज़र्स को इस कनेक्शन के बारे में अतिरिक्त जानकारी देने तथा बोर्ड के पिछले सुझावों के जवाब में 2021 के अंत तक अपनी प्रगति के बारे में अपडेट देने के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन बोर्ड इस बात से चिंतित है कि कंपनी अभी भी Instagram पर Facebook के कम्युनिटी स्टैंडर्ड लागू करती है लेकिन उसने ऐसा करने के बारे में यूज़र्स को साफ़ तौर पर नहीं बताया है. यह बात बोर्ड की समझ से बाहर है कि Meta गाइडलाइन की भाषा को तुरंत अपडेट करके यूज़र्स के साथ अधिक पारदर्शिता क्यों नहीं रख पा रहा है. इसके कई कारण हो सकते हैं कि विशिष्ट पॉलिसी अन्य सभी प्लेटफ़ॉर्म को छोड़कर केवल एक प्लेटफ़ॉर्म पर लागू होनी चाहिए लेकिन यूज़र्स के लिए यह जानना ज़रूरी है कि ऐसा किस मामले में होता है.

इस केस में ख़ास तौर पर भ्रम पैदा होता है क्योंकि जिस समय संबंधित कंटेंट पोस्ट किया गया था तब उससे Instagram की कम्युनिटी गाइडलाइन का उल्लंघन नहीं हुआ था जैसा कि यूज़र को बताया गया, लेकिन वहीं उससे Facebook के कम्युनिटी स्टैंडर्ड का उल्लंघन हुआ था. उस समय, कम्युनिटी गाइडलाइन के अनुसार गैर-कानूनी दवाओं की खरीद और बिक्री से संबंधित कंटेंट पर रोक लगाई गई थी और कानून का पालन करने पर ज़ोर दिया गया था. जैसा कि ऊपर बताया गया है, ब्राज़ील, जहाँ यूज़र रहता है, और अमेरिका, जहाँ Meta स्थित है, दोनों जगह राष्ट्रीय कानून में ऐसे कुछ अपवाद हैं जो धार्मिक (और ब्राजील में, मूल निवासियों द्वारा) उपयोग के संदर्भ में अयोहस्का के उपयोग की परमिशन देते हैं. बोर्ड को यह स्पष्ट नहीं है कि एक Instagram यूज़र को यह कैसे पता होगा कि इस कंटेंट पर रोक लगाई गई थी, यह देखते हुए कि यूज़र गैर-कानूनी दवाओं की खरीदारी या बिक्री नहीं कर रहा था और यह मानता था कि उसने कानून का पालन किया है.

जैसा कि ऊपर बताया गया है, Meta ने "गैर-कानूनी या डॉक्टर की सलाह पर ली जाने वाली दवाएँ" नाम को "गैर-चिकित्सीय या औषधीय दवाएँ" नाम से बदलने के लिए 26 अक्टूबर 2021 को Instagram की कम्युनिटी गाइडलाइन को अपडेट किया, और ऐसे कंटेंट पर स्पष्ट रूप से रोक लगा दी "जिसमें या तो गैर-चिकित्सीय दवाओं के निजी उपयोग को स्वीकार किया जाता है (बीमारी के इलाज के संदर्भ को छोड़कर) या फिर जो इनके उपयोग में मदद करता या उसे बढ़ावा देता है", जो विनियमित सामान से जुड़े कम्युनिटी स्टैंडर्ड की भाषा को दर्शाता है. इस अपडेट में Meta द्वारा लागू किए जाने वाले नियमों को स्पष्ट रूप से और अधिक सटीकता से दर्शाया गया है.

