सही ठहराया
दुतेर्ते के समर्थन में नारे लगाने वाले विरोध प्रदर्शन का फ़ुटेज
25 नवंबर 2025
ओवरसाइट बोर्ड ने एक ऐसी Facebook पोस्ट को बनाए रखने के Meta के फ़ैसले को कायम रखा जिसमें फ़िलीपींस में राजनैतिक संकट के समय एक हेरफेर किया गया वीडियो शेयर किया गया था, लेकिन बोर्ड ने कहा कि उस कंटेंट को “बहुत गंभीर जोखिम” वाला लेबल किया जाना चाहिए था क्योंकि उसमें सार्वजनिक महत्व के एक मामले में यूज़र्स को धोखा देने की अत्यधिक क्षमता है.
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सारांश
ओवरसाइट बोर्ड ने एक ऐसी Facebook पोस्ट को बनाए रखने के Meta के फ़ैसले को कायम रखा जिसमें फ़िलीपींस में राजनैतिक संकट के समय एक हेरफेर किया गया वीडियो शेयर किया गया था, लेकिन बोर्ड ने कहा कि उस कंटेंट को “बहुत गंभीर जोखिम” वाला लेबल किया जाना चाहिए था क्योंकि उसमें सार्वजनिक महत्व के एक मामले में यूज़र्स को धोखा देने की अत्यधिक क्षमता है. बोर्ड ने सुझाव दिया कि Meta, सार्वजनिक रूप से यह समझाए कि उसके हेरफेर किए गए मीडिया संबंधी लेबल कौन-से हैं और वह उन्हें कैसे लागू करता है. वीडियो को फ़ैक्ट-चेकिंग के लिए प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी और बोर्ड ने पाया कि वह अन्य फ़ैक्ट-चेक किए गए कंटेंट के लगभग समान है. इसके अलावा, Meta को गुमराह करने वाले कंटेंट के बेहतर समाधान के लिए फ़ैक्ट-चेकर्स को बेहतर टूल देना चाहिए.
केस की जानकारी
मार्च 2025 में, फ़िलीपींस के पूर्व राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते को 2016 से 2022 तक अपने कार्यकाल के दौरान मानवता के खिलाफ़ कथित अपराधों के आरोपों का सामना करने के लिए नीदरलैंड में अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय में प्रत्यर्पित किया गया था. उनकी गिरफ़्तारी के कुछ दिन बाद, Facebook के एक यूज़र ने हेरफेर किया गया एक वीडियो फिर से शेयर किया जिसे एक अन्य यूज़र द्वारा पोस्ट किया गया था. फिर से शेयर किए गए वीडियो में सर्बियाई विरोध प्रदर्शन का एक फ़ुटेज है जिसका दुतेर्ते की गिरफ़्तारी से कोई संबंध नहीं है और इसमें कैप्शन और ऑडियो जोड़कर इसे इस तरह बदला गया है जिससे लगे कि नीदरलैंड में दुतेर्ते के समर्थन में प्रदर्शन हो रहे हैं.
वीडियो में एक टेक्स्ट ओवरले था जिसमें “नीदरलैंड” लिखा था. जोड़े गए ऑडियो में लोग बार-बार “दुतेर्ते-दुतेर्ते” चिल्ला रहे हैं और साथ में तागालॉग भाषा का गाना “बायान को” बज रहा है. “बायान को” गाना, 1980 के दशक में फ़िलिपींस में मार्शल लॉ विरोध प्रदर्शनों के दौरान लोकप्रिय था.
मूल पोस्ट, जिसे सैकड़ों बार शेयर किया गया था और जिसे लगभग 100,000 व्यू मिले थे, को Meta के ऑटोमेटेड सिस्टम द्वारा संभावित रूप से गलत जानकारी के रूप में फ़्लैग किया गया था. Meta ने फ़ैक्ट-चेकिंग के लिए कंटेंट को ऑनलाइन कतार में शामिल किया था. इसके अलावा, Meta ने गैर-अमेरिकी यूज़र्स की Facebook फ़ीड में पोस्ट की विज़िबिलिटी को कुछ समय के लिए कम भी कर दिया था. इससे मिलते-जुलते कई वीडियो वायरल हुए और कई को फ़िलीपींस में Meta के फ़ैक्ट-चेकिंग पार्टनर्स ने झूठा करार दिया. हालाँकि, कतार में पोस्ट की अत्यधिक संख्या के कारण, फ़ैक्ट-चेकर खास तौर पर इस पोस्ट का रिव्यू नहीं कर पाए. एक अन्य Facebook यूज़र ने रिपोर्ट की कि फिर से शेयर की गई यह पोस्ट गलत जानकारी फैला रही है. Meta ने पोस्ट को बनाए रखा, जिसके खिलाफ़ यूज़र ने अपील की. एक ह्यूमन रिव्यूअर ने अपील पर विचार किया और शुरुआती फ़ैसले को कायम रखा. इसके बाद, उस यूज़र ने ओवरसाइट बोर्ड से अपील की.
मुख्य निष्कर्ष
बोर्ड इस बात पर Meta से सहमत है कि इस पोस्ट को बनाए रखा जाना चाहिए था, क्योंकि इसमें ऐसा कंटेंट नहीं है जिसकी परमिशन Meta की गलत जानकारी से जुड़ी पॉलिसी में नहीं दी गई है, जैसे मतदान स्थलों, प्रक्रियाओं या उम्मीदवार की योग्यता पर चर्चा करना. हालाँकि, बोर्ड ने नोट किया कि कंटेंट को फ़ैक्ट-चेकिंग के लिए रेफ़र करने और यूज़र्स फ़ीड में कुछ समय के लिए पोस्ट को नीचे दिखाने के अलावा, Meta को कंटेंट पर "बहुत गंभीर जोखिम" लेबल लगाना चाहिए था क्योंकि इसमें एक डिजिटल रूप से बदला गया, असली जैसा लगने वाला वीडियो था, जिसमें एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक घटना के दौरान लोगों को धोखा देने का उच्च जोखिम था.
हेरफेर किए गए मीडिया की लेबलिंग के संबंध में पारदर्शिता देने के महत्व को देखते हुए, बोर्ड ने सुझाव दिया कि Meta अपने अलग-अलग लेबल और उन्हें लागू करने की शर्तों के बारे में लोगों को बताए. फ़िलहाल, हेरफेर किए गए मीडिया की लेबलिंग के बारे में Meta की सबसे ज़्यादा जानकारी बोर्ड के फ़ैसलों में उपलब्ध है.
Meta को यह सुनिश्चित करने के लिए और कदम उठाने चाहिए थे कि पोस्ट को फ़ैक्ट-चेक कर लिया गया है. भले ही चुनावों के दौरान Meta इस तरह के कंटेंट की फ़ैक्ट-चेकिंग करता है, लेकिन पूर्व राष्ट्राध्यक्ष की हाई-प्रोफ़ाइल गिरफ़्तारी और अन्य “सामयिक, ट्रेंडिंग और परिणामी” राजनैतिक संकटों को ऐसी महत्वपूर्ण घटनाएँ माना जाना चाहिए जिनके लिए बड़े स्तर की जाँच करना ज़रूरी है. इसके अलावा, अपने रिव्यू के बाद, बोर्ड ने पाया कि इस केस के कंटेंट को पहले फ़ैक्ट-चेक किए गए कंटेंट के लगभग समान मानते हुए उस पर उसी तरह का लेबल लगाया जाना चाहिए था, लेकिन बोर्ड ने पाया कि Meta को बड़े पैमाने पर इस तरह के निर्धारण में परेशानी आती है.
बोर्ड ने नोट किया कि हेरफेर किया गया वीडियो, गलत जानकारी फैलाने वाले कैंपेन का हिस्सा हो सकता है, जिसमें मिलते-जुलते, लेकिन एक जैसे नहीं, कंटेंट को फ़ैक्ट-चेकिंग से बचने के लिए कुछेक बदलावों के साथ पोस्ट और शेयर किया जाता है. इससे यह ज़रूरी हो जाता है कि Meta के पास गुमराह करने वाली वायरल पोस्टों से निपटने के लिए मज़बूत प्रोसेस हों, जिनमें रिव्यू के लिए समान या लगभग समान कंटेंट को प्राथमिकता देना और अपनी सभी प्रासंगिक पॉलिसी और संबंधित टूल्स को लागू करना शामिल है. फ़ैक्ट-चेकर्स को ऐसे वायरल कंटेंट की झटपट पहचान करने के लिए बेहतर टूल्स भी दिए जाने चाहिए, जिनमें गुमराह करने वाले दावों दोहराने की संभावना हो.
ओवरसाइट बोर्ड का फ़ैसला
बोर्ड ने कंटेंट को बनाए रखने के Meta के फ़ैसले को कायम रखा.
बोर्ड ने Meta को ये सुझाव भी दिए हैं कि वह:
- उन अलग-अलग सूचनाप्रद लेबल की जानकारी दे जिनका उपयोग कंपनी हेरफेर किए गए मीडिया के लिए करती है और यह भी बताए कि उनका उपयोग कब किया जाता है.
- फ़ैक्ट-चेकिंग इंटरफ़ेस के भीतर एक अलग कतार बनाए जिसमें ऐसा कंटेंट शामिल हो जो किसी खास मार्केट में पहले से फ़ैक्ट-चेक किए गए कंटेंट से मिलता-जुलता हो, लेकिन समान या लगभग समान न हो.
*केस के सारांश से केस का ओवरव्यू मिलता है और भविष्य में लिए जाने वाले किसी फ़ैसले के लिए इसको आधार नहीं बनाया जा सकता है.
मामले का पूरा फ़ैसला
- केस की जानकारी और बैकग्राउंड
नीदरलैंड्स में अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय में आरोपों का सामना करने के लिए मार्च 2025 में फ़िलीपींस के पूर्व राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते के गिरफ़्तार होने के बाद, Facebook के एक यूज़र ने एक अन्य यूज़र का वीडियो फिर से शेयर किया. मूल वीडियो में सड़क पर जुटी भीड़ को दिखाया गया है, जिनके हाथों में तख्तियां और सर्बियाई झंडा है. वीडियो में "नीदरलैंड" लिखा हुआ है और बैकग्राउंड में देशभक्तिपूर्ण तागालॉग गाना "बायन को" बज रहा है. लोगों को ऑडियो में बार-बार “दुतेर्ते!” चिल्लाते हुए भी सुना जा सकता है. "बायन को" गाना 1980 के दशक में दिवंगत तानाशाह और पूर्व राष्ट्रपति फ़र्डिनेंड मार्कोस सीनियर के खिलाफ़ मार्शल लॉ विरोधी प्रदर्शनों के दौरान लोकप्रिय हुआ था. मूल पोस्ट का कैप्शन अंग्रेज़ी भाषा में था: “नीदरलैंड्स सपोर्टर.” इस केस में विचाराधीन फिर से शेयर की गई Facebook पोस्ट के कैप्शन में विनती करने वाले चेहरे के तीन इमोजी थे. इस प्रकार यह पोस्ट, सर्बियाई विरोध प्रदर्शन की लगती है जिसका दुतेर्ते की गिरफ़्तारी से कोई संबंध नहीं है, लेकिन इसके साथ जो कैप्शन और ऑडियो जोड़े गए हैं, उनसे ऐसा दिखाया गया है कि यह नीदरलैंड में दुतेर्ते के समर्थकों का प्रदर्शन है.
मूल Facebook पोस्ट को सैकड़ों बार शेयर किया गया है और पोस्ट करने के बाद से उसे 100,000 व्यू मिल चुके हैं. इसे पोस्ट किए जाने पर, Meta के एक क्लासिफ़ायर ने इसे संभावित रूप से गलत जानकारी के रूप में फ़्लैग किया. कंपनी ने फिर इस कंटेंट को उस ऑनलाइन कतार में शामिल किया जैसे वह अपने थर्ड पार्टी फ़ैक्ट चेकिंग पार्टनर्स को उपलब्ध कराती है. इस वीडियो के मिलते-जुलते वर्जन मार्च 2025 में Facebook पर वायरल हुए; जिनमें से कई को Meta के फ़ैक्ट-चेकर ने फ़ैक्ट-चेक करके गलत बताया. ऐसी पोस्ट की भारी संख्या और प्लेटफ़ॉर्म पर उनके तेज़ी से फैलने के कारण, फ़ैक्ट-चेकर इस कतार में सभी पोस्ट को रेटिंग नहीं दे सकते, जिनमें वे पोस्ट भी शामिल हो सकती हैं जिनका कंटेंट पहले फ़ैक्ट-चेक हो चुकी पोस्ट के समान हो. Meta के अनुसार, फ़ैक्ट-चेकर्स ने मूल पोस्ट को रेटिंग नहीं दी थी और समान पोस्ट पर लागू होने वाली "गलत" रेटिंग अपने आप यहाँ लागू नहीं हुई. रेटिंग नहीं दिए जाने के बावजूद, Meta ने कुछ समय के लिए फ़िलीपीेंस के यूज़र्स सहित गैर-अमेरिकी यूज़र्स की Facebook फ़ीड में केस के कंटेंट को नीचे दिखाया, क्योंकि संकेतों से यह अनुमान लगाया गया था कि इसमें गलत जानकारी है.
