बोर्ड द्वारा, कम्युनिटी नोट्स रोलआउट के लिए देश-स्तरीय कारक प्रदान किया जाना
26 मार्च 2026
आज, बोर्ड ने Meta के मार्गदर्शन के अनुरोध के जवाब में, पॉलिसी से संबंधित एक सलाह प्रकाशित की है। इसमें उन विशिष्ट कारकों पर चर्चा की गई है, जिन्हें कंपनी को यह तय करते समय ध्यान में रखना चाहिए कि क्या अमेरिका के बाहर कम्युनिटी नोट्स के नियोजित विस्तार से किसी देश को बाहर रखा जाना चाहिए।
पॉलिसी से संबंधित सलाह का कार्यकारी सारांश नीचे पढ़ें। पूरा संस्करण पढ़ने के लिए, यहां क्लिक करें।
कार्यकारी सारांश
ओवरसाइट बोर्ड का मानना है कि यदि कम्युनिटी नोट्स को पर्याप्त पैमाने, गति और हेरफेर के खिलाफ सुरक्षा उपायों के साथ लागू किया जाता है, तो यह यूज़र की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बढ़ा सकता है और Meta के प्लेटफ़ॉर्म पर ऑनलाइन संवाद में सुधार कर सकता है। हालांकि, कुछ खास परिस्थितियों में – जिनमें मानवाधिकारों का दमन करने वाले शासन, विशेष चुनावी संदर्भ और चल रहे संकट एवं संघर्ष की स्थितियां शामिल हैं – अमेरिका के बाहर के देशों में कम्युनिटी नोट्स का विस्तार करने से गंभीर मानवाधिकार जोख़िम भी पैदा हो सकते हैं और यह उन वास्तविक नुकसानों में योगदान दे सकता है, जिन्हें टालना या सुधारना Meta की ज़िम्मेदारी है।
बोर्ड इस बात को लेकर भी चिंतित है कि भ्रामक जानकारी फैलाने वाले समन्वित नेटवर्क, कम्युनिटी नोट्स का दुरुपयोग कर सकते हैं, और यह जोख़िम भी है कि कुछ विशेष संदर्भों में कम्युनिटी नोट्स, प्रमुख राजनीतिक, जातीय या भाषाई समूहों को बढ़ावा दे सकते हैं और अल्पसंख्यक समूहों को हाशिए पर डाल सकते हैं।
इन संभावित मानवाधिकार जोख़िमों की संभावना और गंभीरता, और उनका उचित शमन, काफी हद तक प्रत्येक संदर्भ में कम्युनिटी नोट्स उत्पाद की रूपरेखा और कार्यक्षमता पर निर्भर करता है। इनमें से कुछ जोख़िमों के संबंध में Meta के शमन उपायों की प्रभावशीलता और पर्याप्तता – उदाहरण के लिए, योगदानकर्ताओं की अनामिकता सुनिश्चित करने और सिस्टम से छेड़छाड़ से बचाव के लिए – को एक सतत डेटा-संग्रह और रिपोर्टिंग प्रक्रिया के माध्यम से सत्यापित करने की आवश्यकता होगी, जिससे यह समझा जा सके कि व्यवहार में कम्युनिटी नोट्स कैसे कार्य करता है।
इसके अतिरिक्त, जहां तक Meta द्वारा कम्युनिटी नोट्स को ऐसी गलत जानकारी से निपटने के अपने प्रमुख साधन के रूप में देखने की बात है, जो कंटेंट को हटाने की उसकी तय सीमा से कम है (यानी, जहां आसन्न शारीरिक नुकसान के जोख़िम में योगदान की संभावना नहीं होती या राजनीतिक प्रक्रियाओं के कामकाज में हस्तक्षेप की संभावना नहीं होती), तो बोर्ड का मानना है कि कार्यक्रम की डिज़ाइन, उस लक्ष्य को प्राप्त करने की उसकी क्षमता को सीमित कर सकती है। नोट के प्रकाशन में देरी, प्रकाशित नोट की सीमित संख्या और जानकारी के व्यापक वातावरण की विश्वसनीयता पर इसकी निर्भरता, इस बात पर गंभीर संदेह पैदा करती है कि कम्युनिटी नोट्स, नुकसान से जुड़ी गलत जानकारी से किस हद तक सार्थक रूप से निपट सकता है।