बोर्ड ने आगे पाया कि Facebook के विनियमित सामान से जुड़े कम्युनिटी स्टैंडर्ड के तहत पदार्थों की परिभाषाएँ यूज़र्स के लिए पर्याप्त रूप से समझने योग्य और पारदर्शी नहीं हैं. इस स्टैंडर्ड के तहत कुछ सामानों से संबंधित कंटेंट पर रोक लगाई है जिनमें बंदूकें, गाँजा, औषधीय दवाएँ और गैर-चिकित्सीय दवाएँ तथा शराब व तंबाकू शामिल हैं. Meta ने यूज़र्स के लिए गैर-चिकित्सीय दवाओं की परिभाषा नहीं बताई लेकिन बोर्ड से कहा कि वह मॉडरेटर्स के लिए आंतरिक परिभाषा के साथ-साथ गैर-चिकित्सीय दवाओं की एक गोपनीय सूची बनाए रखता है.

अंत में, यूज़र को यह नहीं बताया गया था कि उनसे Meta की किस कंटेंट पॉलिसी का उल्लंघन हुआ था. कंपनी के अनुसार, यूज़र को यह बताने वाला मैसेज मिला था कि पोस्ट को "नशीली दवाओं के उपयोग को बढ़ावा देने" के कारण हटाया गया था. चूँकि यह शर्त Instagram की कम्युनिटी गाइडलाइन या Facebook के कम्युनिटी स्टैंडर्ड में कहीं भी मौजूद नहीं है, इसलिए बोर्ड ने पाया कि Meta ने यूज़र को पॉलिसी के उल्लंघन के बारे में स्पष्ट रूप से नहीं बताया. बोर्ड ने पिछले केसों में इस संबंध में सुझाव दिए हैं ('दो बटनों' वाले मीम के बारे में 2021-005-FB-UA केस का फ़ैसला और नाज़ी उद्धरण के बारे में 2020-005-FB-UA केस का फ़ैसला पढ़ें).

इन समस्याओं को देखते हुए, बोर्ड ने पाया कि Meta ने अपने नियमों को स्पष्ट और यूज़र्स के लिए सुलभ बनाने की अपनी जिम्मेदारी को पूरा नहीं किया. बोर्ड ने Instagram की कम्युनिटी गाइडलाइन और Facebook कम्युनिटी स्टैंडर्ड के बीच के संबंधों के बारे में बताने और यूज़र्स को यह बताने के पिछले सुझाव फिर से दिए हैं, कि उनके कंटेंट से कंपनी पॉलिसी का उल्लंघन किस तरह हुआ था.

II. वैधानिक लक्ष्य

किसी भी देश के अभिव्यक्ति से संबंधित प्रतिबंध में ICCPR के अनुच्छेद 19, पैरा. 3 में सूचीबद्ध वैधानिक लक्ष्यों में से किसी एक का अनुसरण किया जाना चाहिए. बोर्ड ने पाया है कि ये उद्देश्य Meta की कंटेंट पॉलिसी को भी प्रेरित कर सकते हैं. यहाँ, Meta ने सार्वजनिक स्वास्थ्य को अपनी पॉलिसी का उद्देश्य बताया और बोर्ड इस बात से सहमत है कि यह एक वैध उद्देश्य है.

III. आवश्यकता और आनुपातिकता

बोर्ड का निष्कर्ष है कि आवश्यकता और आनुपातिकता से जुड़े अंतरराष्ट्रीय मानक इस कंटेंट को Instagram पर रीस्टोर करने का इशारा करते हैं. बोर्ड Meta के इस दावे से भी सहमत नहीं है कि इस केस में लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए अयोहस्का के समर्थन में किए गए कमेंट पर रोक लगाना ज़रूरी था. इस केस में, बोर्ड ने पाया कि मुख्य रूप से धार्मिक संदर्भ में अयोहस्का के उपयोग पर चर्चा करने वाले इस कंटेंट और उससे हो सकने वाले नुकसान के बीच कोई सीधा और तात्कालिक संबंध नहीं था. यूज़र ने अयोहस्का का उपयोग करने के निर्देश या इसकी उपलब्धता की जानकारी पोस्ट नहीं की थी. मादक पदार्थों के बारे में 1971 का यूनाइटेड नेशंस कन्वेंशन और नशीली दवाओं और मादक पदार्थों की अवैध तस्करी के विरुद्ध 1988 का यूनाइटेड नेशंस कन्वेंशन, दोनों ही क्रमशः उस तरह के पदार्थों को अपवाद मानते हैं, जो "पारंपरिक रूप से उपयोग किए जाते हैं" और जिनका "वहाँ पारंपरिक तौर पर जायज उपयोग किया जाता है, जहाँ उस तरह के उपयोग के ऐतिहासिक प्रमाण हों". वैज्ञानिक स्रोत बताते हैं कि पारंपरिक और धार्मिक समारोहों में नियंत्रित संदर्भ में अयोहस्का के उपयोग से किसी नुकसान का गंभीर जोखिम नहीं होता है. इन बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए, गैर-चिकित्सा दवाओं का समर्थन करने वाली सभी चर्चाओं पर रोक लगाने वाला मौजूदा नियम अभी लागू है.

