ओवरसाइट बोर्ड के शुरुआती फ़ैसलों को अनाउंस करना

हमारे केस के पहले फैसले के बाद, बोर्ड अपने अगले केस अनाउंस कर रहा है और पब्लिक के कमेंट की प्रोसेस शुरू कर रहा है.

बोर्ड द्वारा पिछले सप्ताह स्वीकार किए गए उस केस सहित जो पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की Facebook और Instagram की एक्सेस पर अनिश्चित समय के लिए लगाई गई रोक से जुड़ा है, बोर्ड द्वारा दो केस चुन लिए गए हैं.

केस का चयन

अक्टूबर 2020 में जबसे हमने केस स्वीकारने शुरू किए हैं, तब से लेकर अब तक बोर्ड से 150,000 से ज़्यादा केस की अपील की गई है. चूँकि हम सभी अपील पर सुनवाई नहीं कर सकते हैं, इसलिए हम उन केसों को प्राथमिकता दे रहे हैं जिनमें दुनिया भर के यूज़र्स पर असर डालने की संभावना हो, और जो सार्वजनिक विचार-विमर्श के लिए बेहद ज़रूरी हों, या जो Facebook की पॉलिसी के बारे में ज़रूरी सवाल खड़े करते हैं.

हम जिन केस को अनाउंस कर रहे हैं, वे ये हैं:

2021-001-FB-FBR

Facebook द्वारा रेफ़र किया गया केस

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6 जनवरी 2021 को, कॉंग्रेस के सदस्य US Capitol Building in Washington D.C. में 2020 के राष्ट्रपति के चुनाव के परिणामों को प्रमाणित करने के लिए इकट्ठे हुए थे. इस दिन की शुरुआत में, अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प वॉशिंगटन डी.सी. में व्हाइट हाउस के नज़दीक ने रैली में भाग लिया, जिसमें उन्होंने “बुरी तरह लड़ने” की ज़रूरत बताई और कहा “हम कैपिटॉल की ओर जा रहे हैं.” इसके बाद रैली में भाग ले रहे कई लोगों ने US कैपिटॉल बिल्डिंग की ओर मार्च किया. इसके बाद हुए उपद्रवों में, जिसकी वजह से पाँच लोगों की मौत हुई, राष्ट्रपति ट्रम्प के Facebook पेज पर, जिसके 3 करोड़ 50 लाख फ़ॉलोअर हैं, दो हिस्सों में कंटेंट पोस्ट किया गया. इनमें से पहला उनके Instagram अकाउंट में भी पोस्ट किया गया, जिसके 2 करोड़ 40 लाख फ़ॉलोअर हैं.

पोस्ट 1: जब उपद्रवी, कैपिटॉल में मौजूद थे और कानून प्रवर्तन एजेंसी के बैकअप कर्मचारी रास्ते में थे, तब राष्ट्रपति ट्रम्प ने Facebook और Instagram पर एक-मिनट का वीडियो पोस्ट किया, जिसका कंटेंट नीचे दिया गया है: “मुझे पता है कि आपको दुख है, मैं जानता हूं कि आपको चोट पहुँची है. हमने ऐसा चुनाव देखा है, जिसे हमसे हथिया लिया गया. यह बड़े अंतर वाला चुनाव था और यह बात हर किसी को, खासतौर से दूसरे पक्ष को पता है. लेकिन आपको अब घर जाना होगा. हमें शांति बनाए रखनी है. हमें कानून और व्यवस्था बनाए रखनी है. हमें कानून और व्यवस्था के अपने शानदार लोगों का सम्मान करना है. हम नहीं चाहते कि किसी को भी चोट पहुँचे. यह वक्त का बहुत मुश्किल-भरा दौर है. ऐसा वक्त पहले कभी नहीं आया, जब ऐसी चीज़ें हुईं, जब वे हम सब से – मुझसे, आपसे, हमारे देश से इसे छीन सकें. यह धोखाधड़ी से भरा चुनाव था, लेकिन हम इन लोगों के हाथों का खिलौना नहीं बन सकते. हमें शांति बनाए रखनी है. इसलिए घर जाएं. आप हमारे अज़ीज़ हैं. आप बहुत खास हैं. आपने ये वाकये देखे हैं. आपने देखा है कि जो लोग इतने बुरे और इतने खराब होते हैं उनसे कैसा बर्ताव किया जाता है. मुझे पता है कि आपको कैसा महसूस हो रहा है. लेकिन घर जाएँ और शांति से घर जाएँ."