कुछ दिनों बाद, एक यूज़र ने फिर से शेयर की गई पोस्ट की रिपोर्ट की, लेकिन Meta के अनुसार उस रिपोर्ट को ह्यूमन रिव्यू के लिए प्राथमिकता नहीं दी गई. Meta ने रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं की और उसे बंद कर दिया. यह सूचना मिलने पर कि Meta ने कंटेंट को प्लेटफ़ॉर्म पर बनाए रखा है, रिपोर्ट करने वाले यूज़र ने Meta के फ़ैसले के खिलाफ़ अपील की. एक ह्यूमन रिव्यूअर ने कंटेंट को बनाए रखने के शुरुआती फ़ैसले को कायम रखा, जिसे देखते हुए रिपोर्ट करने वाले यूज़र ने फ़ैसले के खिलाफ़ ओवरसाइट बोर्ड को अपील की. जब बोर्ड ने इस केस को चुना, तो Meta ने फिर से पोस्ट को फ़ैक्ट-चेकिंग कतार में जोड़ दिया, लेकिन उसे रेट नहीं किया गया.
बोर्ड ने अपना फ़ैसला करते समय नीचे दिए संदर्भ पर ध्यान दिया.
2016 से 2022 तक फ़िलीपींस के राष्ट्रपति के रूप में अपने कार्यकाल में, रोड्रिगो दुतेर्ते ने गैर-कानूनी ड्रग्स के खिलाफ़ कैंपेन चलाया, जिसमें अत्यधिक बल प्रयोग और गैर-कानूनी हत्याएँ की गईं. अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) ने इस मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की, जिसके बाद पूरी जाँच की गई. 11 मार्च, 2025 को दुतेर्ते को ICC में मानवता के विरुद्ध अपराधों के आरोपों का सामना करने के लिए नीदरलैंड लाया गया.
दिवंगत तानाशाह के बेटे, वर्तमान राष्ट्रपति फ़र्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने 2022 के राष्ट्रीय चुनावों में जीत हासिल की, जिसमें रोड्रिगो दुतेर्ते की बेटी सारा दुतेर्ते ने उपराष्ट्रपति का चुनाव जीता. चुनाव जीतने के कुछ ही समय बात, उनके बीच का राजनैतिक गठबंधन टूट गया. 2024 और 2025 में राजनैतिक संघर्ष बढ़ने लगा. इस वर्ष की शुरुआत में उपराष्ट्रपति सारा दुतेर्ते के खिलाफ़ महाभियोग की शिकायतें दर्ज की गई थीं. फ़रवरी में, फ़िलीपीन के हाउस ऑफ़ रिप्रजेंटेटिव ने सारा दुतेर्ते पर महाभियोग चलाने के लिए मतदान किया, जो आखिरकार आगे नहीं बढ़ सका. मार्च में दुतेर्ते की गिरफ़्तारी को कुछ लोगों ने उनके राजनीतिक झगड़े का परिणाम माना. उपराष्ट्रपति सारा दुतेर्ते ने दावा किया कि गिरफ़्तारी एक "अपहरण" जैसी है, जबकि मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और मारे गए ड्रग युद्ध पीड़ितों के परिवारों ने गिरफ़्तारी का जश्न जवाबदेही की जीत के रूप में मनाया.
दुतेर्ते की गिरफ़्तारी के तुरंत बाद, फ़िलीपींस और नीदरलैंड में दुतेर्ते के समर्थन में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए. कार्यकर्ताओं और ड्रग युद्ध पीड़ितों के रिश्तेदारों ने भी जवाबदेही की माँग करते हुए प्रदर्शन किए. इस दौरान, एक सर्बियाई रैली के फ़ुटेज वाले कई वीडियो, जिन्हें नीदरलैंड में दुतेर्ते समर्थक विरोध प्रदर्शन के रूप में प्रस्तुत किया गया था (इस विश्लेषण में शामिल कंटेंट से मिलते-जुलते), सोशल मीडिया पर वायरल हो गए.
फ़िलीपींस में Meta जिन तीन फ़ैक्ट-चेकिंग संगठनों के साथ काम करता है, उन्होंने इनमें से कुछ वीडियो के "गलत" होने की रेटिंग दी है. यह रेटिंग इस संकेत के आधार पर दी गई है कि विरोध प्रदर्शन के फ़ुटेज में सर्बिया में विरोध प्रदर्शन दिखाया गया है, न कि नीदरलैंड में और इसका पूर्व राष्ट्रपति दुतेर्ते की गिरफ़्तारी से कोई संबंध नहीं है. इन फ़ैक्ट-चेकर ने अपनी संबंधित वेबसाइट पर भी इनके “गलत” होने की रेटिंग प्रकाशित की. AFP के अनुसार, इन वीडियो में “भीड़ की संख्या बढ़ाने के लिए असंबंधित विज़ुअल का दुरुपयोग किया गया है” (PC-31360). ऐसे ही एक अन्य वीडियो, जिसे सोशल मीडिया पर तीन मिलियन से ज़्यादा व्यू मिले, में एक कैथोलिक जुलूस दिखाया गया और उसे दुतेर्ते समर्थक रैली के रूप में गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया.
इस केस के लिए पब्लिक कमेंट सबमिट करते समय, AFP ने दुतेर्ते की गिरफ़्तारी से संबंधित “30 से ज़्यादा गलत या गुमराह करने वाले दावों” को फ़ैक्ट-चेक किया (PC-31360). फ़िलीपींस में Meta के एक अन्य फ़ैक्ट-चेकर Rappler, ने नोट किया कि "हेरफेर किए गए इस खास वीडियो के कई वर्जन," "जानकारी को नया रूप देने के काम" के हिस्से के रूप में Facebook पर वायरल हो गए थे और यह एक "अप्रामाणिक और संगठित कैंपेन" का हिस्सा था जिसका उद्देश्य "लोगों की राय और व्यवहार को अपने पक्ष में करना" था (PC-31349). बोर्ड ने जिन विशेषज्ञों से बात की, उन्होंने कहा कि 2016 से फ़ैक्ट-चेकर्स और नागरिक समाज समूहों को गलत जानकारी से निपटने का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है.
मोटे तौर पर, फ़िलीपींस उन देशों में से एक है जहाँ सोशल मीडिया का उपयोग सबसे ज़्यादा किया जाता है. यहाँ Facebook प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग सबसे ज़्यादा किया जाता है. मौजूदा घटनाओं के बारे में सार्वजनिक चर्चा को आकार देने में सोशल मीडिया महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. उदाहरण के लिए, 2016 के राष्ट्रीय चुनावों में, विज्ञापन और जनसंपर्क रणनीतिकारों ने राजनैतिक कैंपेन को मैनेज करने के लिए "नेटवर्क के रूप में गलत जानकारी फैलाने वालों के आर्किटैक्ट" के रूप में काम किया और लोगों के मन में कुछ खास राजनैतिक बातें डालने के लिए ऑनलाइन इन्फ़्लुएंसर और ट्रोलर्स को काम पर रखा. 2022 के राष्ट्रीय चुनावों के दौरान, सोशल मीडिया में मार्कोस परिवार की विरासत के बारे में ऐतिहासिक संशोधनवाद फैला. कुछ लोगों का मानना है कि इसने मार्कोस जूनियर को राष्ट्रपति पद के लिए जीत दिलाने में योगदान दिया. बोर्ड ने जिन विशेषज्ञों से परामर्श किया, उन्होंने बताया कि "सोशल मीडिया इन्फ़्लुएंसर, व्लॉगर्स और विज्ञापन और जनसंपर्क फ़र्म के डिजिटल कर्मचारियों ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर गलत जानकारी तैयार करने और उसे फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.” जैसे-जैसे राष्ट्रपति मार्कोस और उपराष्ट्रपति सारा दुतेर्ते के बीच दुश्मनी तेज़ हुई और ऑनलाइन राजनैतिक बयानों में प्रतिस्पर्धा बढ़ी, फ़िलीपींस के लोग गलत जानकारी के ज़्यादा चिंतित होने लगे. एक स्टडी से पता चला कि 2025 के मध्य तक “रिकॉर्ड 67%” लोगों ने गलत जानकारी के बारे में बढ़ी हुई चिंता जाहिर की. इस वर्ष की शुरुआत में, फ़िलीपींस की कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर गलत जानकारी का समाधान करने के लिए जाँच शुरू की थी, जिसमें इन्फ़्लुएंसर, व्लॉगर्स और सोशल मीडिया कंपनियों के प्रतिनिधियों को गवाही देने के लिए बुलाया गया था.
पहले की दुतेर्ते सरकार और मौजूदा मार्कोस सरकार, दोनों के कार्यकाल में फ़िलीपींस में अभिव्यक्ति की आज़ादी के लिए गंभीर चुनौतियाँ रही हैं. दुतेर्ते के आलोचक माने जाने वाले पत्रकारों और मीडिया आउटलेट पर दुतेर्ते के राष्ट्रपति रहते समय सरकार द्वारा हमला करवाया गया या उन्हेंबंद कर दिया गया और उन्हेंऑनलाइन ट्रोल द्वारा निशाना बनाया गया. “रेड-टैगिंग” या समूहों या लोगों को “न्यू पीपुल्स आर्मी या कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ फ़िलीपींस के समर्थक, रिक्रूटर या सदस्य” के रूप में ब्रांड करने का काम आम चलन बन गया था, जिसमें अक्सर पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जाता था. मीडिया के खिलाफ़ धमकियाँ, राष्ट्रपति मार्कोस जूनियर के समय भी जारी रहीं. जून 2025 में, अभिव्यक्ति की आज़ादी पर संयुक्त राष्ट्र के खास रैपर्टर ने फ़िलीपींस की सरकार से कहा कि वह देश में पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को दी जा रही धमकियों और उत्पीड़न को दूर करने के लिए काम करे. इन चुनौतियों के साथ-साथ, सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने के कैंपेन की संख्या बढ़ने से फ़िलीपींस में मीडिया संस्थानों पर जनता का भरोसा खत्म हो गया है.
2. यूज़र सबमिशन
रिपोर्ट करने वाले यूज़र के अनुसार, केस के कंटेंट में ICC द्वारा दुतेर्ते को हिरासत में लिए जाने के बाद उनके समर्थन में एक रैली दिखाए जाने का दावा किया गया है, जबकि ऐसा कुछ नहीं हुआ था. यूज़र ने कहा कि कंटेंट एक अलग घटना से संबंधित था और इसलिए "गुमराह करने वाला" था. उन्होंने आगे कहा कि कंटेंट को फ़िलीपींस में Meta के एक फ़ैक्ट-चेकर द्वारा “पहले ही वेरिफ़ाई” किया जा चुका है.
3. Meta की कंटेंट पॉलिसी और सबमिशन
I. Meta की कंटेंट पॉलिसी
गलत जानकारी से जुड़ा कम्युनिटी स्टैंडर्ड
कंटेंट को हटाया जा सकता है
अपने गलत जानकारी से जुड़े कम्युनिटी स्टैंडर्ड के तहत Meta ऐसी गलत जानकारी को तभी हटाता है जब उससे निकट भविष्य में जान-माल का सीधा नुकसान होने की आशंका हो या “जब वह राजनैतिक प्रक्रियाओं के कामकाज में रुकावट डाले [मतदान या जनगणना में रुकावट].” मतदान में रुकावट से संबंधित जिस गलत जानकारी को हटाया जा सकता है, उसे मतदान कार्यक्रम या स्थान और मतदाता या उम्मीदवार की योग्यता के बारे में निषिद्ध गलत जानकारी की सूची के रूप में परिभाषित किया गया है.