बोर्ड मानता है कि इन अंतरराष्ट्रीय नियमों और साथ ही क्षेत्रीय व राष्ट्रीय फ़ैसलों में बताए गए अपवाद, नशीले और मादक पदार्थों को अपने पास रखने और उनका उपयोग करने से संबंधित हैं, न कि उनके बारे में बात करने से. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की प्राथमिकता के संदर्भ में, बोर्ड ने यह निष्कर्ष निकाला है कि अधिकांश संदर्भों में किसी प्रासंगिक अपवाद के तहत सही माने गए आचरण से संबंधित बातचीत पर रोक लगाना आवश्यक और उपयुक्त नहीं होता है.

Meta ने तर्क दिया कि अयोहस्का के चिकित्सीय या वैज्ञानिक लाभों की चर्चा या इसकी वैधता की वकालत करने से कोई जोखिम नहीं होगा, लेकिन आम तौर पर पारंपरिक या धार्मिक संदर्भ में अयोहस्का का समर्थन करने से काफ़ी गंभीर जोखिम हो सकता है, इसलिए इसे हटा दिया जाना चाहिए. बोर्ड के अनुसार Meta ने इस अंतर को ठीक से स्पष्ट नहीं किया है, न ही यह अन्य पदार्थों, जैसे कि गाँजा, तंबाकू और शराब के प्रति इसके नज़रिए के अनुरूप है. Meta इन पदार्थों का समर्थन करने वाली चर्चा की अनुमति इस तथ्य के बावजूद भी देता है कि ये स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुँचा सकते हैं.

बोर्ड ने अन्य उपायों पर भी विचार किया है, जिनके ज़रिए Meta गैर-चिकित्सीय दवाओं से संबंधित कंटेंट को मॉडरेट करते समय सार्वजनिक स्वास्थ्य के प्रति बेहतर नज़रिए को बढ़ावा दे सकता है. Meta फ़िलहाल नशीली दवाओं से संबंधित शब्दों को सर्च करने वाले यूज़र्स को बताता है कि वे शायद कंटेंट पॉलिसी का उल्लंघन करने वाले कंटेंट की तलाश कर रहे हैं और उन्हें नशीली दवाओं की लत से बचाने वाले रिसोर्स के सुझाव देता है. हालाँकि, यह प्रतिक्रिया सभी गैर-चिकित्सीय दवाओं की सर्च करने पर समान रूप से जेनरेट नहीं होती है और Facebook या Instagram पर अयोहस्का की सर्च करते समय दिखाई नहीं देती है. नशीली दवाओं से संबंधित कंटेंट ढूँढने वाले यूज़र्स के लिए इस तरह के मैसेज को समान रूप से लागू करने से Meta को सार्वजनिक स्वास्थ्य के प्रति बेहतर नज़रिया दिखाने में मदद मिल सकती है.