पोस्ट 2: जब पुलिस कैपिटॉल की सुरक्षा का बंदोबस्त कर रही थी, राष्ट्रपति ट्रम्प ने Facebook पर लिखित बयान पोस्ट किया: “ये वे चीज़ें और घटनाएँ हैं, जो तब होती हैं, जब मान्य चुनावों में भारी अंतर से मिली किसी जीत को ऐसे महान देशभक्तों से इतने अफ़सोसनाक तरीके से ज़बरजस्ती छीन लिया जाता है, जिनके साथ इतने लंबे वक्त से अन्यायपूर्ण तरीके से बर्ताव किया जा रहा है. प्रेम और शांति से घर जाएँ. इस दिन को हमेशा याद रखें!"

Facebook द्वारा “हिंसक” बताई गई ईवेंट की प्रशंसा, समर्थन और प्रदर्शन को प्रतिबंधित करने से संबंधित उसकी नीति के तहत Facebook ने खतरनाक लोग और संगठन के बारे में अपने कम्युनिटी स्टैंडर्ड का उल्लंघन करने की वजह से पहली पोस्ट को हटा दिया. Facebook ने दूसरी पोस्ट को भी इसी स्टैंडर्ड के तहत हटाया, लेकिन उसने उस नीति के विशिष्ट पहलू को स्पष्ट नहीं किया, जिसे उसने लागू किया था. Facebook ने यह नहीं बताया कि क्या इससे किसी भी अन्य कम्युनिटी स्टैंडर्ड जैसे हिंसा और उकसावा या मिलजुलकर नुकसान पहुँचाना का भी उल्लंघन हुआ. इसके अलावा, जब Facebook ने दूसरी पोस्ट को हटाया तो उसने Facebook या Instagram पर पोस्ट करने की राष्ट्रपति ट्रम्प की योग्यता 24-घंटे के लिए बैन कर दी.

7 जनवरी, 2021 को, राष्ट्रपति ट्रम्प की पोस्ट, Facebook के बाहर उनकी हालिया बातचीत और कैपिटॉल में हिंसा की गंभीरता के बारे में अन्य जानकारी का और रिव्यू करने के बाद, राष्ट्रपति ट्रम्प की ओर से “हमारे प्लेटफॉर्म का उपयोग लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार के खिलाफ़ हिंसक बगावत को उकसाने के लिए करने" का सार्वजनिक तौर पर उल्लेख करते हुए Facebook ने उनके अकाउंट पर लगाए गए “ब्लॉक को अनिश्चित तौर पर और कम से कम अगले दो हफ़्तों के लिए तब तक बढ़ा[दिया]” “जब तक सत्ता का शांतिपूर्ण हस्तांतरण पूरा नहीं हो जाता”. हालाँकि, Facebook ने इन प्रतिबंधों की प्रकृति के बारे में अभी तक स्पष्टीकरण नहीं दिया है. ये पेज Facebook और Instagram पर, Facebook द्वारा की गई एन्फ़ोर्समेंट से जुड़ी हालिया कार्रवाइयों की जानकारी दिए बिना सार्वजनिक रूप से एक्सेस करने योग्य हैं.

Facebook ने बोर्ड को दिए गए अपने रेफ़रल में कहा कि तत्कालीन राष्ट्रपति ट्रम्प के अकाउंट पर रोक लगाने का फैसला असाधारण परिस्थितियों में लिया गया. Facebook का यह मानना है कि उसने 6 जनवरी को राष्ट्रपति ट्रम्प की पोस्ट को हटाने और अपने प्लेटफ़ॉर्म की उनकी एक्सेस पर अनिश्चित तौर पर प्रतिबंध लगाने में सही फैसला किया है. Facebook ने यह दलील दी कि अनिश्चित बैन से श्रीमान ट्रम्प या जनता को उनकी स्पीच को लेकर भविष्य में किया जाने वाला व्यवहार सुनिश्चित नहीं होता है लेकिन इससे किसी भी तय तारीख के बिना अमेरिका में नागरिक अशांति के दौर में सुरक्षा को प्राथमिकता मिलती है. जब इस फैसले का मूल्यांकन Facebook के उन मूल्यों से किया जाता है, जो कम्युनिटी स्टैंडर्ड की बुनियाद के तौर पर काम करते हैं, तो Facebook का मानना है, कि: “वॉइस”, “प्रामाणिकता”, “सुरक्षा”, “प्राइवेसी” और “गरिमा”, तो Facebook इस फैसले को “ज़रूरी और सही” मानता है.