थर्ड पार्टी फ़ैक्ट चेकिंग के लिए योग्य कंटेंट
अन्य तरह की राजनैतिक गलत जानकारी के लिए, Meta का कहना है कि वह ऐसे कंटेंट को हटाने पर फ़ोकस करने के बजाय “उसके फैलाव को कम करने या ऐसा माहौल बनाने पर फ़ोकस करता है जो सकारात्मक बातचीत को बढ़ावा दे.” अमेरिका में, Meta ने अपना थर्ड पार्टी फ़ैक्ट चेकिंग प्रोग्राम बंद कर दिया है और अब वह गुमराह करने वाले कंटेंट का समाधान कम्युनिटी नोट्स के ज़रिए करता है. अमेरिका के बाहर, फ़ैक्ट-चेकिंग अभी भी उपलब्ध है. इस उद्देश्य के लिए, Meta अपने सभी प्लेटफ़ॉर्म पर सबसे ज़्यादा वायरल कंटेंट की सटीकता को रिव्यू और रेट करने के लिए गैर-पक्षपाती अंतरराष्ट्रीय फ़ैक्ट-चेकिंग नेटवर्क (या यूरोप में यूरोपियन फ़ैक्ट-चेकिंग स्टैंडर्ड नेटवर्क) के ज़रिए प्रमाणित थर्ड पार्टी फ़ैक्ट चेकिंग संगठनों के साथ पार्टनरशिप करता है.
फ़ैक्ट-चेकर Facebook, Instagram और Threads पर मौजूद पब्लिक पोस्ट की सटीकता का रिव्यू करके उन्हें रेटिंग दे सकते हैं जिनमें विज्ञापन, लेख, फ़ोटो, वीडियो, Reels, ऑडियो और सिर्फ़ टेक्स्ट वाली पोस्ट शामिल हैं. रेटिंग विकल्प किसी कंटेंट को ‘गलत’, ‘हेरफेर किया गया’, ‘कुछ हद तक गलत’, ‘संदर्भ मौजूद नहीं है’, ‘व्यंग्य’ और ‘सही’ की रेटिंग दे सकते हैं.
फ़ैक्ट-चेकर यह तय करते हैं कि किस कंटेंट का रिव्यू करना है और वे Meta से स्वतंत्र रूप से अपना फ़ैक्ट-चेक पूरा करते हैं. वे या तो स्वयं पहल करके कंटेंट की पहचान कर सकते हैं या संभावित रूप से गलत जानकारी की Meta की रेफ़रल कतार से चुन सकते हैं. Meta कई सिग्नल के आधार पर कंटेंट को रेफ़र करता है, जिसमें यह शामिल है कि "लोग कैसे प्रतिक्रिया दे रहे हैं," क्या कंटेंट के किसी भाग को यूज़र "गलत जानकारी" के रूप में फ़्लैग करते हैं या क्या किसी पोस्ट पर मौजूद कमेंट इसकी प्रामाणिकता के बारे में "अविश्वास व्यक्त करते हैं."
फ़ैक्ट-चेकर ऐसी वायरल गलत जानकारी और वेरिफ़ाई करने लायक गलत दावों को प्राथमिकता देते हैं जो उनके संबंधित देश और भाषा में "सामयिक, ट्रेंडिंग और परिणामी" होते हैं. फ़ैक्ट-चेकिंग के लिए अयोग्य कंटेंट में ये शामिल हैं: “ऐसा कंटेंट जिसमें कोई वेरिफ़ाई करने लायक क्लेम न हो”, “राजनेताओं की राय और भाषण” और “डिजिटल रूप से बनाया गया या एडिट किया गया ऐसा मीडिया जिसकी प्रामाणिकता के आधार के रूप में उसमें Meta का कोई AI ट्रांसपेरेंसी लेबल या वॉटरमार्क हो.” हालाँकि, फ़ैक्ट-चेकर किसी पोस्ट को तब रेटिंग दे सकते हैं जब उसमें डिजिटल रूप से बनाए गए या एडिट किए गए मीडिया के उपयोग से अलग किसी झूठे दावे वाला हेरफेर किया गया मीडिया होता है. फ़ैक्ट-चेकिंग में जिस कंटेंट को गलत, हेरफेर किया गया या कुछ हद तक गलत रेट किया गया है, उसे डिमोट किया जा सकता है, सुझावों से बाहर रखा जा सकता है और विज्ञापनों के लिए अस्वीकार किया जा सकता है.
हेरफेर किए गए मीडिया वाले लेबल के लिए योग्य कंटेंट
गलत जानकारी से जुड़ी पॉलिसी के हेरफेर किए गए मीडिया नियमों के तहत, गुमराह करने वाला ऐसे कंटेंट जिसे “डिजिटल रूप से बनाया या हेरफेर किया गया है” लेकिन जो “अन्य कम्युनिटी स्टैंडर्ड का उल्लंघन नहीं करता,” में “कंटेंट पर प्रमुखता से” एक सूचनात्मक लेबल लगाया जा सकता है या विज्ञापन के रूप में सबमिट किए जाने पर उसे अस्वीकार किया जा सकता है. यह "असली जैसी लगने वाली फ़ोटो या वीडियो या असली जैसे लगने वाले ऑडियो पर लागू होता है, जिसे डिजिटल रूप से बनाया गया था या हेरफेर किया गया था और जो सार्वजनिक महत्व के मामले में लोगों को धोखा देने का खास तौर पर बहुत गंभीर जोखिम उत्पन्न करता है." Meta ने पॉलिसी में यह तय करने के लिए कोई अतिरिक्त शर्त शामिल नहीं की है कि वह इस लेबल को कब “लागू” कर सकता है.
Meta ने लोगों के लिए यह भी ज़रूरी बनाया है कि “जब लोग ऐसा ऑर्गेनिक कंटेंट पोस्ट करते हैं जिसमें असली लगने वाला वीडियो या असली लगने वाला ऑडियो हो, जबकि उसे डिजिटल रूप से बनाया गया या उसमें हेरफेर किया गया हो”, तो वे हमारे “AI-डिस्क्लोज़र टूल” के ज़रिए इसकी जानकारी दें.” Meta ने कहा कि अगर यूज़र ऐसा नहीं करते हैं, तो उन पर पेनल्टी लगाई जा सकती है.
Meta, हेरफेर करके बनाए गए मीडिया पर जानकारी देने वाले तीन अलग-अलग लेबल लगाता है: "बहुत गंभीर जोखिम" वाला लेबल, “AI जानकारी” वाला लेबल और "बहुत गंभीर जोखिम वाला AI" लेबल. इराकी कुर्दिस्तान में कथित तौर पर चुनावों में धाँधली करने का ऑडियो कॉल केस में, Meta ने बोर्ड को बताया था कि बहुत गंभीर जोखिम वाला लेबल लागू करने के लिए, कंटेंट को ये शर्तें पूरी करनी चाहिए: (i) सार्वजनिक महत्व के मामले में लोगों को बड़ा धोखा देने का खास तौर पर बहुत गंभीर जोखिम; और (ii) इस बात के भरोसेमंद संकेत होना कि कंटेंट को डिजिटल रूप से बनाया गया था या उसमें हेरफेर किया गया था. बहुत गंभीर जोखिम वाला AI लेबल, बहुत गंभीर लेबल की ही तरह है, लेकिन यह ऐसे कंटेंट के लिए है जिसे AI के साथ बनाए जाने या उसमें हेरफेर किए जाने के भरोसेमंद संकेत मौजूद हैं. "AI से ली गई जानकारी" लेबल उन फ़ोटो (वीडियो या ऑडियो नहीं) के लिए है जिन्हें AI के ज़रिए बनाया गया है और जिन्हें Meta "औद्योगिक स्तर के AI फ़ोटो इंडिकेटर्स के ज़रिए या AI-जेनरेटेड कंटेंट अपलोड करते समय लोगों के बताने से" पहचानता है.
बहुत गंभीर जोखिम वाला लेबल लगाने से कंटेंट का डिमोशन नहीं होता या उसे सुझावों से हटाया नहीं जाता. इसके बजाय, जब यूज़र्स Facebook, Instagram या Threads पर "बहुत गंभीर जोखिम" लेबल वाली पोस्ट को फिर से शेयर करने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें एक पॉप-अप नोटिस मिलेगा जो उन्हें सतर्क करेगा कि कंटेंट डिजिटल रूप से बनाया गया या हेरफेर किया गया हो सकता है.
डिमोशन पॉलिसी
Meta की कंटेंट डिस्ट्रिब्यूशन गाइडलाइन में बताया गया है कि किस तरह के कंटेंट को “समस्याप्रद” या “खराब क्वालिटी” का होने के कारण डिमोट किया जा सकता है. इस तरह के कंटेंट को Meta, “लोगों के सीधे फ़ीडबैक का जवाब देने, प्रकाशकों को अच्छी क्वालिटी वाले कंटेंट में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करने और सुरक्षित कम्युनिटी को बढ़ावा देने के मूल्यों के प्रति अपनी वचनबद्धता के हिस्से” के रूप में डिमोट करता है. Meta के अनुसार, इससे लोग “समस्या वाले या खराब क्वालिटी के कंटेंट की रुकावटों के बिना” कंटेंट का आनंद ले पाते हैं और उसे शेयर कर पाते हैं.
Meta के अनुसार जिस तरह के कंटेंट को वह डिमोट करता है, उसमें फ़ैक्ट-चेक की गई गलत जानकारी के साथ-साथ Meta के कम्युनिटी स्टैंडर्ड का “संभावित उल्लंघन” करने वाला कंटेंट शामिल है. जब किसी कंटेंट को Facebook पर पोस्ट किया जाता है, तो यह तय करने के लिए कई क्लासिफ़ायर द्वारा उसका मूल्यांकन किया जाता है कि क्या वह प्लेटफ़ॉर्म के कम्युनिटी स्टैंडर्ड का उल्लंघन करता है. ये क्लासिफ़ायर, उल्लंघन की संभावना में “कॉन्फ़िडेंस" की एक डिग्री बताते हैं जिसे कंपनी कुछ खास कार्रवाई करने के संकेत के रूप में उपयोग करती है. जब किसी खास कंटेंट के लिए कॉन्फ़िडेंस स्कोर ज़्यादा होता है, लेकिन इतना भी ज़्यादा नहीं होता कि उसे तत्काल हटाया जाए, तो Meta उस कंटेंट को डिमोट कर सकता है. अगर यह पाया जाता है कि कंटेंट किसी शामिल पॉलिसी का उल्लंघन करता है, तो उसे हटा दिया जाता है. कंपनी उस कॉन्फ़िडेंस लिमिट को एडजस्ट कर सकती है जिसकी ज़रूरत इंडिविजुअल क्लासिफ़ायर को कोई खास कार्रवाई करने के लिए होती है, जैसे कि संकट के समय में.
II. Meta के सबमिशन
Meta ने कहा कि फ़ैक्ट-चेकर्स के लिए सभी संभावित गलत जानकारी का रिव्यू करना संभव नहीं है, इसलिए कंपनी फ़ैक्ट-चेकर्स को यह निर्देश देती है कि वे “वायरल और प्रासंगिक विषयों को प्राथमिकता दें, जिनमें तेज़ी से नुकसान पहुँचाने या फैलने की क्षमता होती है.”
Meta ने बोर्ड को बताया कि वह महत्वपूर्ण समय में फ़ैक्ट-चेकिंग के लिए कंटेंट को प्राथमिकता देने के लिए दो तरीके अपनाता है. पहला, कतार में मौजूद कुछ कंटेंट को Meta अत्यावश्यक चिह्नित कर सकता है. दूसरा, उच्च प्राथमिकता वाली वैश्विक घटनाओं जैसे कि कुछ खास संकटों या चुनावों के दौरान, जिन्हें Meta "ट्रेंडिंग ईवेंट" मानता है, Meta फ़ैक्ट-चेकिंग के लिए संबंधित कंटेंट को फ़िल्टर करता है और कतार में जोड़ता है. इस फ़िल्टर में परिभाषित गाइडलाइन का उपयोग करते हुए भाषा और प्रासंगिक विशेषज्ञता वाले लोकल मार्केट ऑपरेशंस स्पेशलिस्ट द्वारा पहचाने गए प्रासंगिक कीवर्ड की लिस्ट का उपयोग किया जाता है. इस प्रोसेस के ज़रिए पहचाने गए कंटेंट को संबंधित घटना के नाम वाला एक विषय लेबल दिया जाता है और उसे फ़ैक्ट-चेकिंग टूल में समर्पित, समयबद्ध ट्रेंडिंग ईवेंट फ़िल्टर व्यू में शामिल किया जाता है. ट्रेंडिंग ईवेंट के रूप में योग्यता पाने के लिए, मुद्दे का महत्वपूर्ण होना (जैसे असली दुनिया का संकट, नागरिक चर्चा या ऑफ़लाइन नुकसान का जोखिम) ज़रूरी है और उसे गलत जानकारी फैलाने वाला बहुत गंभीर जोखिम माना जाना चाहिए. फ़ैक्ट-चेकर अपने विवेक से यह तय कर सकते हैं कि रिव्यू के लिए अत्यावश्यक कंटेंट को चुना जाए या ट्रेंडिंग कंटेंट को.