बोर्ड ऐसे मानदंडों का सुझाव देता है, जिनका उपयोग Meta को यह आकलन करने के लिए करना चाहिए कि कब ये मानवाधिकार जोख़िम, किसी विशेष मार्केट में कम्युनिटी नोट्स को रोककर रखने को उचित ठहरा सकते हैं। बोर्ड के सुझाव अनिवार्य रूप से सशर्त हैं, क्योंकि कम्युनिटी नोट्स एल्गोरिदम, वास्तविक स्थितियों में और अन्य गलत जानकारी टूल के संबंध में कैसे कार्य करता है, इसके पर्याप्त परीक्षण और विस्तृत डेटा के बिना, Meta के प्रश्नों का निर्णायक रूप से उत्तर नहीं दिया जा सकता। इसी कारण से, बोर्ड उन मानदंडों से संबंधित, कम्युनिटी नोट्स की कार्यक्षमता के संबंध में निरंतर डेटा एकत्र करने, मूल्यांकन और रिपोर्टिंग का भी सुझाव देता है।
पृष्ठभूमि
19 नवंबर, 2025 को, बोर्ड ने घोषणा की थी कि उसने उन विशिष्ट कारकों पर मार्गदर्शन के लिए Meta के एक अनुरोध को स्वीकार कर लिया है, जिन पर कंपनी को यह तय करते समय विचार करना चाहिए कि क्या अमेरिका के बाहर कम्युनिटी नोट्स के नियोजित विस्तार से किसी देश को बाहर रखा जाना चाहिए, क्योंकि स्थानीय संदर्भ, कार्यक्रम के संचालन को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, Meta ने बोर्ड से पूछा था कि ऐसे कारकों को एक-दूसरे की तुलना में महत्व देने का वह तरीका क्या हो, जिसे कि बड़े पैमाने पर लागू किया जा सके।
अपने अनुरोध में, Meta ने कहा कि कम्युनिटी नोट्स कार्यक्रम "उत्पाद विकास के शुरुआती चरण" में है और कंपनी के पास "अमेरिका में इसका बीटा संस्करण रोलआउट से प्राप्त सीमित डेटा" है। Meta ने इस रोलआउट को "परीक्षण और परिष्करण" की अवधि के रूप में वर्णित किया, जिसके परिणामस्वरूप कम्युनिटी नोट्स का स्वरूप विकसित हो सकता है। इन विचारों के कारण, कंपनी की प्राथमिक रुचि दुनिया भर में इसके कार्यान्वयन के लिए "बुनियादी मार्गदर्शक सिद्धांत" स्थापित करने में है। खास बात यह है कि बोर्ड ने कम्युनिटी नोट्स की अमेरिका में सामान्य प्रभावशीलता का मूल्यांकन नहीं किया है।
बोर्ड ने विभिन्न संदर्भों में, कम्युनिटी नोट्स-शैली के विभिन्न मॉडरेशन सिस्टम (X के सिस्टम सहित) पर डेटा और टिप्पणियों के लिए ब्रिजिंग एल्गोरिदम के तकनीकी विशेषज्ञों, नागरिक समाज संगठनों, पत्रकारों और तथ्य-जांचकर्ताओं सहित कई हितधारकों से परामर्श किया।
7 जनवरी, 2025 को, Meta ने घोषणा की थी कि वह एक कम्युनिटी नोट्स कार्यक्रम शुरू कर रहा है और अमेरिका में अपने तृतीय पक्ष तथ्य-जांच कार्यक्रम को समाप्त कर रहा है। कंपनी ने संकेत दिया कि वह अमेरिका के बाहर के यूज़र के लिए उपलब्ध कराने से पहले, कम्युनिटी नोट्स में सुधार करेगी।
मुख्य निष्कर्ष और सुझाव
संभावित मानवाधिकार प्रभावों पर व्यापक विचार करने के बाद, Meta द्वारा कम्युनिटी नोट्स के रोलआउट में मार्गदर्शन के लिए बोर्ड ने निम्नलिखित देश-स्तरीय कारक विकसित किए हैं:
मानवाधिकारों के दमन के संदर्भों में सुरक्षा उपाय
कम्युनिटी नोट्स, एक सक्रिय और व्यस्त योगदानकर्ता आधार पर निर्भर करता है। इस तरह के कार्यक्रमों को एक मज़बूत नागरिक समाज के बीच सबसे बड़ी सफलता मिली है। आदर्श रूप से, योगदानकर्ता, प्रस्तावित नोट्स के समर्थन के लिए स्वतंत्र मीडिया पर भरोसा करते हैं और उत्पीड़न या प्रतिशोध के डर के बिना भाग लेते हैं।