Facebook ने इस केस के संबंध में नीचे दिए गए मुद्दे उठाए:

  • Facebook के मूल्यों पर विचार करके खासतौर से “वॉइस” और “सुरक्षा” को लेकर उसकी प्रतिबद्धता पर विचार करके क्या उसने 7 जनवरी 2021 को Facebook और Instagram पर कंटेंट पोस्ट करने की डोनाल्ड जे. ट्रम्प की एक्सेस को अनिश्चित समय के लिए प्रतिबंधित करके सही फैसला किया?
  • जब कि यूज़र एक राजनेता है, Facebook ने रोक लगाने के बारे में बोर्ड के विचारों या सुझावों का भी अनुरोध किया.

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यूज़र द्वारा रेफ़र किया गया केस

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नीदरलैंड्स के Facebook यूज़र ने 17-सेकंड की अवधि का वीडियो पोस्ट किया जिसके साथ डच भाषा में टेक्स्ट दिया गया था. वीडियो में एक छोटा बच्चा तीन वयस्कों से मिलता है, जिनमें से एक ने ‘सिंटरक्लास’, जिन्हें 'सेंट निकोलस’ भी कहा जाता है, को दिखाने वाली और दो वयस्कों ने ‘ज़्वार्टे पिएट’, जिन्हें ‘ब्लैक पेटे’ भी कहा जाता है, को दिखाने वाली पोशाक पहनी है. ज़्वार्टे पिएट, नीदरलैंड्स का पारंपरिक त्यौहार है और उनके किरदार को दिखाने वाले लोग अक्सर अपने चेहरे को काले रंग से रंग लेते हैं, जिससे विवाद पैदा हो गया है.

इस वीडियो में, बैकग्राउंड में बजते उत्सव के संगीत के साथ बच्चे को सिंटरक्लास और एक ज़्वार्टे पिएट से हाथ मिलाते दिखाया गया है. दूसरा ज़्वार्टे पिएट, बच्चे के सिर पर एक हैट लगाता है. पोस्ट के साथ दिया गया टेक्स्ट, ‘खुश बच्चा!’ तथा सिंटरक्लास और ज़्वार्टे पिएट्स भी डच भाषा में ही है.

Facebook ने दूसरे Facebook यूज़र से एक रिपोर्ट मिलने के बाद अभद्र भाषा से जुड़ी अपनी पॉलिसी के तहत इस कंटेंट को हटा दिया. अपनेअभद्र भाषा के कम्युनिटी स्टैंडर्ड के तहत, Facebook किसी व्यक्ति या लोगों के समूह की जाति और/या नस्ल के आधार पर “बताई गई अमानवीय तुलनाओं, सामान्यीकृत करने या व्यवहारगत कथनों (लिखित या विज़ुअल रूप में)” के ज़रिए उन्हें निशाना बनाने वाले कंटेंट को हटा देता है. इसमें “अश्वेत लोगों का काले चेहरे के रूप में हास्य चित्र” दिखाने वाला कंटेंट भी शामिल है.

यूज़र ने Facebook द्वारा कंटेंट को हटा देने के फैसले के खिलाफ़ दिसंबर 2020 में अपनी अपील सबमिट की. यूज़र ने कहा कि पोस्ट उनके बच्चे के लिए थी, जिसे उससे खुशी मिली और वह चाहता है कि कंटेंट को Facebook पर वापस लाया जाए. यूज़र ने यह भी कहा कि इस केस में “रंग मायने नहीं रखता” क्योंकि, उनके दृष्टिकोण से, ज़्वार्टे पिएट, बच्चों के लिए महत्वपूर्ण है.

ज़रूरी होने पर, यहाँ दिए गए केस डिस्क्रिप्शन को इस तरह पेश किया गया है कि इसमें शामिल लोगों को अनाम रखा जा सके. ऐसा करने के लिए इसमें लोगों की पहचान कर सकने वाली निजी जानकारी को हटाया जाना भी शामिल है.

आज घोषित किया गया हर केस पाँच-सदस्यीय पैनलों को सौंपा गया है और हर पैनल में उस क्षेत्र का कम से कम एक मेंबर शामिल है, जिस क्षेत्र के कंटेंट पर सुनवाई होनी है. बोर्ड को यह उम्मीद है कि वह हर केस पर अपना फ़ैसला देगा और फिर Facebook उनके फ़ैसले को 90 दिनों के भीतर अमल में लाएगा. इस समयसीमा में अनुवाद के लिए लगने वाला समय और इसके साथ ही Facebook, यूज़र और ओवरसाइट बोर्ड द्वारा केस की पूरी तैयारी में लगने वाला समय भी शामिल है, ताकि केस में शामिल हर पक्ष को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके.