Meta की कतार से कंटेंट को चुनने के अलावा, फ़ैक्ट-चेकर Meta के प्लेटफ़ॉर्म पर स्वतंत्र रूप से भी रिव्यू के लिए कंटेंट की पहचान कर सकते हैं. Meta ने बोर्ड को बताया कि फ़ैक्ट-चेकर्स के पास Meta कंटेंट लाइब्रेरी की एक्सेस होती है. यह एक वेब-आधारित टूल है जो उन लोगों को Meta के प्लेटफ़ॉर्म पर कुछ सार्वजनिक रूप से एक्सेसिबल कंटेंट की व्यवस्थित सर्च की परमिशन देता है जिनके पास इसकी एक्सेस होती है. फ़ैक्ट-चेकर, Meta कंटेंट लाइब्रेरी में देखे गए कंटेंट को फ़ैक्ट-चेकिंग के लिए चुन सकते हैं. Meta ने कहा कि वह इस टूल का उपयोग करने के लिए फ़ैक्ट-चेकर को “खुद आमंत्रित करता है.”
Meta ने पूर्व राष्ट्रपति की ICC द्वारा गिरफ़्तारी को ट्रेंडिंग ईवेंट नहीं माना और उसने कंटेंट को फ़ैक्ट-चेकिंग के लिए अत्यावश्यक के रूप में प्रमाणित नहीं किया. कंपनी ने बोर्ड से कहा कि उसे मई 2025 में फ़िलीपींस के मध्यावधि चुनावों के संबंध में निकट भविष्य की हिंसा या जान-माल के नुकसान की ओर ले जाने वाली गलत जानकारी के ट्रेंड की कोई जानकारी नहीं मिली. हालाँकि, कंपनी ने यह भी शेयर किया कि उसके फ़ैक्ट-चेकिंग पार्टनर्स ने “पूर्व राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते की ICC द्वारा गिरफ़्तारी और उनकी बेटी [उपराष्ट्रपति] सारा दुतेर्ते के महाभियोग से संबंधित झूठे दावों जैसे गलत जानकारी के प्रचलित दावों को उजागर किया.”
Meta ने बताया कि जब कोई फ़ैक्ट-चेकर किसी कंटेंट को रेटिंग देता है, तो वह Meta को बताता है कि कंटेंट में गलत जानकारी कहाँ मौजूद है (क्या वह कैप्शन में है, सिर्फ़ ऑडियो या वीडियो में है या उसके किसी भाग में है या मीडिया और कैप्शन को साथ में देखने पर दिखाई देती है). इसके बाद Meta उस रेटिंग को सिर्फ़ उस कंटेंट पर लागू करने के लिए मैचिंग टेक्नोलॉजी का उपयोग करता है जो उस खास पहलू के समान या लगभग समान है (अर्थात, समान मीडिया या समान कैप्शन के साथ जोड़ा गया समान मीडिया). अगर फ़ैक्ट-चेकर, सिर्फ़ पोस्ट में मौजूद वीडियो को रेटिंग देता है, तो Meta उस रेटिंग को उन सभी पोस्ट पर लागू कर देगा जिसमें समान या लगभग समान वीडियो मौजूद हो. हालाँकि, अगर फ़ैक्ट-चेकर, वीडियो और कैप्शन दोनों को एक साथ रेटिंग देता है, तो रेटिंग केवल समान या लगभग समान वीडियो और कैप्शन वाली पोस्ट पर ही लागू होगी.
Meta के अनुसार “समान” कंटेंट वह कंटेंट है जिसके एट्रिब्यूट फ़ैक्ट-चेकर्स द्वारा पहले रेट किए गए मीडिया से “एकदम समान” होते हैं. “लगभग समान” और “काफ़ी हद तक समान” कंटेंट की “फ़ॉर्मेटिंग या ओवरले टेक्स्ट में मामूली वेरिएशन होता है, लेकिन वह उसी क्लेम की बात करता है जिसे पहले ही गलत बताया जा चुका है.” अगर कंटेंट, समान या लगभग समान कंटेंट के स्टैंडर्ड को पूरा नहीं करता है, तो Meta बड़े पैमाने पर अपने आप लेबल को लागू नहीं करता. ऐसा इसलिए है क्योंकि कंपनी को लगता है कि क्लेम की बनावट में छोटे-छोटे अंतरों भी इस बात पर असर पड़ सकता है कि क्लेम सही है या गलत. Meta के लिए, इस तरीके से “फ़ैक्ट-चेक रेटिंग के गलत उपयोग को रोकने में मदद मिलती है.”
मौजूदा केस में, Meta ने पाया कि केस का कंटेंट, समान या लगभग समान कंटेंट की लिमिट को पूरा नहीं करता है, ताकि उसी रेटिंग लेबल को लागू किया जा सके, जो Meta के फ़ैक्ट-चेकर्स ने सर्बिया में विरोध प्रदर्शन को नीदरलैंड में दुतेर्ते समर्थक विरोध प्रदर्शन के रूप में दिखाने वाले समान वीडियो के लिए लागू किया था. उदाहरण के लिए, फ़ैक्ट-चेकर्स द्वारा रेट किए गए कुछ वीडियो में अलग ऑडियो था, जैसे कि इस पोस्ट के बैकग्राउंड में "बायान को" गाना था या कैप्शन अलग-अलग थे.
अगर फ़ैक्ट-चेकर, रिव्यू के लिए कंटेंट को सात दिनों के भीतर चुनते नहीं हैं, तो फ़ैक्ट-चेकर को रिव्यू के लिए रेफ़र किया गया कंटेंट रेफ़रल कतार से बाहर हो जाता है. Meta ने बताया कि यह समयसीमा इस ट्रेंड को दिखाती है कि "ज़्यादातर व्यू, कंटेंट की लाइफ़साइकल के पहले कुछ दिनों में होते हैं." फ़ैक्ट-चेकर, Meta की रेफ़रल कतार के बाहर भी रिव्यू करने के लिए कंटेंट को चुन सकते हैं और कंटेंट को रेट कर सकते हैं, "इस बात पर ध्यान दिए बगैर कि वह कितने समय से प्लेटफ़ॉर्म पर मौजूद है." उदाहरण के लिए, सामान्य तौर पर फ़ैक्ट-चेकर सामयिक विषयों पर ध्यान देते हैं, लेकिन नए मुद्दों के संबंध में पुराना कंटेंट फिर से दिखाई दे सकता है.”
अपनी गलत जानकारी पॉलिसी के हेरफेर किए गए मीडिया से जुड़े नियमों के संबंध में, Meta ने इस केस के कंटेंट पर बहुत गंभीर जोखिम वाले लेबल सहित अपना कोई भी लेबल लागू नहीं किया. Meta ने बोर्ड को बताया कि आंतरिक रूप से एस्केलेट नहीं होने के कारण ऐसा हुआ. बोर्ड द्वारा इस केस को चुने जाने के बाद जब इसका विश्लेषण किया गया, तो कंटेंट “पहले ही 2 महीने से ज़्यादा पुराना हो चुका था.” “कंटेंट की उम्र और उसके वायरल न होने” को देखते हुए, Meta ने उस समय पर भी हेरफेर किए गए मीडिया से जुड़े लेबल का उपयोग नहीं करने का फ़ैसला किया. Meta ने इस बात पर ज़ोर दिया कि बहुत गंभीर जोखिम वाला लेबल सिर्फ़ एस्केलेट किए जाने पर लगाया जाता है. इसका उपयोग कभी-कभी “डिजिटल रूप से बनाए गए उस कंटेंट का समाधान करने के लिए किया जाता है, जो किसी महत्वपूर्ण समय में किसी महत्वपूर्ण मुद्दे के बारे में लोगों को गुमराह करने का खास तौर पर गंभीर जोखिम उत्पन्न करता है.” Meta के अनुसार, इसमें ऐसे मामले शामिल हैं "जब कंटेंट को चुनाव जैसे किसी महत्वपूर्ण ईवेंट के आसपास पोस्ट किया जाता है और जानकारी के इकोसिस्टम या फ़ैक्ट-चेकर्स के पास विचाराधीन कंटेंट का समाधान करने के लिए पर्याप्त समय नहीं होता." यह कंटेंट फ़िलीपींस में मई 2025 के मध्यावधि चुनावों से दो महीने पहले पोस्ट किया गया था, इसलिए Meta के “जानकारी के इकोसिस्टम या जवाबी भाषा के पास पोस्ट की गलत जानकारी को सही करने के लिए पर्याप्त समय था (और यहाँ, वीडियो के समान वर्जन को फ़ैक्ट-चेक किया गया था).” ऐसा लगता है कि Meta ने दुतेर्ते की गिरफ़्तारी या उसके बाद हुए विरोध प्रदर्शनों को स्वतंत्र रूप से “महत्वपूर्ण ईवेंट” नहीं माना.
इस कंटेंट पर एन्फ़ोर्समेंट की एकमात्र कार्रवाई के रूप में Meta ने उन सिग्नलों के आधार फ़िलीपींस सहित गैर-अमेरिकी यूज़र्स के लिए Facebook फ़ीड में पोस्ट की विज़िबिलिटी कुछ समय के लिए कम कर दी थी, जो बताते हैं कि पोस्ट में गलत जानकारी है.
बोर्ड ने इस बारे में सवाल पूछे कि फ़ैक्ट-चेकिंग कैसे काम करती है, Meta फ़ैक्ट-चेकर्स को रिसोर्स कैसे बाँटता है, दुतेर्ते की गिरफ़्तारी के इसी जैसे वीडियो की तुलना फिर से शेयर किए गए वीडियो से कैसे की गई और क्या Meta ने इस केस के कंटेंट को मॉडरेट करते समय गलत जानकारी से जुड़ी पॉलिसी के हेरफेर किए गए मीडिया से जुड़े नियमों पर विचार किया. Meta ने सभी सवालों के जवाब दिए.
4. पब्लिक कमेंट
ओवरसाइट बोर्ड को सबमिट करने की शर्तों को पूरा करने वाले छह पब्लिक कमेंट मिले. पाँच कमेंट एशिया पैसिफ़िक और ओशेनिया और एक यूरोप से सबमिट किया गया था. प्रकाशन की सहमति के साथ सबमिट किए गए पब्लिक कमेंट पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें.
सबमिशन में इन विषयों पर बात की गई थी: फ़ैक्ट-चेकर्स को आने वाली बाधाएँ, फ़ैक्ट-चेकर्स की स्थानीय विशेषज्ञता, गलत जानकारी फैलाने वाले सुनियोजित कैंपेन से निपटने के Meta के अभी के तरीके की कमियाँ और फ़िलीपींस में गलत जानकारी शेयर करने के लिए ज़िम्मेदार अकाउंट.
जुलाई 2025 में, निरंतर स्टेकहोल्डर एंगेजमेंट प्रोग्राम के भाग के रूप में बोर्ड ने फ़ैक्ट-चेकिंग संगठनों के प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और गलत जानकारी से जुड़े अन्य विशेषज्ञों से परामर्श किया. राउंडटेबल मीटिंग में इन बातों पर चर्चा की गई: व्यावहारिक रूप से फ़ैक्ट-चेकिंग कैसे काम करती है, अमेरिका के बाहर Meta की फ़ैक्ट-चेकिंग, फ़ैक्ट-चेकर्स के सामने आने वाले संभावित रूप से गुमराह करने वाले कंटेंट की मात्रा और पकड़े जाने से बचने के लिए गलत जानकारी फैलाने वालों द्वारा पोस्ट में बदलाव करने की क्षमता. साथ ही समान और लगभग समान कंटेंट का पता लगाने की मैचिंग टेक्नोलॉजी से ज़रूरत से ज़्यादा एन्फ़ोर्समेंट का जोखिम.