यह देखते हुए कि कंटेंट को हटाना Meta के मूल्यों के अनुरूप नहीं था और मानवाधिकार सिद्धांत और अंतरराष्ट्रीय कानून इस तरह की अभिव्यक्ति की अनुमति देने की सिफ़ारिश करते हैं, बोर्ड ने फ़ैसला किया है कि उस कंटेंट को रीस्टोर कर दिया जाना चाहिए. हालाँकि, बोर्ड के कुछ सदस्यों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि इस तरह के कंटेंट को मानवाधिकार सिद्धांतों के अनुसार प्रतिबंधित किया जा सकता है. इन सदस्यों का कहना है कि अगर Meta ने गैर-चिकित्सीय दवाओं का समर्थन करने वाली चर्चा को प्रतिबंधित करने के बारे में एक स्पष्ट और गैर-एकपक्षीय पॉलिसी बना रखी थी, तो मानवाधिकार मापदंड Meta को एक निजी कंपनी के तौर पर उस पॉलिसी को लागू करने से नहीं रोकते हैं.

अन्य सदस्यों का मानना ​​​​है कि बड़े पैमाने पर एन्फ़ोर्समेंट करने और नियम लागू करने की व्यवस्था को सुनिश्चित करने की आवश्यकता को देखते हुए Facebook कम्युनिटी स्टैंडर्ड, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून के साथ असंगत नहीं हैं. इन सदस्यों के अनुसार "पारंपरिक और धार्मिक" दवाओं के लिए एक व्यापक अनुमति देना संभव नहीं होगा और इससे यूज़र्स व्यवस्था को "धोखा" देने की कोशिश कर सकते हैं. ऐसी अनुमति लागू करने के लिए एक-एक केस की जाँच ज़रूरी होगी, जिससे गंभीर अनिश्चितता का जोखिम पैदा होगा, इसलिए किसी ऐसे सामान्य नियम को लागू करने को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जिसे आसानी से लागू किया जा सके (तुलनात्मक दृष्टिकोण के लिए यह देखें: यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय, Animal Defenders International बनाम यूनाइटेड किंगडम का केस, पैरा. 108).

बोर्ड ने नीचे सुझाव दिया है कि Meta वहाँ गैर-चिकित्सीय दवाओं के पारंपरिक और धार्मिक उपयोगों का समर्थन करने वाली चर्चा की अनुमति देने के लिए अपने विनियमित सामान से संबंधित नियमों को संशोधित करे, जहाँ इस तरह के उपयोग के ऐतिहासिक प्रमाण हैं और इन पॉलिसी के तहत दी गई सभी अनुमतियाँ सार्वजनिक करे.

यह स्वीकार करते हुए कि Meta की पॉलिसी में बदलाव किया जाना चाहिए, बोर्ड के थोड़े सदस्यों का मानना ​​​​है कि मान्य पारंपरिक या धार्मिक उपयोग वाली गैर-चिकित्सीय दवाओं के बारे में सामान्य रूप से समर्थन वाले कथनों को प्रतिबंधित नहीं किया जाना चाहिए, भले ही वे कथन उन पारंपरिक या धार्मिक उपयोगों के बारे में चर्चा न करते हों. थोड़े सदस्यों का मानना ​​​​है कि Meta को उन पोस्ट में अंतर करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, जो पारंपरिक और धार्मिक गतिविधि का समर्थन करने वाली चर्चा करते हैं, क्योंकि इस तरह के मामलों में प्रभावी एन्फ़ोर्समेंट बहुत मुश्किल होता है. उनका कहना है कि दवाओं की आंतरिक सूची से पारंपरिक और धार्मिक उपयोग वाली गैर-चिकित्सीय दवाओं को हटाकर और कंटेंट मॉडरेटर को संदेह होने पर दवाओं की सूची से संदर्भ लेने का निर्देश देकर इस बदलाव को अधिक आसानी से लागू किया जा सकता है.

9. ओवरसाइट बोर्ड का फ़ैसला

बोर्ड ने Meta के कंटेंट हटाने के फ़ैसले को बदल दिया है और पोस्ट को रीस्टोर करने के लिए कहा है.