इन केसों पर बोर्ड द्वारा एक बार फ़ैसला कर लेने के बाद, Facebook को हमारे फ़ैसलों को लागू करना होगा, साथ ही साथ उसे बोर्ड द्वारा पॉलिसी के संबंध में दिए गए अतिरिक्त सुझावों पर भी सार्वजनिक रूप से जवाब देना होगा.

केसों का चयन करने, उन पर विचार-विमर्श करने और फ़ैसले लेने के प्रोसेस के बारे में आपको और जानकारी यहाँ से मिल सकती है.

पब्लिक कमेंट

बोर्ड इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि केस रिव्यू करने की प्रक्रिया में थर्ड पार्टी के अलग-अलग तरह के नज़रियों को जगह दी जाए. अपनी पब्लिक कमेंट प्रोसेस के ज़रिए हम विषय-वस्तु के जानकारों और केस में दिलचस्पी लेने वाले अन्य समूहों को ऐसी प्रासंगिक जानकारी शेयर करने के लिए आमंत्रित करते हैं, जिनसे उस ख़ास केस पर विचार-विमर्श करके फ़ैसले लेने में मदद मिल सके.

जैसे-जैसे बोर्ड का काम आगे बढ़ेगा, हम शामिल होने वाले के फ़ीडबैक को सुनकर पब्लिक कमेंट की प्रोसेस को दोबारा देखेंगे और उसे बेहतर बनाएँगे. अपने पहले राउंड के केस के लिए हमने यह सुना है कि शामिल होने वाले, कमेंट करने के लिए ज़्यादा समय चाहते हैं. इसीलिए हम पब्लिक कमेंट की अवधि को 10 दिनों तक बढ़ा रहे हैं. इसके अलावा, आज प्रकाशित हुए केस डिस्क्रिप्शन के साथ हम उन क्षेत्रों में पब्लिक कमेंट के मार्गदर्शन में मदद के लिए कुछ सवाल दे रहे हैं, जिनमें बोर्ड खास इनपुट पाना चाहता है.

अगर आपको या आपके संगठन को लगता है कि आप ऊपर बताए गए किए गए केस के बारे में हमें ऐसे ज़रूरी नज़रिए दे सकते हैं, जिनसे हमें फ़ैसले लेने में मदद मिलेगी, तो ऊपर दिए गए लिंक के ज़रिए आप अपनी बहुमूल्य राय सबमिट कर सकते हैं. भविष्य में आने वाले केस और उन केस के लिए पब्लिक कमेंट प्रोसेस की शुरुआत होने के बारे में ईमेल अपडेट पाने के लिए आप यहाँ साइन अप भी कर सकते हैं.

आज घोषित किए गए केसों के लिए पब्लिक कमेंट विंडो 10 दिनों के लिए खुली रहेगी और यह 8 फ़रवरी, सोमवार को UTC के अनुसार दोपहर 3 बजे बंद हो जाएगी.

[05.02.21 को UTC अनुसार शाम 4:30 बजे का अपडेट- इन केसों से जुड़े बोर्ड के कार्य में शामिल होने की इच्छा रखने वाले लोगों और संगठनों की बढ़ती दिलचस्पी को देखते हुए हम पब्लिक कमेंट सबमिट करने की समय सीमा को बढ़ाकर 12 फ़रवरी, शुक्रवार को UTC के अनुसार दोपहर 3:00 बजे तक कर रहे हैं.]

कृपया ध्यान दें कि आज पेश किए गए केस के डिस्क्रिप्शन, यूज़र्स और Facebook द्वारा बोर्ड को आज तारीख तक दी गई जानकारी पर आधारित हैं और इन्हें पैनलों द्वारा विचार-विमर्श शुरू किए जाने से पहले पोस्ट किया जा रहा है, ताकि पब्लिक कमेंट के लिए पर्याप्त समय मिल सके. ये विवरण न तो केस को लेकर बोर्ड का आकलन दर्शाते हैं, न ही पॉलिसी से संबंधित वैसी समस्याओं को सामने रखते हैं, जिनके बारे में पैनल यह विचार कर सकता है कि वे केस से जुड़े हुए हैं. पैनल केस से संबंधित अतिरिक्त जानकारी पोस्ट करने का फ़ैसला कर सकता है. ऐसा करने के लिए पैनल कमेंट के सबमिशन की नई समयसीमा भी तय करेगा.

इसके बाद क्या होगा

आने वाले हफ़्तों में, बोर्ड के सदस्य इन केस पर विचार-विमर्श करेंगे. जब वे अपने आखिरी फैसले पर पहुँच जाएँगे, तब हम उन्हें ओवरसाइट बोर्ड की वेबसाइट पर पोस्ट करेंगे.

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