5. ओवरसाइट बोर्ड का विश्लेषण
गलत जानकारी से जुड़े कैंपेन, जानकारी की निष्पक्षता, लोगों के भरोसे और लोकतंत्र के लिए खतरा पैदा करते हैं. बोर्ड ने यह जाँचने के लिए इस केस को चुना कि Meta अपने प्लेटफ़ॉर्म पर गलत या गुमराह करने वाली जानकारी से कैसे निपटता है, खास तौर पर जब इसे बढ़े हुए राजनैतिक तनाव के समय में और ऐसे संदर्भों में शेयर किया जाता है जहाँ गलत जानकारी से लोगों की चर्चा पर असर पड़ता है. बोर्ड ने Meta की कंटेंट पॉलिसी, वैल्यू और मानवाधिकार से जुड़ी ज़िम्मेदारियों के संबंध में इस मामले में दिए गए Meta के फ़ैसले का विश्लेषण किया. बोर्ड ने यह भी आकलन किया कि कंटेंट गवर्नेंस को लेकर Meta के व्यापक दृष्टिकोण पर इस मामले का क्या असर पड़ेगा.
5.1 Meta की कंटेंट पॉलिसी का अनुपालन
I. कंटेंट से जुड़े नियम
बोर्ड ने पाया कि इस केस का कंटेंट, गलत जानकारी से जुड़े पॉलिसी स्टैंडर्ड के तहत हटाए जाने की शर्त पूरी नहीं करता. यह इस पॉलिसी के तहत किसी भी निषिद्ध कैटेगरी के बारे में जानकारी नहीं देता, जिसमें मतदान या जनगणना स्थान, मतदान प्रक्रिया या मतदाता या उम्मीदवार की योग्यता शामिल है. बोर्ड ने यह भी पाया कि केस का कंटेंट, Meta की गलत जानकारी से जुड़ी पॉलिसी के तहत फ़ैक्ट-चेकिंग की योग्यता की शर्त पूरी करता है और पोस्ट को फ़ैक्ट-चेकिंग के लिए सबमिट करने के Meta के फ़ैसले से बोर्ड सहमत है. केस का कंटेंट, Meta की गलत जानकारी से जुड़ी पॉलिसी के तहत, हेरफेर किए गए मीडिया की लेबलिंग की योग्यता शर्त पूरी करता है. इसलिए, Meta को कंटेंट पर “बहुत गंभीर जोखिम” वाला लेबल लगाना चाहिए था.
गलत जानकारी से जुड़ा कम्युनिटी स्टैंडर्ड और थर्ड पार्टी फ़ैक्ट चेकिंग
इस केस का कंटेंट, Meta की गलत जानकारी से जुड़ी पॉलिसी के तहत फ़ैक्ट-चेकिंग की योग्यता की शर्त पूरी करता है. पोस्ट में एक वेरिफ़ाई करने लायक क्लेम है, उसमें राजनेताओं के बयान नहीं हैं और उसमें AI ट्रांसपेरेंसी लेबल नहीं है जो कंटेंट को फ़ैक्ट-चेकिंग के लिए अयोग्य बनाता है (अर्थात पोस्ट की गुमराह करने वाली प्रवृत्ति इससे संबंधित है कि उसे किस तरह डिजिटल रूप से बनाया गया था या उसमें हेरफेर किया गया था, न कि पोस्ट के क्लेम में). इसमें ऐसा एक एलिमेंट भी मौजूद है जिसके कारण इसे फ़ैक्ट-चेकिंग के लिए प्राथमिकता दी जानी चाहिए और वह है "सामयिक, ट्रेंडिंग और परिणामी." यह पोस्ट पूर्व राष्ट्रपति दुतेर्ते की गिरफ़्तारी के तुरंत बाद शेयर की गई थी. इस समय उनकी गिरफ़्तारी की परिस्थितियों पर ऑनलाइन और ऑफ़लाइन बहस हो रही थी. केस के कंटेंट को पोस्ट किए जाते समय, दुतेर्ते के समर्थन और विरोध में प्रदर्शन होने लगे थे. इस केस की पोस्ट के जैसी अन्य पोस्ट, जिनमें यह दावा किया गया था कि दुतेर्ते के समर्थन में प्रदर्शन हो रहे हैं, उस समय सोशल मीडिया पर वायरल हो रही थीं. Meta के एक फ़ैक्ट-चेकर ने रिपोर्ट किया था कि इसी तरह के वीडियो को तीन मिलियन से ज़्यादा व्यू मिले. इसके अलावा, यह गिरफ़्तारी राष्ट्रपति मार्कोस और उपराष्ट्रपति सारा दुतेर्ते के बीच तीखे राजनैतिक विवाद के व्यापक संदर्भ में हुई, वह भी ऐसे देश में जहाँ गलत जानकारी से राजनैतिक बहस पर असर पड़ता है.
Meta को फ़ैक्ट-चेकर को उपलब्ध कराई जाने वाली कतार में ऐसे कंटेंट को प्राथमिकता देने के लिए कार्रवाई करनी चाहिए थी. इस केस के कंटेंट को फ़ैक्ट-चेकिंग के लिए कतारबद्ध करने पर, कंपनी को इसे अत्यावश्यक के रूप में चिह्नित करना चाहिए था. Meta को पूर्व राष्ट्रपति दुतेर्ते की गिरफ़्तारी से जुड़ी संभावित गलत जानकारी को भी ट्रेंडिंग ईवेंट के रूप में चिह्नित करना चाहिए था और Meta के फ़ैक्ट-चेकर्स द्वारा इसी तरह के वीडियो को गलत के रूप में रेट किए जाने के बाद अपनी ओर से इस तरह के कंटेंट की पहचान करके उसे सामने लाना चाहिए था. Meta की अपनी शर्तों के अनुसार, यह मुद्दा "नागरिक बहस" के लिए महत्वपूर्ण है और इससे "गलत जानकारी फैलने का बहुत गंभीर जोखिम" है. बोर्ड को दी गई जानकारी से लगता है कि Meta ने इस बारे में लापरवाही बरती.
इस केस का कंटेंट, पहले फ़ैक्ट-चेक किए गए और इस तरह लेबल किए गए कंटेंट के लगभग समान होने की योग्यता भी रखता है. इसी तरह के वीडियो को रेट करने वाले फ़ैक्ट-चेकर्स ने सर्बिया में विरोध प्रदर्शन के फ़ुटेज को बैकग्राउंड में “दुतेर्ते!” चिल्लाते लोगों के ऑडियो के साथ जोड़ने में गड़बड़ी की पहचान की. उन रेट किए गए वीडियो में लोगों के चिल्लाने के अलावा “बायान को” गाना नहीं था. यहाँ केस के कंटेंट में यह गाना शामिल था, इसलिए यह Meta की मैचिंग टेक्नोलॉजी के लिए काफ़ी अलग था, जिससे इसे पहले से गलत के रूप में रेट किए गए वीडियो के समान या लगभग समान के रूप में नहीं पहचाना जा सका.
बोर्ड के अनुसार, इन बदलावों के कारण उसमें "मामूली वेरिएशन" आ गया और कंटेंट में "उसी खारिज किए गए दावे" को दोहराया गया है जो Meta के फ़ैक्ट-चेकर्स द्वारा गलत के रूप में रेट किए गए मिलते-जुलते वीडियो में है. ऑडियो, टेक्स्ट और कैप्शन में मामूली अंतर से इस कंटेंट की गुमराह करने वाली मूलभूत विशेषताओं में कोई बदलाव नहीं हुआ. जब मामूली बदलावों से गुमराह करने वाली प्रकृति पर कोई असर न पड़े, तो इसे लगभग समान माना जाना चाहिए.
बोर्ड यह भी मानता है कि Meta द्वारा अभी उपयोग किए जाने वाले ऑटोमेटेड सिस्टम, शायद बड़े पैमाने पर यह निर्धारण न कर पाएँ. मूल्यांकन के बिना अलग ऑडियो वाले कंटेंट पर लेबल लगाने से संभावित रूप से ऐसे कंटेंट पर भी लेबल लग सकता है जिसमें गुमराह करने वाले वीडियो की आलोचना या खंडन करने वाला ऑडियो हो. बोर्ड ने जिन स्टेकहोल्डर्स से परामर्श किया, उन्होंने कहा कि मैचिंग टेक्नोलॉजी, अभिव्यक्ति के सभी संभावित उपयोगों और बारीकियों का पूर्वानुमान नहीं लगा पाएगी और गलत जानकारी को दूर करने के लिए अन्य टूल बनाए बिना इसका विस्तार करने से ज़रूरत से ज़्यादा एन्फ़ोर्समेंट हो सकता है. साथ ही, Meta का मौजूदा नज़रिया उन लोगों पर कार्रवाई करने में प्रभावी नहीं है जो सिस्टम को धोखा देने और एन्फ़ोर्समेंट से बचने के लिए कंटेंट में मामूली बदलाव कर देते हैं. Meta को यह सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त रिसोर्स देने चाहिए कि फ़ैक्ट-चेकर्स की रेटिंग को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है. ये रिसोर्स ऑटोमेटेड या अन्य किसी रूप में हो सकते हैं.
गलत जानकारी से जुड़ा कम्युनिटी स्टैंडर्ड और हेरफेर किया गया मीडिया
बोर्ड ने पाया कि केस के कंटेंट में हेरफेर किया गया मीडिया था, जिसे लेबल किया जाना चाहिए था. मिलते-जुलते पब्लिक फ़ैक्ट-चेक के आधार पर, कंटेंट “असली जैसा दिखने वाला वीडियो” है जिसे “डिजिटल रूप से बनाया गया या हेरफेर किया गया लगता है.” बोर्ड का मानना है कि सर्बियाई विरोध प्रदर्शन का वीडियो फ़ुटेज, हेरफेर किए गए मीडिया से जुड़ी पॉलिसी की "असली जैसी लगने वाली फ़ोटो" से जुड़ी शर्त पूरी करता है. सर्बिया में विरोध प्रदर्शन के फ़ुटेज को दुतेर्ते के नाम के नारे लगाते लोगों के ऑडियो के साथ जोड़ना और उसमें "नीदरलैंड" टेक्स्ट ओवरले जोड़ना, मूल फ़ुटेज का डिजिटल हेरफेर है. वीडियो में "नीदरलैंड" टेक्स्ट ओवरले, वीडियो के मतलब को ऐसा दिखाते हुए और बिगाड़ देता है कि विरोध प्रदर्शन नीदरलैंड में हुआ था, जबकि वास्तव में यह सर्बिया में हुआ था. यह पोस्ट “ऐसे किसी अन्य कम्युनिटी स्टैंडर्ड का अन्यथा उल्लंघन भी नहीं करती” जिसके कारण उसे हटाने जैसा कोई अन्य व्यवहार किया जाए. कंटेंट "सार्वजनिक महत्व के मामले में जनता को धोखा देने का खास तौर पर बहुत गंभीर जोखिम" उत्पन्न करता है, क्योंकि यह फ़िलीपींस की राजनीति में एक महत्वपूर्ण राजनैतिक मुद्दे से संबंधित है. मिलते-जुलते वीडियो, Meta के प्लेटफ़ॉर्म पर दिखाई दे रहे हैं और उन्हें फ़िलीपींस में Meta के फ़ैक्ट-चेकर्स ने गलत होने की रेटिंग दी है. इस प्रकार, मिलते-जुलते गुमराह करने वाले कंटेंट की मात्रा से जनता को धोखा देने का जोखिम बढ़ गया. इन कारणों से Meta को इस पर बहुत गंभीर जोखिम वाला लेबल लगाना चाहिए था.
Meta ने तर्क दिया कि उसने हेरफेर किए गए मीडिया से जुड़ा कोई भी लेबल नहीं लगाया क्योंकि कंटेंट को Meta की आंतरिक टीमों को एस्केलेट नहीं किया गया था और इसे मई 2025 के चुनावों से काफ़ी पहले पोस्ट किया गया था ताकि झूठे दावे को खारिज करने के लिए पर्याप्त जवाबी भाषा का उपयोग किया जा सके. इसके अलावा, जब बोर्ड ने केस चुना, तो Meta ने पोस्ट की उम्र और वायरल न होने को देखते हुए लेबल जोड़ने पर विचार नहीं किया.
बोर्ड इस बात पर Meta से असहमत है. पहला, इन जस्टिफ़िकेशन का Meta की सार्वजनिक पॉलिसी में कोई आधार नहीं दिखता. दूसरा, इन आंतरिक शर्तों का उपयोग करने के बाद भी बोर्ड अलग निष्कर्षों पर पहुँचता है.