बोर्ड इस बात पर जोर देता है कि जब तक Meta, प्रतिकूल परिस्थितियों में जोख़िम परीक्षण प्रक्रिया के प्रमाण के साथ मज़बूत और प्रभावी योगदानकर्ता गोपनीयता सुरक्षा, कानून का एन्फ़ोर्समेंट करने वाली एजेंसियों से प्राप्त कम्युनिटी नोट्स डेटा के अनुरोधों को संभालने पर एक स्पष्ट नीति और जोख़िम शमन उपायों का प्रदर्शन नहीं कर देता, तब तक मानवाधिकारों का दमन करने के रिकॉर्ड वाले देशों और कमजोर नागरिक समाजों को शुरुआती रोलआउट से बाहर रखा जाना चाहिए।
चुनावों के दौरान सावधानी बरती जाए
स्वतंत्र मीडिया और अप्रतिबंधित नागरिक समाज वाले, जानकारी के मज़बूत वातावरण में, कम्युनिटी नोट्स, चुनावों के दौरान जानकारी के ऐक्सेस और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए सहायक हो सकते हैं। उन परिस्थितियों के बिना, कार्यक्रम में भ्रामक नोट्स प्रकाशित होने का जोख़िम रहता है, और Meta को सावधानी के साथ आगे बढ़ना चाहिए। जहां राजनीतिक संस्थानों की अखंडता के लिए महत्वपूर्ण जोख़िम मौजूद हैं, और Meta उत्पाद परीक्षण, जोख़िम मूल्यांकन और मानवाधिकारों की उचित जांच के माध्यम से यह निर्धारित करता है कि उसके सुरक्षा उपाय इन जोख़िमों को कम करने के लिए अपर्याप्त हैं, वहां प्रमुख चुनावों से पहले या उनके दौरान कम्युनिटी नोट्स को लागू नहीं किया जाना चाहिए।
भ्रामक जानकारी फैलाने वाले समन्वित नेटवर्क के इतिहास वाले देशों को बाहर रखा जाए
कम्युनिटी नोट्स इस धारणा के तहत काम करता है कि योगदानकर्ताओं का एक पर्याप्त रूप से विविध और स्वतंत्र समूह, कंटेंट का सद्भाव के साथ मूल्यांकन करेगा और आम सहमति के संकेत, विश्वसनीयता के साथ सटीकता का अनुमान लगा सकते हैं। जहां दुर्भावनापूर्ण कर्ताओं ने भ्रामक जानकारी को बढ़ावा देने के लिए बड़ी संख्या में खातों को समन्वित करने की क्षमता का बार-बार प्रदर्शन किया है, वहां यह धारणा सही नहीं भी हो सकती है। इसके बजाय, कम्युनिटी नोट्स के साथ यह जोख़िम है कि वह हेरफेर के खिलाफ सुरक्षा उपाय बनने के बजाय स्वयं हेरफेर का एक जरिया बन जाए। यह जोख़िम तब और अधिक गंभीर हो जाएगा, जब कृत्रिम बुद्धिमत्ता बड़े पैमाने पर इन नेटवर्क के निर्माण और संचालन को सुगम बना देगी।
जब तक कम्युनिटी नोट्स की कार्यक्षमता के बारे में डेटा, ऐसी समन्वित गतिविधि के खिलाफ Meta के शमन उपायों की पर्याप्तता को सत्यापित नहीं कर देता, बोर्ड सुझाव देता है कि भ्रामक जानकारी को जान-बूझकर बड़े पैमाने पर फैलाने के नेटवर्क के ऐतिहासिक पैटर्न वाले देशों को Meta शुरुआत में बाहर रखे। Meta को यहां यह भी विचार करना चाहिए कि क्या कर्ताओं ने जानकारी के ईकोसिस्टम में हेरफेर करने का इरादा प्रदर्शित किया है और क्या उनके पास बड़े पैमाने पर ऐसा करने के लिए तकनीकी विशेषज्ञता है।
संकट या लंबे समय से चल रहे संघर्ष की स्थितियों में इसे लागू न किया जाए