10. पॉलिसी से जुड़ी सलाह का कथन

एन्फ़ोर्समेंट

1. बोर्ड ने 2020-004-IG-UA केस के फ़ैसले और 2021-006-IG-UA केस के फ़ैसले वाले सुझाव फिर से दिए हैं कि Meta को यूज़र्स को समझाना चाहिए कि वह Facebook कम्युनिटी स्टैंडर्ड को Instagram पर कई विशिष्ट अपवादों के साथ लागू करता है. बोर्ड इन सुझावों पर Meta की प्रतिक्रिया पर ध्यान देता है. जब Meta सुझावों का पालन करने के लिए अन्य कदम उठा रहा है, बोर्ड Meta को सुझाव देता है कि वह Instagram कम्युनिटी गाइडलाइन (“संक्षिप्त” कम्युनिटी गाइडलाइन) के परिचय को 90 दिनों में अपडेट करे, ताकि यूज़र्स को पता चल सके कि अगर कंटेंट Facebook पर उल्लंघन करने वाला पाया गया, तो वह Instagram पर भी उल्लंघन करने वाला माना जाएगा, जैसा कि कंपनी के ट्रांसपेरेंसी सेंटर में कुछ अपवादों के साथ बताया गया है.

2. बोर्ड ने 2021-005-FB-UA केस के फ़ैसले और 2020-005-FB-UA केस के फ़ैसले वाले सुझाव फिर से दिए हैं कि Meta को यूज़र्स को समझाना चाहिए कि उन्होंने वास्तव में कंटेंट पॉलिसी के किस नियम का उल्लंघन किया है.

कंटेंट पॉलिसी

3. विविध पारंपरिक और धार्मिक अभिव्यक्तियों और प्रथाओं का सम्मान करने के लिए, बोर्ड सुझाव देता है कि Meta वहाँ गैर-चिकित्सीय दवाओं के पारंपरिक और धार्मिक उपयोगों का समर्थन करने वाली चर्चा को अनुमति देने के लिए Instagram कम्युनिटी गाइडलाइन और Facebook के विनियमित सामान से जुड़े कम्युनिटी स्टैंडर्ड में बदलाव करे, जहाँ इस तरह के उपयोग के ऐतिहासिक प्रमाण हैं. बोर्ड यह सुझाव भी देता है कि Meta मौजूदा अनुमतियों के साथ-साथ सभी अनुमतियों को सार्वजनिक करे.

*प्रक्रिया संबंधी नोट:

ओवरसाइट बोर्ड के फ़ैसले पाँच सदस्यों के पैनल द्वारा लिए जाते हैं और बोर्ड के अधिकांश सदस्य इन पर सहमति देते हैं. ज़रूरी नहीं है कि बोर्ड के फ़ैसले उसके हर एक मेंबर की निजी राय को दर्शाएँ.

इस केस के फ़ैसले के लिए, बोर्ड की ओर से स्वतंत्र शोध को अधिकृत किया गया. एक स्वतंत्र शोध संस्थान जिसका मुख्यालय गोथेनबर्ग यूनिवर्सिटी में है और छह महाद्वीपों के 50 से भी ज़्यादा समाजशास्त्रियों की टीम के साथ ही दुनिया भर के देशों के 3,200 से भी ज़्यादा विशेषज्ञों ने सामाजिक-राजनैतिक और सांस्कृतिक संदर्भ में विशेषज्ञता मुहैया कराई है. Lionbridge Technologies, LLC कंपनी ने भाषा संबंधी विशेषज्ञता की सेवा दी, जिसके विशेषज्ञ 350 से भी ज़्यादा भाषाओं में अपनी सेवाएँ देते हैं और वे दुनिया भर के 5,000 शहरों से काम करते हैं. बोर्ड को Duco Advisers की सहायता भी मिली, जो भौगोलिक-राजनैतिक, विश्वास और सुरक्षा और टेक्नोलॉजी के आपसी संबंध पर काम करने वाली एक एडवाइज़री फ़र्म है.

मामले के निर्णयों और नीति सलाहकार राय पर लौटें