Meta को पूर्व राष्ट्रपति दुतेर्ते की गिरफ़्तारी को एक महत्वपूर्ण घटना मानना चाहिए था, जिसके लिए बहुत गंभीर जोखिम वाले लेबल के संभावित उपयोग के लिए प्रासंगिक पोस्ट का एस्केलेशन ज़रूरी था. Meta के अपने स्टैंडर्ड के अनुसार, दुतेर्ते की गिरफ़्तारी का समय फ़िलीपींस में राजनीति का एक तनावपूर्ण समय दर्शाता है. इससे गिरफ़्तारी की परिस्थितियों के बारे में सार्वजनिक रूप से आलोचना की चर्चा शुरू हुई और फ़िलीपींस और विदेशों में पूर्व राष्ट्रपति के समर्थन और विरोध में विरोध प्रदर्शन हुए. बोर्ड ने जिन स्टेकहोल्डर्स से परामर्श किया, उन्होंने हाइलाइट किया कि Meta के प्लेटफ़ॉर्म पर दुतेर्ते की गिरफ़्तारी से जुड़ी बातें कितनी तेज़ी से फैल रही थीं. जैसा कि Meta ने कहा, वीडियो के मिलते-जुलते वर्जन का फ़ैक्ट-चेक किया गया था. यह गिरफ़्तारी देश के दो सर्वोच्च सरकारी अधिकारियों के बीच लंबे समय से चल रहे राजनैतिक विवाद के दौरान हुई, जिसमें उपराष्ट्रपति सारा दुतेर्ते ने आरोप लगाया कि उनके पिता का अपहरण कर लिया गया है.
यहाँ अपने एक्शन के आधार पर, Meta ने हेरफेर किए गए मीडिया से जुड़ी लेबलिंग के लिए योग्य महत्वपूर्ण घटनाओं की अपनी व्याख्या को चुनावों तक ही सीमित रखा है और उसमें अन्य राजनैतिक संकटों को शामिल नहीं किया है. बोर्ड, एक पूर्व राष्ट्राध्यक्ष की गिरफ़्तारी और उसके बाद ICC को उनके प्रत्यर्पण को एक महत्वपूर्ण घटना मानता है. पूर्व राष्ट्रपति की गिरफ़्तारी के समय फ़िलीपींस की राजनैतिक स्थिति को देखते हुए, Meta द्वारा आगामी मई 2025 के चुनावों को ही एकमात्र महत्वपूर्ण घटना मानना एक गलती थी. इसलिए, महत्वपूर्ण घटना को चुनावों तक सीमित करके, Meta ने अपने ही नियमों की उपयोगिता को कम कर दिया, जो कि बढ़े हुए राजनैतिक तनाव की स्थितियों के दौरान हेरफेर किए गए मीडिया के प्रसार को रोकने में मदद करते हैं. व्यवहार में हेरफेर किए गए मीडिया नियमों के तहत आने वाला कंटेंट, पॉलिसी द्वारा व्यक्त कंटेंट की तुलना में सीमित दिखाई देता है.
यह मानते हुए भी कि इस केस में महत्वपूर्ण घटना मई 2025 के चुनाव थे, Meta को सिर्फ़ अपने फ़ैक्ट-चेकिंग पार्टनर की गलत जानकारी के दावों को सामने लाने और उन्हें रेट करने की क्षमता पर निर्भर नहीं रहना चाहिए था. बोर्ड ने जिन फ़ैक्ट-चेकर्स से परामर्श किया, उन्होंने और सबमिट किए गए पब्लिक कमेंट ने रिसोर्स की उन गंभीर कमियों को मज़बूती से हाइलाइट किया जिनका सामना फ़ैक्ट-चेकर अपने काम के दौरान करते हैं (PC-31362, PressOne (फ़िलीपींस); (PC-31357, Foundation for Media Alternatives (फ़िलीपींस)). अन्य फ़ैक्ट-चेकर्स ने बताया कि वे किस तरह समान वीडियो के सभी संभावित वर्जन को रेटिंग देने में असमर्थ हैं. कंटेंट की मात्रा के साथ-साथ, गलत जानकारी फैलाने वाले लोग, नई पोस्ट को पहले फ़ैक्ट-चेक किए गए कंटेंट से अलग करने के लिए कंटेंट में मामूली बदलाव करते हैं और इस तरह वे समान और लगभग समान कंटेंट को पकड़ने की Meta की मैचिंग टेक्नोलॉजी से बचते हैं (PC-31357, Foundation for Media Alternatives (फ़िलीपींस); PC-31349, Rappler (फ़िलीपींस)). स्टेकहोल्डर्स ने इस बात पर ज़ोर दिया कि Meta के प्लेटफ़ॉर्म पर बिना लेबल वाली भ्रामक पोस्ट का लगातार फैलाव तथ्यात्मक दावों को दबा देता है (PC-31358, European Fact-Checking Standards Network). Meta के एक फ़ैक्ट-चेकर ने बताया कि ये पोस्ट, ऑनलाइन रूप से गलत जानकारी फैलाने के व्यापक संगठित कैंपेन का हिस्सा हैं (PC-31349, Rappler (Philippines)). इन परिस्थितियों को देखते हुए, Meta को यह निष्कर्ष निकालना चाहिए था कि "इंफ़र्मेशन इकोसिस्टम या फ़ैक्ट-चेकर्स के पास विचाराधीन कंटेंट का समाधान करने के लिए पर्याप्त समय नहीं है" जिसके आधार पर फ़ैक्ट-चेक के लिए इस तरह के कंटेंट को प्राथमिकता दी जाती.
जब गुमराह करने वाली जानकारी, बढ़े हुए तनाव के दौरान किसी विशेष राजनैतिक या सामाजिक मुद्दे के बारे में लोगों की राय को प्रभावित करने के लिए गलत जानकारी के व्यापक कैंपेन का हिस्सा बनती दिखाई देती है, तो गुमराह करने वाली वायरल पोस्ट का समाधान करना और भी ज़रूरी हो जाता है, खासकर जब इन्हें फैलाने की स्ट्रेटेजी, इन्हें पकड़े जाने और रिव्यू से बचाने के लिए तेज़ी से तैयार होती हैं. इस तरह के केसों में, Meta को अपनी सभी प्रासंगिक पॉलिसी (फ़ैक्ट-चेकिंग और लेबलिंग सहित) और संबंधित टूल्स को लागू करना चाहिए.
II. एन्फ़ोर्समेंट एक्शन
राष्ट्रपति बाइडेन के छेड़छाड़ किए गए वीडियो से जुड़े फ़ैसले में, बोर्ड ने Meta की उस कंटेंट को डिमोट करने के व्यवहार के बारे में अपनी चिंता व्यक्त की, जिसे थर्ड-पार्टी फ़ैक्ट-चेकर "गलत" या "छेड़छाड़ किया गया" के रूप में रेट करते हैं क्योंकि इसमें यूज़र को न तो सूचना दी जाती है और न ही उसे अपील करने का तरीका दिया जाता है. बोर्ड ने अपने उस फ़ैसले में कहा कि “कंटेंट को डिमोट करने का अभिव्यक्ति की आज़ादी पर काफ़ी बुरा असर पड़ता है. Meta को इन पॉलिसी का परीक्षण करके यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनमें यह स्पष्ट रूप से बताया गया है कि कंटेंट को क्यों और कब डिमोट किया जाता है और यूज़र को इसके प्रभावी उपचार का तरीका दिया गया है (ICCPR का अनुच्छेद 2).” साथ ही, बोर्ड यह भी मानता है कि ऐसे मामले हो सकते हैं जिनमें कंटेंट को हटाने की तुलना में उसे डिमोट करना कब बाधाकारी उपाय के रूप में सही लग सकता है (उदाहरण के लिए, यूके के दंगों का समर्थन करने वाली पोस्ट, राष्ट्रीयता के आधार पर आपराधिक आरोप, ईरान में एक बाल विवाह के लिए मेक-अप का वीडियो देखें).
मौजूदा केस में, Meta द्वारा फ़िलीपींस सहित गैर-अमेरिकी यूज़र्स के लिए केस के कंटेंट को कुछ समय के लिए फ़ीड में नीचे दिखाने की कार्रवाई, पॉलिसी का लगभग उल्लंघन करने वाले कंटेंट को डिमोट करने के उसके व्यवहार के अनुरूप है. बोर्ड को भी लगता है कि यह कंटेंट, पहले गलत कंटेंट के रूप में रेट किए जा चुके कंटेंट के लगभग समान है, इसलिए Meta की उस पॉलिसी के तहत इसे भी डिमोट कर दिया जाएगा, जिसमें थर्ड-पार्टी फ़ैक्ट-चेकर द्वारा गलत के रूप में रेट किए गए कंटेंट को डिमोट कर दिया जाता है. हालाँकि, बोर्ड ने डिमोशन पॉलिसी में स्पष्टता की कमी, अपील के अवसर और राजनैतिक अभिव्यक्ति पर संभावित असर के बारे में अपनी गहरी चिंता भी दोहराई है.
5.2 Meta की मानवाधिकारों से जुड़ी ज़िम्मेदारियों का अनुपालन
बोर्ड का मानना है कि Meta की अपनी पॉलिसी के अनुसार, बहुत गंभीर जोखिम वाले हेरफेर किए गए मीडिया वाले लेबल के साथ, प्लेटफ़ॉर्म पर कंटेंट को रखना, Meta की मानवाधिकार से जुड़ी ज़िम्मेदारियों के अनुरूप होता. बोर्ड इस बात से सहमत है कि Meta द्वारा कंटेंट को फ़ैक्ट-चेकिंग के लिए रेफ़र करना, उसकी मानवाधिकार से जुड़ी ज़िम्मेदारियों के अनुरूप है और इस केस में, थर्ड-पार्टी फ़ैक्ट-चेकर के लिए उपलब्ध टूल्स में सुधार करना, ताकि वे रिव्यू कर पाएँ, उन ज़िम्मेदारियों को पूरा करने का एक तरीका होगा.
अभिव्यक्ति की आज़ादी (आर्टिकल 19 ICCPR)
ICCPR के अनुच्छेद 19 में अभिव्यक्ति की विस्तृत सुरक्षा का प्रावधान है, जिसमें राजनैतिक चर्चा भी शामिल है ( सामान्य कमेंट सं. 34, पैरा. 11-12). यह “राजनैतिक डोमेन और सार्वजनिक संस्थानों में सार्वजनिक हस्तियों से जुड़ी सार्वजनिक चर्चाओं” के लिए “खास तौर पर उच्च” सुरक्षा देता है (सामान्य कमेंट सं. 34, पैरा. 38 20; सामान्य कमेंट सं. 25, पैरा. 12 और 25 भी देखें). संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार समिति ने इस बात पर ज़ोर दिया कि सार्वजनिक मामलों के आचरण और वोट के अधिकार के प्रभावी उपयोग के लिए अभिव्यक्ति की आज़ादी ज़रूरी है (सामान्य कमेंट सं. 34, पैरा. 20; सामान्य कमेंट सं. 25, पैरा. 12 और 25 भी देखें).
सिर्फ़ झूठा होना, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून के तहत किसी अभिव्यक्ति को हटाने का एकमात्र आधार नहीं हो सकता ( गलत जानकारी से निपटने पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव की रिपोर्ट, A/77/287, पैरा. 13). इसे सिर्फ़ तभी प्रतिबंधित किया जा सकता है जब यह वैधानिकता, औचित्य और आवश्यकता और आनुपातिकता के तीन भाग वाले परीक्षण में सफल हो. 2024 में, संयुक्त राष्ट्र के कई खास रैपर्टर और संयुक्त राष्ट्र के वर्क ग्रुप ने विश्वव्यापी चुनावों के दौरान लोकतंत्र और मानवाधिकारों को मज़बूत करने पर एक संयुक्त वक्तव्य जारी किया: “सोशल मीडिया कंपनियों को कंटेंट मॉडरेशन के अपने प्रोसेस और एल्गोरिदम का रिव्यू करना चाहिए और उन्हें पारदर्शी बनाना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे असहमति की बातों को दबाते नहीं हैं और गलत जानकारी को बढ़ावा नहीं देते हैं. टेक्नोलॉजी कंपनियों को अपनी कंटेंट मॉडरेशन पॉलिसी में उचित प्रक्रियाओं का पालन करना चाहिए, फ़ैक्ट-चेकिंग और स्थानीय भाषाओं और स्थानीय संदर्भों को समझने में निवेश करना चाहिए.”