सशस्त्र समूहों, सरकारी कर्ताओं या उनके समर्थकों द्वारा, नोट रेटिंग प्रणाली से छेड़छाड़ के ज़रिए प्रचार को वैध ठहराने के प्रयास, कम्युनिटी नोट्स को समन्वित हेरफेर के प्रति संवेदनशील बना सकते हैं, जो कि चल रहे संकट या संघर्ष की स्थितियों में अत्यधिक जोख़िम पैदा करता है। ऐसी परिस्थितियां, जो समूहों की योगदान देने की क्षमता को बाधित करती हैं, जैसे कि अस्थिर इंटरनेट ऐक्सेस और असुरक्षा, जानकारी की असमानताओं को और बढ़ा सकती हैं। ऐसी परिस्थितियों में, समयबद्धता महत्वपूर्ण है। नोट प्रकाशन में देरी यह दर्शाती है कि कम्युनिटी नोट्स, संकट और संघर्षों में एक अपर्याप्त प्राथमिक सुरक्षा उपाय हो सकता है, विशेष रूप से तब, जब हो सकता है कि हिंसा के लिए उकसाने की सीमा कम हो। विशिष्ट समूहों को निशाना बनाने वाले नोट के कारण 'ऑफलाइन' नुकसान अधिक आसानी से हो सकता है।
संघर्षों में कम्युनिटी नोट्स के प्रदर्शन को लेकर अनिश्चितता और नुकसान के जोख़िम को बढ़ाने की इसकी क्षमता के कारण, बोर्ड का मानना है कि इसे संकट या लंबे समय से चल रहे संघर्ष का सामना कर रहे देशों में लागू नहीं किया जाना चाहिए।
जहां भाषाई जटिलता अधिक हो और Meta, तकनीकी व परिचालन रूप से उसे संभालने में सक्षम न हो, वहां कम्युनिटी नोट्स को लागू करने में देरी की जाए
कम्युनिटी नोट्स के लिए, किसी संदर्भ के भाषाई समूहों के पर्याप्त प्रतिनिधित्व की आवश्यकता होती है। जहां Meta इसे प्राप्त करने में असमर्थ है, उसे कम्युनिटी नोट्स लागू करने में देरी करनी चाहिए। अन्यथा, प्रस्तावित और प्रकाशित नोट में भाषाई असमानताएं पैदा हो सकती हैं या बढ़ सकती हैं, जिससे जानकारी के एक बहुल और विविध स्रोत के रूप में इस कार्यक्रम को नुकसान पहुंचेगा।
इसके अतिरिक्त, कम्युनिटी नोट्स के उपयोग और व्याख्या में संभावित भाषाई और सांस्कृतिक भिन्नताएं हो सकती हैं, जो इस बात को प्रभावित कर सकती हैं कि कौन से नोट प्रकाशित किए जाएं। उदाहरण के लिए, किसी चीज़ को "मददगार" के रूप में रेटिंग देने अर्थ अलग-अलग जगहों पर और शब्द के अनुवाद के आधार पर भिन्न हो सकता है। जिन देशों में Meta को लगता है कि कम्युनिटी नोट्स के फ़ीचर, अभी तक भाषाई जटिलता को समायोजित नहीं कर सकते हैं, वहां इसे लागू करने में देरी करने पर विचार करना चाहिए।
जहां सामाजिक विभाजन और असहमति को सरलता से परिभाषित नहीं किया जा सकता, वहां अत्यधिक सावधानी बरती जाए
X के कम्युनिटी नोट्स एल्गोरिदम की डिज़ाइन स्पष्ट रूप से यह मानती है कि किसी विशेष संदर्भ में असहमति और विभाजन को सरलता से मॉडल किया जा सकता है, जो ध्रुवीकरण का एक एकल माप देती है। Meta ने ऐसी कोई जानकारी प्रदान नहीं की है, जिससे पता चले कि उसका कार्यक्रम इससे अलग होगा। हालांकि, जहां विभाजन और असहमति को एक एकल अक्ष पर आसानी से मॉडल नहीं किया जा सकता, वहां यह संघर्ष की अत्यधिक सरल समझ को पुख्ता कर सकता है, और उन कारकों की अनदेखी कर सकता है, जो एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं (उदाहरण के लिए, राजनीति, जातीयता, धर्म, भाषा और जाति)। व्यवहार में, इससे अल्पसंख्यक दृष्टिकोणों के हाशिए पर जाने का जोख़िम रहता है, क्योंकि बहुसंख्यक समूहों के बीच आम सहमति तक पहुंचने वाले भ्रामक या नुकसानदायक नोट प्रकाशित हो सकते हैं। जहां एल्गोरिदम, संघर्ष और हिंसा को बढ़ावा देने वाले विभाजन को सटीक रूप से पहचानने और उसे "भरने" (उस कंटेंट को प्रोत्साहित करना, जिसे आमतौर पर असहमत दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलती है) का प्रयास नहीं करता है, वहां नुकसान का यह जोख़िम विशेष रूप से बहुत ज़्यादा होता है। इसलिए, बोर्ड सुझाव देता है कि Meta इन परिस्थितियों वाले देशों पर विचार करते समय अत्यधिक सावधानी बरते।
जहां किसी समाज के बारे में कम्युनिटी नोट्स की डिज़ाइन संबंधी धारणाओं और वहां सामाजिक व राजनीतिक विभाजन पैदा करने वाले वास्तविक कारकों के बीच असंतुलन का उच्च जोख़िम है, वहां ऐसे देशों को स्पष्ट रूप से रोलआउट से बाहर करने की आवश्यकता नहीं है। बल्कि, रोलआउट को इस तरह व्यवस्थित किया जाना चाहिए कि विभिन्न संदर्भों में प्रदर्शन परीक्षण की अनुमति मिले, और इसकी शुरुआत उन राजनीतिक, भाषाई और जानकारी के वातावरणों में सावधानी से की जानी चाहिए, जो उन जगहों के समान हैं, जहां Meta के पास पहले से डेटा, पायलट प्रोजेक्ट और जोख़िम शमन उपाय मौजूद हैं।
इंटरनेट ऐक्सेस में लगातार बाधाओं का सामना करने वाले देशों को बाहर रखा जाए
बोर्ड, इंटरनेट ऐक्सेस में लगातार या प्रणालीगत बाधाओं का सामना करने वाले देशों को बाहर रखने का सुझाव देता है, क्योंकि कम्युनिटी नोट्स, इच्छित रूप से कार्य करने के लिए व्यापक, निरंतर और योगदानकर्ताओं की न्यायसंगत भागीदारी पर निर्भर करता है। बुनियादी ढांचे की कमी, उच्च लागत, क्षेत्रीय असमानताओं और विशेष रूप से सरकार द्वारा लगाए गए शटडाउन के कारण योगदानकर्ताओं की सीमित संख्या, कम्युनिटी नोट्स की प्रतिनिधित्व क्षमता के मूल आधार को कमजोर करती है।
महत्व देना
बोर्ड का सुझाव है कि उन कारकों को अधिक महत्व दिया जाना चाहिए, जिनके कारण कम्युनिटी नोट्स नुकसान का जोख़िम पैदा कर सकता है या बढ़ा सकता है, उन कारकों की तुलना में, जहां कार्यक्रम केवल नुकसान के शमन के उपाय के रूप में अपर्याप्त है। इसमें वे सीमाएं शामिल हैं, जहां Meta को तब तक कम्युनिटी नोट्स लागू नहीं करना चाहिए, जब तक वह यह प्रदर्शित न कर दे कि वह इन नुकसानों का शमन करते हुए ऐसा कर सकता है।
Meta द्वारा बोर्ड को, शुरुआती विस्तार के दौरान हर छह महीने में विस्तार के मार्गदर्शन के लिए विकसित मानदंड या जोख़िम मैट्रिक्स प्रदान किए जाने चाहिए, साथ ही इस बात के सबूत भी देने चाहिए कि कार्यक्रम के विस्तार के बारे में देश-स्तरीय फ़ैसलों में इन्हें कैसे लागू किया गया है।
डेटा और रिपोर्टिंग
कम्युनिटी नोट्स के संभावित मानवाधिकार जोख़िम और शमन कार्यनीतियों की पर्याप्तता, संदर्भ के अनुसार उत्पाद की डिज़ाइन और कार्यक्षमता पर निर्भर करती है। Meta ने बोर्ड को, इस कार्यक्रम को किसी मार्केट में लॉन्च करने से पहले, इस कार्यक्रम का परीक्षण करने की अपनी योजनाओं के बारे में बताया। बोर्ड का सुझाव है कि इस परीक्षण का ध्यान, योगदानकर्ता की अनामिकता, भ्रामक जानकारी फैलाने वाले समन्वित अभियानों, सिस्टम के साथ छेड़छाड़, भाषाई प्रतिनिधित्व और योगदानकर्ताओं की भागीदारी से संबंधित जोख़िमों को उजागर करने और उनके शमन पर केंद्रित होना चाहिए। बोर्ड, Meta के कम्युनिटी नोट्स के प्रदर्शन से संबंधित डेटा की पर्याप्त पारदर्शिता, रिपोर्टिंग और शोधकर्ताओं को उसका ऐक्सेस प्रदान करने का आह्वान करता है।
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