जहाँ राज्य, अभिव्यक्ति पर प्रतिबंध लगाता है, वहाँ प्रतिबंधों को वैधानिकता, वैधानिक लक्ष्य और आवश्यकता तथा आनुपातिकता की शर्तों को पूरा करना चाहिए (आर्टिकल 19, पैरा. 3, ICCPR). इन आवश्यकताओं को अक्सर “तीन भागों वाला परीक्षण” कहा जाता है. बोर्ड इस फ़्रेमवर्क का उपयोग बिज़नेस और मानवाधिकारों से जुड़े संयुक्त राष्ट्र संघ के मार्गदर्शक सिद्धांतों के अनुरूप Meta की मानवाधिकार ज़िम्मेदारियों को समझने के लिए करता है, जिसके लिए Meta ने खुद अपनी कॉर्पोरेट मानवाधिकार पॉलिसी में प्रतिबद्धता जताई है. बोर्ड ऐसा इसलिए करता है कि वह रिव्यू के लिए आए कंटेंट से जुड़े अलग-अलग फ़ैसले ले सके और यह समझ सके कि कंटेंट मॉडरेशन से जुड़ा Meta का व्यापक दृष्टिकोण क्या है. जैसा कि अभिव्यक्ति की आज़ादी के बारे में संयुक्त राष्ट्र के खास रैपर्टर में कहा गया है कि भले ही “कंपनियों का सरकारों के प्रति दायित्व नहीं है, लेकिन उनका प्रभाव इस तरह का है जो उनके लिए अपने यूज़र की सुरक्षा के बारे में इस तरह के सवालों का मूल्यांकन करना ज़रूरी बनाता है” (A/74/486, पैरा. 41).
I. वैधानिकता (नियमों की स्पष्टता और सुलभता)
वैधानिकता के सिद्धांत के लिए यह ज़रूरी है कि अभिव्यक्ति को सीमित करने वाले नियमों को एक्सेस किया जा सकता हो और वे स्पष्ट हों. उन्हें पर्याप्त सटीकता के साथ बनाया गया हो ताकि लोग अपने व्यवहार को उसके अनुसार बदल सकें ( सामान्य कमेंट सं. 34, पैरा. 25 पर). इसके अलावा, ये नियम “उन लोगों को अभिव्यक्ति की आज़ादी पर प्रतिबंध लगाने के निरंकुश अधिकार नहीं दे सकते, जिनके पास इन नियमों को लागू करने की ज़िम्मेदारी है” और नियमों में “उन लोगों के लिए पर्याप्त मार्गदर्शन भी होना ज़रूरी है जिन पर इन्हें लागू करने की ज़िम्मेदारी है ताकि वे यह पता लगा सकें कि किस तरह की अभिव्यक्ति को उचित रूप से प्रतिबंधित किया गया है और किसे नहीं,” (जैसा कि पहले बताया जा चुका है). अभिव्यक्ति की आज़ादी पर संयुक्त राष्ट्र संघ के विशेष रैपर्टर ने कहा है कि ऑनलाइन अभिव्यक्ति की निगरानी करने के मामले में निजी संस्थानों पर लागू होने वाले नियम स्पष्ट और विशिष्ट होने चाहिए (A/HRC/38/35, पैरा. 46 पर). Meta के प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग करने वाले लोगों के लिए ये नियम एक्सेस करने और समझने लायक होने चाहिए और उनके एन्फ़ोर्समेंट के संबंध में कंटेंट रिव्यूअर्स को स्पष्ट गाइडेंस दिया जाना चाहिए.
Meta का गलत जानकारी से जुड़ा कम्युनिटी स्टैंडर्ड और संबंधित पॉलिसी स्पष्ट हैं, जैसा कि उन्हें इस केस में लागू किया गया है, लेकिन उनमें सुधार किया जाना चाहिए. गलत जानकारी से जुड़ी पॉलिसी की सार्वजनिक भाषा, यूज़र्स को लागू नियमों और Meta के प्लेटफ़ॉर्म पर गलत जानकारी और हेरफेर किए गए मीडिया को पोस्ट करने के विभिन्न परिणामों की स्पष्ट जानकारी देती है (यानी, कंटेंट को हटाया जाता है, फ़ैक्ट-चेक किया जाता है या उस पर हेरफेर किया गया मीडिया का लेबल लगाया जाता है). इस बीच, फ़ैक्ट-चेकिंग के लिए योग्य कंटेंट के प्रकार, फ़ैक्ट-चेकर्स की नियुक्ति की शर्तें और डिमोशन पॉलिसी के बारे में जानकारी ट्रांसपेरेंसी सेंटर के विभिन्न पेजों पर देखी जा सकती है.
इराकी कुर्दिस्तान में कथित तौर पर चुनावों में धाँधली करने का ऑडियो कॉल केस के फ़ैसले में, बोर्ड ने कहा था कि Meta को “हेरफेर किए गए मीडिया से जुड़े सभी अलग-अलग लेबलों की जानकारी को ट्रांसपेरेंसी सेंटर में एक ही पेज पर लाने पर विचार करना चाहिए ताकि यूज़र आसानी से उनके बारे में ज़्यादा जान सकें” और बोर्ड ने इस मार्गदर्शन को यहाँ दोहराया.
इसके अलावा, बोर्ड इस बात से चिंतित है कि AI की लेबलिंग के लिए हेरफेर किए गए मीडिया से जुड़े अपने नियमों की Meta की व्याख्या के परिणामस्वरूप उसका दायरा, सार्वजनिक पॉलिसी में बताए गए की अपेक्षा सीमित हो जाता है. Meta को उन अलग-अलग AI लेबल की जानकारी देनी चाहिए जिनका उपयोग वह करता है. साथ ही यह भी बताना चाहिए कि उन लेबल को कब लागू किया जाता है और उनके क्या परिणाम होते हैं. फ़िलहाल, Meta द्वारा उपयोग किए जाने वाले तीन AI लेबल की सबसे विस्तृत जानकारी, बोर्ड के हाल ही के इराकी कुर्दिस्तान में कथित तौर पर चुनावों में धाँधली करने का ऑडियो कॉल फ़ैसले में दी गई है. सार्वजनिक नियमों में Meta के उस आंतरिक नियम की जानकारी दी जानी चाहिए, जिसके अनुसार किसी महत्वपूर्ण घटना से जुड़े कंटेंट पर बहुत गंभीर जोखिम वाला लेबल लगाना ज़रूरी है. साथ ही यह भी बताया जाना चाहिए कि महत्वपूर्ण घटना किसे माना जाता है.
II. वैधानिक लक्ष्य
अभिव्यक्ति की आज़ादी पर लगाए जाने वाले सभी प्रतिबंधों में ICCPR में सूचीबद्ध कानूनी लक्ष्यों में से एक या एक से ज़्यादा को भी पूरा किया जाना चाहिए, जिसमें अन्य लोगों के अधिकारों की रक्षा शामिल है (अनुच्छेद 19, पैरा. 3, ICCPR). पुराने फ़ैसलों में बोर्ड ने कहा था कि सार्वजनिक मामलों में भाग लेने के अधिकार की रक्षा करना (आर्टिकल 25, ICCPR), Meta की गलत जानकारी से जुड़ी पॉलिसी का विधिसम्मत लक्ष्य है ( इराकी कुर्दिस्तान में कथित तौर पर चुनावों में धाँधली करने का ऑडियो कॉल, राष्ट्रपति बाइडेन का छेड़छाड़ किया गया वीडियो).
III. आवश्यकता और आनुपातिकता
ICCPR के आर्टिकल 19(3) के तहत, आवश्यकता और आनुपातिकता के सिद्धांत के अनुसार यह ज़रूरी है कि अभिव्यक्ति की आज़ादी पर लगाए जाने वाले प्रतिबंध “उनके सुरक्षात्मक कार्य को सही तरीके से पूरा करने वाले होने चाहिए; उनसे उन लोगों के अधिकारों के साथ कम से कम हस्तक्षेप होना चाहिए, जिन अधिकारों से उन्हें सुरक्षात्मक कार्यों का लाभ मिल सकता है; उन हितों के अनुसार सही अनुपात में होने चाहिए, जिनकी सुरक्षा की जानी है” (सामान्य कमेंट सं. 34, पैरा. 34). इस उद्देश्य के लिए, कंपनी सबसे पहले उन टूल्स का मूल्यांकन कर सकती है जो उसके पास पहले से अभिव्यक्ति को सीमित किए बिना विधिसम्मत उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए मौजूद हैं; दूसरा, अगर यह संभव न हो, तो उस टूल की पहचान करें जो अभिव्यक्ति पर कम से कम असर डालता हो; और तीसरा, मूल्यांकन करें कि क्या उसके द्वारा चुना गया उपाय प्रभावी है (A/74/486, पैरा. 52).
इन उपायों की आवश्यकता और आनुपातिकता का आकलन करते समय और यह तय करते समय कि कौन-से अन्य उपाय ज़रूरी हैं, बोर्ड ने इन बातों पर विचार किया: a) इस कंटेंट को फ़िलीपींस में बढ़े हुए राजनैतिक तनाव के दौरान पोस्ट किया गया था, जब पूर्व राष्ट्रपति दुतेर्ते की गिरफ़्तारी की परिस्थितियों के बारे में अलग-अलग बातें चल रही थीं; b) देश में सोशल मीडिया का बहुत ज़्यादा उपयोग; c) देश में गलत जानकारी और गुमराह करने वाली जानकारी का इतिहास, खास तौर पर चुनावों से पहले और उनके दौरान; d) राजनीति और मीडिया से जुड़े माहौल में ध्रुवीकरण का आम स्वभाव; e) समाचार मीडिया और पत्रकारों को लगातार गैर-कानूनी ठहराना और साथ ही मीडिया संस्थानों में लोगों के भरोसे में गिरावट; f) इस बात की संभावना कि पोस्ट में शामिल मीडिया को बदल दिया गया है, जैसा कि देश में Meta के तीनों फ़ैक्ट-चेकर द्वारा गलत होने की रेटिंग दी गई समान पोस्ट से पता चलता है; और g) इस बात की संभावना कि डिजिटल रूप से हेरफेर किया गया मीडिया, देश में राजनैतिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा देने वाले मुद्दे पर जनता को गुमराह और प्रभावित करेगा.
बोर्ड ने केस के कंटेंट के संबंध में Meta की कार्रवाइयों पर ध्यान दिया है: केस के कंटेंट को फ़ैक्ट-चेकिंग के लिए सबमिट करना, सबसे पहले कंटेंट के पोस्ट होने के तुरंत बाद और फिर बोर्ड द्वारा इस केस को चुने जाने पर; और इस कंटेंट में गलत जानकारी होने के पूर्वानुमान के संकेतों के आधार पर, फिलीपींस सहित गैर-अमेरिकी यूज़र्स की Facebook फ़ीड में कुछ समय के लिए कंटेंट को नीचे दिखाना.
Meta ने कंटेंट का रिव्यू करने वाले फ़ैक्ट-चेकर्स को सुविधा देने के लिए कुछ कदम उठाए, लेकिन उसे अपनी पॉलिसी के अनुरूप आगे भी कदम उठाने चाहिए थे. उदाहरण के लिए, कंपनी को केस के कंटेंट को फ़ैक्ट-चेकिंग की कतार में डालते समय उसे अत्यावश्यक के रूप में टैग करना चाहिए था और गिरफ़्तारी को नागरिक बहस से जुड़े ट्रेंडिंग ईवेंट के रूप में देखना चाहिए था. Meta को अपनी ओर से भी इस तरह के कंटेंट की पहचान करनी चाहिए थी और उसे सामने लाना चाहिए था, यह देखते हुए कि Meta के फ़ैक्ट-चेकर्स ने पूर्व राष्ट्रपति दुतेर्ते की गिरफ़्तारी के बारे में प्रचलित गलत जानकारी के दावों को फ़्लैग किया था और इसी तरह के कंटेंट को Meta के फ़ैक्ट-चेकर्स द्वारा गलत के रूप में रेट किया गया था.
फ़िलीपींस जैसे ऊपर बताए गए संदर्भों में राजनैतिक दुष्प्रचार की प्रकृति और इसके तेज़ी से फैलाव को देखते हुए, Meta को सभी उपलब्ध तरीकों के ज़रिए जानकारी की बेहतर पहचान करने और उसका समाधान करने के तरीकों का पता लगाना चाहिए. जैसा कि संयुक्त राष्ट्र रैपर्टर के संयुक्त बयान में ज़ोर दिया गया है, कंपनियों को स्थानीय संदर्भ को ध्यान में रखकर बनाए गए कंटेंट मॉडरेशन के तरीकों से गलत जानकारी का जवाब देना चाहिए.
Meta को फ़ैक्ट-चैकर्स के लिए अपने मैकेनिज़्म में सुधार करना चाहिए ताकि वे पहले फ़ैक्ट-चेक किए गए कंटेंट जैसे कंटेंट का रिव्यू कर सकें. छेड़छाड़ करके बनाए गए, राष्ट्रपति बाइडेन के वीडियो के फ़ैसले में बोर्ड ने कहा कि कंटेंट के एक छोटे से हिस्से पर लेबल लगाने से "यह गलत धारणा बन सकती है कि बिना लेबल वाला कंटेंट स्वाभाविक रूप से भरोसेमंद है." फ़िलहाल, फ़ैक्ट-चेकर स्वतंत्र रूप से फ़ैक्ट-चेकिंग के लिए कंटेंट की पहचान कर सकते हैं, जिससे सैद्धांतिक रूप से पहले ही लेबल की जा चुकी गुमराह करने वाली जानकारी के समान कंटेंट का समाधान करने की परमिशन मिलती है. हालाँकि, स्टोकहोल्डर्स ने बोर्ड से कहा है कि CrowdTangle इस प्रोसेस का अभिन्न हिस्सा था. यह Meta के स्वामित्व वाला ट्रांसपेरेंसी टूल था, जिसे 2024 में बंद कर दिया गया. Meta कंटेंट लाइब्रेरी, फ़ैक्ट-चेकर्स के लिए उपलब्ध है, लेकिन फ़ैक्ट-चेकर्स के लिए इस टूल की वास्तविक उपयोगिता अनिश्चित है (वे पोस्ट जिनमें “From the River to the Sea” शामिल है देखें). स्टेकहोल्डर्स ने कहा कि पत्रकारों के लिए इस टूल की एक्सेस एक समान नहीं है, जबकि कुछ ने कहा कि फ़ैक्ट-चेकिंग के काम के लिए इस टूल का उपयोग करना आसान नहीं है, क्योंकि वीडियो में टेक्स्ट सर्च करने, रिवर्स-इमेज सर्च करने और लोकेशन के आधार पर पब्लिक ग्रुप को सर्च करने में समस्याएँ हैं. इस इनपुट के आधार पर, Meta को अपनी ओर से थर्ड-पार्टी फ़ैक्ट-चेकर के साथ निरंतर बातचीत करते रहना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि Meta कंटेंट लाइब्रेरी उनके उद्देश्यों के लिए उपयुक्त है.
Meta कंटेंट लाइब्रेरी में गलत जानकारी के प्रचलित दावों का समाधान करने के अन्य उपाय भी जोड़े जाने चाहिए. इस उद्देश्य के लिए, बोर्ड ने सुझाव दिया है कि Meta अपनी फ़ैक्ट-चेकिंग कतार में एक ऐसा टूल बनाए जिसकी मदद से फ़ैक्ट-चेकिंग पार्टनर तेज़ी से ऐसे वायरल कंटेंट को पहचान पाएँ जो समान या लगभग समान नहीं माना गया है, लेकिन फिर भी संभावित रूप से गलत या गुमराह करने वाले दावों को दोहराता है. इससे फ़ैक्ट-चेक की गई जानकारी जैसी गलत जानकारी वाले दावे सामने आएँगे. साथ ही "समान" और "लगभग समान" कंटेंट की परिभाषा को व्यापक बनाने से होने वाले ज़रूरत से ज़्यादा एन्फ़ोर्समेंट से बचा जा सकेगा.
Meta को गलत जानकारी पर अपनी प्रतिक्रिया में सुधार करने के लिए कदम उठाने चाहिए, ताकि गुमराह करने वाली जानकारी से निपटने का बोझ उसके थर्ड पार्टी फ़ैक्ट चेकिंग पार्टनर्स पर न पड़े. Meta के इस कथन के बावजूद कि वह ऐसे “कंटेंट में मामूली अंतर” का बेहतर ढंग से पता लगाने के लिए टेक्नोलॉजी में निवेश कर रहा है, जो गुमराह करने वाली जानकारी शेयर कर सकता है, मौजूदा केस आगे सुधार की ज़रूरत दर्शाता है. उदाहरण के लिए, अपने मौजूदा फ़ैक्ट-चेकिंग प्रोग्राम के लिए, Meta को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पार्टनर्स के पास ऐसे चुनौतीपूर्ण काम करने के लिए सपोर्ट और रिसोर्स उपलब्ध हों, जिसके लिए Meta उन पर निर्भर है. Meta को उन अकाउंट का समाधान भी करना चाहिए जो बार-बार गलत जानकारी फैलाते हैं, जिसमें सुनियोजित ढंग से गलत व्यवहार करने पर अपनी गुमराह करने वाला व्यवहार पॉलिसी लाइन एन्फ़ोर्स करके ऐसा करना शामिल है.
कंपनी की पॉलिसी की परमिशन के अनुसार, केस के कंटेंट पर बहुत गंभीर जोखिम वाला लेबल लगाने में Meta की विफलता को लेकर भी बोर्ड चिंतित है. बोर्ड का मानना है कि इससे उस महत्वपूर्ण समय के दौरान फ़िलीपींस में गलत या गुमराह करने वाली जानकारी के प्रसार को रोकने में मदद मिलती. पोस्ट को देखने वाले यूज़र्स को इस बात का अलर्ट मिलता कि कंटेंट को डिजिटल रूप से बदला गया हो सकता है, क्योंकि लोगों द्वारा बार-बार "दुतेर्ते!" के नारे लगाने और बैकग्राउंड में "बायान को" गीत को सर्बिया के विरोध प्रदर्शन के वीडियो फ़ुटेज के साथ जोड़ा गया है. उल्लेखनीय रूप से, बहुत गंभीर जोखिम वाले लेबल का परिणाम यह होता है कि जो यूज़र, पोस्ट को फिर से शेयर करना चाहते हैं, उन्हें यह पॉप-अप दिखाई देता है कि जिस पोस्ट को वे शेयर करना चाहते हैं, उसमें डिजिटल रूप से बदलाव किया गया हो सकता है. भले ही यह लेबल सिर्फ़ जानकारी देता है, लेकिन यह नोटिस कुछ हद तक लोगों को टोकता है, जिससे मौजूदा घटनाओं के बारे में गुमराह करने वाली पोस्ट के प्रसार को तब कम करने में मदद मिल सकती है, जब इस प्रकार के कंटेंट के चरम पर होने की संभावना होती है. इसी तरह, इराकी कुर्दिस्तान में कथित तौर पर चुनावों में धाँधली करने का ऑडियो कॉल केस के फ़ैसले में, बोर्ड ने इराकी कुर्दिस्तान में ध्रुवीकृत चुनाव से पहले Meta द्वारा अपने बहुत गंभीर जोखिम वाले लेबल के चुनिंदा उपयोग का मुद्दा उठाया, जिससे गुमराह करने वाले कंटेंट की असमान लेबलिंग से होने वाले भ्रम की ज़्यादा जानकारी मिलती है. बोर्ड ने कंटेंट पर AI लेबल के उपयोग में असंगतता देखने की रिपोर्ट की है, जो तब भी होता है जब AI जेनरेशन के इंडस्ट्री-स्टैंडर्ड के सिग्नल मौजूद होते हैं. सोशल मीडिया पर AI-जेनरेटेड कंटेंट बहुत लोकप्रिय हो रहा है, इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि Meta इस एरिया में अपनी पॉलिसी के एन्फ़ोर्समेंट को सुधारे.
इस केस में, बोर्ड इस बात से गंभीर रूप से चिंतित है कि Meta ने बहुत गंभीर जोखिम वाला लेबल लागू नहीं किया. Meta को यहाँ ऐसा ही करना चाहिए था, जिससे उसके उपयोग के लिए उपलब्ध अन्य पॉलिसी का फ़ायदा लेते हुए फ़ैक्ट-चेकिंग प्रोग्राम में मदद मिलती.
6. ओवरसाइट बोर्ड का फ़ैसला
ओवरसाइट बोर्ड ने कंटेंट को बनाए रखने के Meta के फ़ैसले को कायम रखा है.
7. सुझाव
कंटेंट पॉलिसी
1. यूज़र्स को बेहतर ढंग से यह बताने के लिए कि गलत जानकारी से जुड़े कम्युनिटी स्टैंडर्ड को कैसे लागू किया जाता है, Meta को जानकारी देने वाले विभिन्न लेबलों की व्याख्या करनी चाहिए जिनका उपयोग Meta हेरफेर वाले मीडिया के लिए करता है. इसमें यह भी शामिल है कि बहुत गंभीर जोखिम वाला लेबल किसी महत्वपूर्ण घटना के संबंध में लगाया जाता है और किस घटना को एक महत्वपूर्ण घटना माना जाता है.
बोर्ड इस सुझाव को तब लागू मानेगा जब Meta, यह बदलाव दिखाने के लिए गलत जानकारी से जुड़े अपने कम्युनिटी स्टैंडर्ड की भाषा को अपडेट कर देगा.
एन्फ़ोर्समेंट
2. थर्ड-पार्टी के फ़ैक्ट-चेकर्स को गलत जानकारी के पैटर्न का कुशलतापूर्वक समाधान करने में सक्षम बनाने के लिए, Meta को फ़ैक्ट-चेकिंग इंटरफ़ेस के भीतर एक अलग कतार बनानी चाहिए जिसमें किसी दिए गए बाज़ार में पहले से फ़ैक्ट-चेक हो चुके कंटेंट जैसा, लेकिन समान या लगभग समान नहीं, कंटेंट शामिल हो.
बोर्ड इस सुझाव को तब लागू मानेगा, जब Meta, बोर्ड के साथ इस नए इंटरफ़ेस फ़ीचर की जानकारी शेयर करेगा और यह बताएगा कि वह फ़ैक्ट-चेकर को किस तरह नए, मिलते-जुलते कंटेंट को मौजूदा फ़ैक्ट-चेक में शामिल करने में सक्षम बनाता है.
*प्रक्रिया संबंधी नोट:
- ओवरसाइट बोर्ड के फ़ैसले पाँच मेंबर्स के पैनल द्वारा लिए जाते हैं और उन पर बोर्ड के ज़्यादातर मेंबर्स की सहमति होती है. ज़रूरी नहीं है कि बोर्ड के फ़ैसले, सभी सदस्यों की राय दर्शाएँ.
- अपने चार्टर के तहत, ओवरसाइट बोर्ड उन यूज़र्स की अपील का रिव्यू कर सकता है, जिनका कंटेंट Meta ने हटा दिया था और उन यूज़र्स की अपील का रिव्यू कर सकता है जिन्होंने उस कंटेंट की रिपोर्ट की थी जिसे Meta ने बनाए रखा. साथ ही, बोर्ड Meta की ओर से रेफ़र किए गए फ़ैसलों का रिव्यू कर सकता है (चार्टर आर्टिकल 2, सेक्शन 1). बोर्ड के पास Meta के कंटेंट से जुड़े फ़ैसलों को कायम रखने या उन्हें बदलने का बाध्यकारी अधिकार है (चार्टर आर्टिकल 3, सेक्शन 5; चार्टर आर्टिकल 4). बोर्ड ऐसे गैर-बाध्यकारी सुझाव दे सकता है, जिनका जवाब देना Meta के लिए ज़रूरी है (चार्टर आर्टिकल 3, सेक्शन 4; आर्टिकल 4). जहाँ Meta सुझावों पर एक्शन लेने की प्रतिबद्धता व्यक्त करता है, वहाँ बोर्ड उनके लागू होने की निगरानी करता है.
- इस केस के फ़ैसले के लिए, बोर्ड की ओर से स्वतंत्र रिसर्च करवाई गई थी. बोर्ड को Duco Advisors से सहायता मिली, जो एक एडवाइज़री फ़र्म है और भू-राजनीति, भरोसा और सुरक्षा और टेक्नोलॉजी के मेल-जोल पर फ़ोकस करती है.* भाषाई विशेषज्ञता Lionbridge Technologies, LLC ने मुहैया कराई है, जिसके विशेषज्ञ 350 से ज़्यादा भाषाओं में कुशल हैं और दुनिया भर के 5,000 शहरों से काम करते हैं.*